UP : गरीब को अन्न एवं धन की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा – कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने बताया कि जनधन खाताधारको को 500 रुपये अगले तीन माह तक दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे लगभग प्रदेश की 20 करोड़ से अधिक जनता को इस लॉकडाउन की स्थिति से राहत मिलेगी।


लखनऊ : कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन के आदेश के बीच यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए 1 लाख 70 हजार करोड़ के पैकेज के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ प्रदेश के गरीब तबके को मिलने जा रहा है, जिनकी संख्या लगभग 8 करोड़ है। भारत सरकार द्वारा जारी किये गये इस पैकेज से किसी गरीब को अन्न एवं धन की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि रबी की फसलों की कटाई कुछ दिनों में शुरू होने वाली है। जिलों में हार्वेस्टर तथा श्रमिकों द्वारा फसलों की सुरक्षित कटाई की व्यवस्थाओं के लिए व्यवस्था की जाएगी।

जायद फसलों तथा वसंत कालीन गन्ना की बुवाई के लिए बीज, उर्वरक, पेस्टिसाइड आदि की आपूर्ति आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।

साथ ही गन्ना की मिलों को बेरोकटोक आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। सरकार द्वारा गेहूं की खरीद की तैयारी की गई है सरकार किसानों की समस्यायों के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि इस पैकेज के अंतर्गत मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गयी है।

साथ ही प्रदेश के गरीबों को अनुमन्य राशन के अतिरिक्त निःशुल्क 5 किलो गेंहू या 5 किलो चावल और 1 किलो दाल दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

उज्ज्वला योजना के तहत आने वाली महिलाओं को 3 माह तक मुफ्त सिलेंडर दिए जाने का फैसला लिया गया है। वृद्धजन एवं निराश्रित महिलाओं को आगामी 3 माह के लिए 1-1 हजार रुपये अतिरिक्त पेंशन दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है।

कृषि मंत्री ने बताया कि जनधन खाताधारको को 500 रुपये अगले तीन माह तक दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे लगभग प्रदेश की 20 करोड़ से अधिक जनता को इस लॉकडाउन की स्थिति से राहत मिलेगी।

राहत पैकेज के अंतर्गत हेल्थ वारियर्स को 50 लाख का मेडिकल बीमा की सुविधा अनुमन्य की गई है, जिसका लाभ 20 लाख मेडिकल कर्मियों को मिलेगा।

इसके अतिरिक्त रजिस्टर्ड 63 लाख स्वयं सहायता समूहों को एनआरएलएम के माध्यम से 10 लाख रुपये के स्थान पर 20 लाख रुपये दिए जाएंगे।