अयोध्या में उद्धव बोले- मैं भाजपा से अलग हुआ हिंदुत्व से नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर अयोध्या जाने के मौके पर पार्टी ने शनिवार को कहा कि उसकी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है। अपने पूर्व सहयोगी दल भाजपा पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा कि भगवान राम और हिंदुत्व किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है।
अयोध्या: महाराष्ट्र सरकार के 100 दिन पूरा होने पर अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया। थोड़ी देर में उद्धव ठाकरे परिवार और शिवसेना के नेताओं के साथ रामलला के दरबार में माथा टेकेंगे और हनुमानगढ़ी के दर्शन भी करेंगे।

अयोध्या पहुंचने पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं प्रभु श्रीराम का दर्शन करने आया हूं। जब मैं पहली बार यहां आया था तो कहा था कि बार-बार आऊंगा। डेढ़ साल में तीसरी बार यहां आया हूं। मेरी बहुत इच्छा थी कि सरयू आरती करके जाऊं। लेकिन जिस तरह से कोरोना वायरस का आतंक पूरे विश्वभर में फैला है, इसलिए अगली बार आरती करूंगा।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए महाराष्ट्र की तरफ से एक करोड़ की धनराशि देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि वो दिन याद है जब मेरे पिताजी यहां आए थे। महाराष्ट्र के गांव-गांव से यहां पत्थर भेजे गए हैं।

उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि मैं महाराष्ट्र सरकार की तरफ से विनती करता हूं कि अयोध्या में महाराष्ट्र भवन का निर्माण के लिए हमें यहां जमीन का एक टुकड़ा प्रदान करें, ताकि मराठी लोग जब यहां आएं तो उन्हें रहने की परेशानी न हो।

उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं भाजपा से अलग हुआ हूं, हिंदुत्व से नहीं। भाजपा का मतलब हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व अलग है, भाजपा अलग है।

बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस के खतरे को लेकर उनके दोनों कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत, मुख्यमंत्री के आगमन कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में हैं। राउत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र के आह्वान के बाद भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों को रद्द किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने भी भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों से बचने की अपील की थी।

राउत ने कहा था कि कहीं कोई विरोध नजर नहीं आ रहा है। कोई विरोध करना चाहता है तो वह उसकी भूमिका है। लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है। संत महंत भी राजनीतिक विरोध करने लगे हैं। अच्छी बात है उनमें जागरूकता आई है।

महाराष्ट्र से शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पार्टी के एक नेता को राम मंदिर ट्रस्ट में सदस्य के तौर पर नियुक्त करने की मांग की है। यह ट्रस्ट अयोध्या में मंदिर के निर्माण का कार्य देखेगा।

ठाणे के ओवाला-मजीवड़ा सीट से विधायक सरनाइक ने मंदिर के निर्माण के लिए अभियान चलाने में शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के योगदान का भी जिक्र किया। सरनाइक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शनिवार के अयोध्या दौरे से पहले यह मांग रखी।शुक्रवार को भेजे गए दो पन्नों के पत्र में सरनाइक ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी मंदिर निर्माण के लिए बहुत प्रचार किया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर अयोध्या जाने के मौके पर पार्टी ने शनिवार को कहा कि उसकी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है। अपने पूर्व सहयोगी दल भाजपा पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा कि भगवान राम और हिंदुत्व किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है।

राउत ने कहा सरयू आरती होने वाली थी। लेकिन जिस प्रकार से कोरोना वायरस के डर का माहौल है। प्रधानमंत्री जी ने भीड़ वाले कार्यक्रमों से बचने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्रीजी से भी बात हुई है।

सबका आह्वान है कि भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम से बचा जाए। उसके बाद उद्धवजी से बात हुई है। सरकार की तरफ से जो गाइडलाइन मिली है, उसका अनुपालन होगा। सरयू आरती स्थगित कर दी गई है।

संजय राउत ने बताया कि शिवसेना के करीब दो हजार कार्यकर्ता व सांसद, विधायक भी अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे राममंदिर निर्माण के लिए कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

संजय राउत ने कहा राम मंदिर निर्माण को एक राष्ट्रीय कार्य मान कर एक दिन अयोध्या आना चाहिए। सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए। यही मेरी सभी राजनीतिक दलों व व्यक्तियों से अपील है।

क्या राहुल गांधी भी रामलला के दर्शन करेंगे, इस सवाल पर राउत ने कहा राहुल जी श्रद्धालु हैं, उनकी आस्था है। मैं चाहूंगा कि असददुद्दीन ओवैसी, ममता दीदी, आंध्र प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री भी यहां आएं। भगवान राम सभी के हैं।