Home > Election > यूपी विधानसभा चुनाव 2017: टिकट को लेकर छिड़ी जंग

यूपी विधानसभा चुनाव 2017: टिकट को लेकर छिड़ी जंग

uttar-pradeshफतेहपुर- उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव को अभी एक साल बाकी है | लेकिन सभी राजनितिक पार्टियों के दावेदारो ने अपने अपने टिकट को लेकर अभी से ही दावेदारी करने में लगे है कोइ तो टिकट फिक्स होने पर खुशी जाहिर कर रहा है तो कोइ एक दुसरे का टिकट कटवाने के फ़िराक में है तो कोइ टिकट के लिए पार्टी को करोड़ो रुपैय चन्दा के तौर पर देने के लिए तैयार है |

कुछ ऐसा ही नजारा फतेहपुर जिले के हुसेनगंज विधान सभा में देखने को मिल रहा है | 2012  के विधान सभा चुनाव में ऐसा ही मुंबई के रहने वाले खरबपती मो० आसिफ (वर्तमान विधायक बसपा ) ने चुनाव लड़ने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती को टिकट के नाम पर एक करोड़ रुपैय व अपने करीबी माने जाने वाले नेता नसीम उद्दीन सिद्दीकी को 40  लाख रुपैय की एक वीआईपी चार पहिया वाहन बतौर चंदा के रूप में दिया था | हालाकि यह बसपा के लिए कोइ नयी बात नहीं है | हर बार पार्टी चंदा के नाम पर लोगो से करोडो रुपैय की वसूली कर लेती है |

वही हुसेगंज विधान सभा सीट से टिकट को लेकर काफी गहगाह्मी का माहौल बना हुआ है | भले ही सपा ने हुसेनगंज से मो सफीर को कर्मठ्सील, संघर्ससील कार्यकर्त्ता समझकर टिकट देकर हरी झंडी क्यों न ही दिखा दिया हो लेकिन वहीं दो लोगो के नाम और आ जाने से मो सफीर के टिकट को लेकर लोगो के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहता है |

हालाकि लोगो का ये भी मानना है की रफेराना मो अजाम के बहुत करीबी माने जाते ये है तो शायद एस बार फिर उनको टिकट मिल जाए | वही कुछ लोगो का ये भी मानना है की विपिन यादव को बिरादरी नाते एस विधान सभा से टिकट मिल सकता है | कुलमिलाकर अभी यह कहना ठीक नहीं होगा की सपा से किसका टिकट कट सकता है और किसको मिल सकता है |

जब तेज़ न्यूज की टीम ने मो० सफीर से राफेराना की भूमिका के बारे में बात की टिकट के मतभेद को लेकर तो उन्होंने कहा कि “२०१२ के विधान सभा चुनाव में टिकट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में मतभेद जरूर पैदा हुए थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा| रफेराना जी हमारे चुनाव प्रसार व् प्रचार में पूरे दिल के साथ लगे है | अब पार्टी कार्यकर्ताओ के बीच ऐसा कोई किसी भी तरह का विवाद नहीं है | इस बार हुसेनगंज विधान सभा की सीट हम लोग भरी मतों से जीतकर लखनऊ जायेंगे |”

लेकिन अब देखना यह दिलचस्प होगा की २०१२ के विधान सभा चुनाव में मो० सफीर के द्वारा रफेराना का विरोध किये जाने पर क्या इस बार राफेराना पार्टी हाईकमान के द्वार दिए गए आदेशो का पालन करते हुए मो सफीर का चुनाव में समर्थन करेंगे या नहीं | फिलहाल ये तो आने वाला समय ही बताएगा |

रिपोर्ट- @सरवरे आलम

Facebook Comments

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .