Love Story: अमेरिकी उपन्यासकार बनी भारतीय बहू - Tez News
Home > India > Love Story: अमेरिकी उपन्यासकार बनी भारतीय बहू

Love Story: अमेरिकी उपन्यासकार बनी भारतीय बहू

दमोह : कभी आपने सुना हैं की उपन्यास पढ़ने का शौक के चलते किसी ने उसी उपन्यासकार से शादी रचा ली हो जिसके उपन्यास को वह बेहद पसंद करता हो। जी हां ऐसा ही एक मामला आज हम को बताने वाले है। जिसमें एक विदेशी उपन्यासकार पर देशी युवक का दिल आ गया फिर क्या बज गई इश्क वाली शहनाई और लग गए भारतीय संस्कृति के अनुसार लगन। क्या हैं पूरा मामला आए आप को बताते हैं।

दरअसल, ये कहानी है अमेरिकी युवती मिलेंडा और भारतीय युवक प्रतीक पांड्या की। ये दोनों भारतीय रीति रिवाज से शादी कर हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गए। मिलेंडा को भारतीय संस्कृति इतनी पसंद आई कि उसने न केवल भारतीय दूल्हा पसंद किया, बल्कि अपनी शादी भी भारतीय रीति-रिवाज से की। बुंदेलखंड का बांदकपुर आज इस बदलाव का गवाह बना। मिलेंडा ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के साथ ही विदेशी पहनावा, खान-पान भी छोड़ दिया।

बांदकपुर में जागेश्वरनाथ के गर्भगृह में मिलेंडा ने प्रतीक पंड्या के साथ वैवाहिक रस्में पूरी कीं। सबसे ज्यादा अच्छी उन्हें मांग भराई की रस्म लगी। अग्नि के चारों ओर फेरे और रस्मों को इस जोड़े ने खूब इंजॉय किया। मिलेंडा ने कहा-वह खुश है, उसने साक्षात ईश्वर के समक्ष अपने जीवन का हम सफर चुना है।

वह प्रतीक के साथ पूरा जीवन बनारस में शिवभक्ति करते हुए साथ गुजारेंगी। मिलेंडा के पिता वॉल्टर की गैर मौजूदगी में कन्या पक्ष की भूमिका पूर्व मंत्री राजा पटैरिया व उनकी पत्नी वकुल पटैरिया व आनंद पटैरिया ने निभाई। विवाह समारोह की खुशी में मिलेंडा बैंड बाजों की धुन पर स्वयं डांस करने लगी।

अमेरिका के अलबामा निवासी मिलेंडा जून कैफर एक उपन्यासकार हैं, उनके उपन्यास ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। मिलेंडा के उपन्यास बनारस के युवा कवि प्रतीक पंड्या को काफी पसंद हैं। प्रतीक ने मिलेंडा को ईमेल के जरिए संपर्क किया। इसके बाद चैटिंग, फिर दोस्ती, फिर वैवाहिक डोर में बंधे। एक दूसरे को समझने और जन्म-जन्म का साथ निभाने के लिए वैवाहिक डोर में बंध गए। प्रतीक ने चित्रकूट के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए मिलेंडा को बुलाया था। वह समारोह में पहुंची और प्रतीक के परिवार में भारतीय नारियों की जीवन शैली से अभिभूत हो गईं।

मिलेंडा ने बताया कि वह अब भारतीय गृहिणी के रूप में धार्मिक माहौल में जीवन निर्वाह करेंगी। यह भूमिका दुनिया में सबसे जुदा है। मिलेंडा की सास और प्रतीक की मां वरुणा पांडया ने कहा कि मुझे मिलेंडा की फर्राटेदार अंग्रेजी समझ आती है। उसे बहू के रूप में स्वीकार करने में बड़ी खुशी महसूस हो रही है। हमारी यही इच्छा है कि बच्चे खुश रहें।

Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com