यूपी: चौथा बजट पेश, युवाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा को तरजीह, कोई नया टैक्स नहीं

लखनऊ: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा में अपना चैथा बजट पेश किया। योगी सरकार के दूसरे वित्त मंत्री के रूप में सुरेश कुमार खन्ना ने वर्ष 2020-21 के लिए पांच लाख करोड के बजट में युवाओं के विकास के साथ ही सामाजिक सुरक्षा को खासी तरजीह दी गयी है। पांच लाख बारह हजार आठ सौ साठ करोड बहत्तर लाख रूपए के बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। साथ ही नयी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 10,967,87 करोड का प्राविधान किया गया है। इस बार के बजट में सरकार के ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में युवाओं पर खास ध्यान केन्द्रित किया है। इसमें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था। 2018-19 का बजट औद्योगिक विकास व 2019-20 महिला सशक्तीकरण करने वाला था। 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, संवर्धन और रोजगार को समर्पित है। बजट में प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार तथा रोजगार से जोड़ने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और युवा उद्यमिता विकास अभियान (युवा) प्रारम्भ किये जाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था जबकि हर जिले में युवा हब की स्थापना के लिये 50 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। इसके क्रियान्वयन के फलस्वरूप प्रदेश के युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जायेगा। युवाओं को मिलने वाले कुल भत्ते में से 1500 रुपये प्रतिमाह की धनराशि केन्द्र सरकार तथा 1000 रुपये प्रतिमाह की धनराशि राज्य सरकार और शेष धनराशि सम्बन्धित उद्योग द्वारा वहन की जायेगी। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के संचालन से प्रदेश के उद्योगों को कुशल कारीगर तथा युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार भी प्राप्त होगा। प्रस्तुत बजट मे युवा उद्यमिता विकास अभियान (युवा) योजना में 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी तरह लाखों की संख्या में प्रशिक्षित युवाओं को युवा उद्यमिता विकास अभियान (युवा) योजना के द्वारा रोजगार से स्वावलम्बन की ओर बढ़ाने हेतु अभिनव पहल की गई है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में युवा हब स्थापित किया जाएगा, जो इच्छुक युवाओं को परियोजना, परिकल्पना से लेकर एक वर्ष तक परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता प्रदान करेगा। लगभग 1 हजार 200 करोड़ रुपये की धनराशि, जो युवाओं के लिए विभिन्न स्वतः रोजगार योजनाओं में राज्य को उपलब्ध है। इस युवा हब के माध्यम से ये योजनायें समेकित रूप से क्रियान्वित की जायेंगी। यह योजना एक लाख से अधिक युवाओं को स्वावलम्बन की ओर ले जाएगी। प्रत्येक जिले में युवा हब की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत दो लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट प्रस्तावों को पढ़ने के दौरान सत्तारूढ़ दल के सदस्य मेज थपथपा कर सरकार की हौसलाफजाई कर रहे थे। बजट आकलन में 12,302.19 करोड़ रूपये का घाटा दर्शाया गया है जिसके अनुसार राजस्व संग्रह 5,00,558.53 करोड़ रूपये के मुकाबले कुल खर्च 5,12,860.72 करोड़ रूपये होगा। हालांकि सरकार का दावा है कि समेकित कोष और अन्य जमा पूंजी को समायोजित करने के बाद घाटा 3,802.19 करोड़ रूपये ही रह जायेगा। इसमें पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की शेष धनराशि 22,322.87 को जोड़ने के बाद यह आंकड़ा 18,520.68 करोड़ रूपये का लाभ दर्शायेगा।

पेश किए गए बजट के अनुसार वर्ष 2020-21 के दौरान जीएसटी,सर्विस टैक्स,और वैट से 91हजार 568 करोड जुटाये जायेंगे जबकि स्टांप एवं रजिस्टेशन से 23 हजार 197 करोड और वाहन कर से 8650 करोड का राजस्व इकट्ठा किया जाएगा। बजट में बुनियादी क्षेत्र को लेकर योगी सरकार का रूख काफी नरम दिखाई दिया। सरकार ने दो हजार करोड जेवर अन्र्तराष्ट्रीय हवाई अड्ड्े के लिए और इतनी ही धनराशि मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे के लिए रखी है। बजट में कानुपर मेट्रो के निर्माण के लिए 358 करोड बनारस, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के लिए 500 करोड तथा आगरा मेट्रो के लिए पांच सौ करोड तथा आगरा मेट्रो के लिए 286 करोड का प्राविधान किया गया है। योगी सरकार ने सत्तारूढ होने के बाद जिस तरह भगवान राम की जन्मभूमि के प्रति अपनी आस्था दिखाई उसकी झलक इस बार के बजट में देखने को मिली। अयोध्या में पर्यटन के विकास केलिए वहां हवाई अड्डृे के लिए पांच करोड और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के लिए 92,50 करोड की व्यवस्था की गयी है। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ने पर्यटक सुविधाओं के लिये 85 करोड़ रूपये, अयोध्या में तुलसी स्मारक भवन के लिये 10 करोड़ रूपये, वाराणसी में सांस्कृतिक केन्द्र के लिये 180 करोड रूपये और काशी विश्वनाथ कारीडोर के लिये 200 करोड़ का इंतजाम बजट में किया है। दिल्ली और मेरठ के बीच क्षेत्रिय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली के लिए बजट में नौ सौ करोड की व्यवस्था की गयी है। बजट में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए राज्य सरकार ने मूलभूत ढांचे के विकास के लिए 783 करोड के अलावा शिक्षा सुविधाओं को उन्नत बनाने के लिए 479 करोड का प्राविधान किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी वहीं प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय और लखनऊ में पुलिस फोरेसिंक विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। सड़कों के निर्माण लिये सरकार 2305 करोड़ रूपये खर्च करेगी वहीं सड़कों की मरम्मत के लिये 3524 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। बजट में न्यायालयों के निर्माण के लिये 400 करोड़ और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में नयी इमारत के निर्माण के लिये 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुये सरकार ने बलिया लिंक एक्सप्रेस वे के लिये 200 करोड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिये इतनी ही धनराशि बजट में आवंटित की है जबकि लखनऊ में 50 करोड़ रूपये खर्च कर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की स्थापना की जायेगी। सरकार ने पूर्वांचल विकास निधि के लिये 300 करोड़ रूपये आवंटित किये है जबकि बुंदेलखंड विकास निधि के लिये 210 करोड़ रूपये का इंतजाम बजट में किया गया है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना के लिये 1200 करोड़ रूपये, निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिये 1432 करोड़ रूपये और राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिये चार हजार करोड़ रूपये का प्रबंध किया है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिये 100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है सरकार ने हर मंडल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना के लिये 270 करोड़ रूपये की व्यवस्था बजट में की है वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लगभग पौने दो घंटे में अपना बजट भाषण पूरा किया। इस दौरान सदन में विपक्ष के सदस्य भी मौजूद थे। बजट भाषण के बाद भोजनाकाश के लिए कुछ देर स्थगित रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यपाल के अभिभाषण पर जारी चर्चा में सपा के अंबरीश पुष्कर, भाजपा के सुचिता स्मिता, राज्यमंत्री अतुल गर्ग, सपा के अमिताभ बाजयेयी हिस्सा लिया।
@शाश्वत तिवारी