पीलीभीत : माधोटांडा रोड पर घायल हालत में मिले भाजपा के कलीनगर मंडल के उपाध्यक्ष शिवराम सिंह यादव और उनके मित्र अतुल श्रीवास्तव की मौत के बाद मंगलवार शाम जमकर बवाल हुआ।

ग्राम प्रधान की चुनावी रंजिश में गोली मारकर हत्या के आरोप के बीच इंस्पेक्टर ने हादसा होना बताया तो लोग भड़क गए।

पहले कोतवाली गेट पर अतुल का शव रखकर नारेबाजी की और फिर असम हाईवे जाम कर तोड़फोड़ की।

मामला बढ़ता देख तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने और इंस्पेक्टर राजेश सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद ही लोग शांत हुए।

गांव धरमंगदपुर के रहने वाले 35 वर्षीय शिवराम और अतुल मंगलवार शाम मंडी समिति के पास घायल हालत में पड़े मिले। उनके सिर में चोट लगी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी पूरनपुर में भर्ती कराया।

कुछ लोगों ने परिवार वालों को बताया कि बाइक से आते वक्त उन्हें कार सवार बदमाशों ने गोली मारी है। वहीं कुछ अन्य ने पूरनपुर की ओर से आ रही कार की टक्कर से घायल होना बताया।

सीएचसी में इलाज के दौरान अतुल की मौत हो गई। वहां से रैफर किए गए शिवराम ने भी जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।

इसके बाद आक्रोशित हुए परिजन और अन्य लोगों ने मामला हत्या का बताते हुए गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

भीड़ ने कोतवाली गेट पर अतुल का शव रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। सीओ कमल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया।

मगर तभी हादसे की बात कहने वाले इंस्पेक्टर राजेश सिंह पर कार्रवाई की मांग रख दी गई।

इस मांग को लेकर भीड़ कोतवाली से असम हाईवे पर सिरसा चौराहा पहुंच गई और जाम लगाकर कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की।

बैनर फाड़कर आग लगा दी। देर शाम तक एसपी बालेंदु भूषण सिंह, एएसपी रोहित मिश्र ने भीड़ में शामिल लोगों से बात कर मामला शांत कराने में जुटे रहे, मगर भीड़ के तेवर कम नहीं पड़े।

बाद में शिवराम के चाचा राजेंद्र सिंह की तहरीर पर वसी उल्ला खां, गुड्डू और चुनन खां के खिलाफ रिपोर्ट लिखे जाने और इंस्पेक्टर राजेश सिंह को हटाए जाने के बाद ही भीड़ शांत हुई। मोहम्मद कासिम को थाने का चार्ज दिया गया है।