उन्नाव कांड : पीड़िता की वकील के साथ अश्लील चैट वायरल

उन्नाव कांड मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता और उसके वकील के बीच अश्लील बातचीत होती थी। दोनों के बीच हुई व्हॉट्सऐप चैटिंग का प्रिंटशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर पर्सनल चैट वायरल होने के बाद मृतका के वकील महेश सिंह राठौर ने मीडिया से बात की।

वकील ने कहा कि वह पीड़िता के कैरेक्टर को चेक करने के लिए उसने कई बार व्हॉट्सऐप चैटिंग और कॉल किया था।

वकील ने कहा, ये चैट 6-7 महीने पहले का होगा। चूंकि वो मेरी क्लायंट थी तो तमाम तरीके की बात होती रहती थी और जो आरोपी थे उनके तमाम रिलेटिव रायबरेली सिविल कोर्ट में प्रेक्टिस करते हैं। तो उन लोगों ने कहा कि अगर हो सके तो कम्प्रोमाइज हो जाए तो लड़की से बात करिए, तो चैट वही है। और जो इन लोगों ने कहा था वही लड़की से बताया गया था।

लड़की ने बीच में कम्प्रोमाइज का मन बनाया था, लड़की भी परेशान हो गई थी। सोचा था सुलह हो जाएगी तो कर लेंगे, बहुत परेशान हो गए। थोड़ा बातचीत चली थी, उसके बाद सुलह नहीं हो पाई तो बात खत्म हो गई।

वकील ने बताया कि इसके साथ जब रेप का मामला हुआ था और एफआईआर नहीं लिखी गई तो एक एसएन मौर्या एडवोकेट हैं, वो पीड़िता के वकील थे। थोड़ा सा वो आउट साइड कामों में बिजी थे तो उन्होंने हमें इंगेज किया था। 156/3 होने तक हम लोग उसमें वकील थे। अक्सर एप्लीकेशन लिखवाने आदि कामों से वो मेरे पास आती थी।

बता दें, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि शिवम त्रिवेदी नाम के शख्स ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और फिर रायबरेली ले जाकर रेप किया।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि त्रिवेदी ने मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो बना लिया था, जिसे वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार रेप करता रहा।

युवती ने कहा कि शिवम ने कई शहरों में ले जाकर उसके साथ रेप किया। पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया लेकिन शिवम नहीं माना। 5 मार्च 2018 को परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म के दो आरोपियों शिवम और शुभम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों 3 दिसंबर को जमानत पर बाहर आए थे।

5 दिसंबर को मुख्य आरोपी सहित चार लोगों ने उस वक्त जलाकर मार देने की कोशिश की, जब वो अपने घर से कोर्ट जा रही थी। 90 फीसदी जल चुकी पीड़िता को बेहद गंभीर हालत में जिले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से बाद में उसे लखनऊ के एक अस्पताल में ले जाया गया।

हालत बिगड़ने पर पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने करीब 48 घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया।