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यूपी: नीतीश कुमार के खिलाफ हुए नेता

लखनऊ- जनता दल यू द्वारा यूपी में विधान सभा चुनाव न लड़ने पर यहाँ नेताओ में गहरा असन्तोष व आक्रोश व्यक्त है। चुनाव न लड़ने से स्थानीय स्तर पर नेताओं में मायूसी है और ये नेता अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं I केंद्रीय नेतृत्व द्वारा चुनाव न लड़ने का निर्णय और स्पष्ट सन्देश न देने के कारण कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है।

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जनता दल यू यूपी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला/महानगर अध्यक्षों, सभी प्रकोष्ठों के प्रमुख पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर सम्पन्न हुई I बैठक की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन भैया ने किया !

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यहाँ मौजूद सभी नेता यूपी के अध्यक्ष के निर्णय के साथ हैंI बैठक को सम्बोधित करते हुए सुरेश निरंजन भैया ने कहा कि नीतीश बाबू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहले सम्बोधन में उन्होंने कहा था कि हम पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं और बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी पार्टी के कार्यक्रम चलाकर पार्टी को विस्तार दिया जाएगा।

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इसी क्रम में पार्टी का उप्र में विस्तार करने के लिए कई रैलियां कीI इन रैलियों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यही आश्वासन दिया कि पार्टी उप्र में विधानसभा चुनाव लड़ेगी जिसका रैली में उपस्थित जनसमूह ने स्वागत किया और आश्वस्त हुए कि प्रदेश में बिहार की तरह ही कोई गठबंधन बनेगा जो कि यहाँ विकल्प देने का काम करेगा I

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इन बातों से प्रभावित होकर पार्टी की नीतियों में आस्था व्यक्त करते हुए तमाम लोगों ने पार्टी में आना शुरू किया और नेतृत्व द्वारा बहुत लोगों को अपने -अपने विधान सभा में चुनाव की तैयारी करने के संकेत दिए गए जिससे उन लोगों ने अपने साधनों से पार्टी का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया लेकिन उप्र विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद पार्टी नेतृत्व ने अचानक चुनाव न लड़ने का फैसला लेकर सभी निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सकते में डाल दिया और कारण बताया गया कि उप्र में पार्टी चुनाव लड़ेगी तो साम्प्रदायिक शक्तियों को ताकत मिलेगी और धर्म निरपेक्ष्य ताकतें कमजोर होंगी I

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इस निर्णय से कार्यकर्ता उदासीन एवं दिशाहीन हो गया ऐसी स्थिति में मैंने उप्र पार्टी के कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और दिशा देने एवं स्थायित्व हेतु उप्र पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशविरा कर यह निष्कर्ष निकाला कि भाजपा से उप्र में केवल समाजवादी कांग्रेस गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ रहा है तथा सपा से समय-समय पर हम लोगों की विलय की बात भी चली है एवं बिहार में कांग्रेस पहले से ही पार्टी के साथ गठबंधन में है इसलिए इस गठबंधन का समर्थन देने का निर्णय कार्यकर्ताओं को गतिशील बनाने हेतु लिया जा सकता है और धर्म निरपेक्ष्यता को बल दिया जा सकता है I

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इसी क्रम में सपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस गठबंधन के लिए समर्थन माँगा जिस पर उक्त बिंदुओं पर विचार करते हुए तथा सपा कांग्रेस के घोषणा पत्र में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बिहार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए समर्थन देना उचित समझा गया I

जिसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केoसीo त्यागी का बयान आया कि हमारी पार्टी उप्र में किसी का समर्थन नहीं कर रही है और इकाई भंग है, मैंने इस बात का जोरदार ढंग से खण्डन किया कि इकाई भंग होने की किसी को भी जानकारी नहीं और हमारे सभी पार्टी के पदाधिकारी एवं जिलाध्यक्ष एकजुट हैं I मेरे गैर संवैधानिक निष्कासन के बाद प्रदेश के सभी पदाधिकारी एवं जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने त्याग पत्र केंद्रीय नेतृत्व को भेजकर इस असंवैधानिक कृत्व की निंदा करते हुए जोरदार खंडन किया I मैं अपने साथियों को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतों का डटकर मुकाबला कर रहें हैं और मेरे साथ खड़े हैं। साथियों हम आगे की रणनीति का खुलासा आप सबसे सलाह मशविरा करके जल्द लेंगे जिससे आप सभी का आत्म सम्मान बरकरार रहेगा I सपा गठबंधन को इस चुनाव में सांप्रदयिकता के खिलाफ पार्टी का समर्थन जारी रहेगा I

बैठक में लगभग 50 जिलों के जिलाध्यक्षों सहित प्रदेश के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे I बैठक में पार्टी में चल रहे वर्तमान घटनाक्रम पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई I
रिपोर्ट- @शाश्वत तिवारी

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