यूपी: यहां बनी तोपें देश और दुनियां में गरजेंगी

लखनऊ: विधान परिषद में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट चर्चा पर बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार बुन्देलखण्ड में हर व्यक्ति को जल्द ही हर घर नल योजना से पीने का पानी मुहैया करायेगी। दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका शिलान्यास कर रहे हैं। इससे जुड़ा डिफेन्स काॅरीडोर बनेगा, जहां बनी तोपें देश और दुनियां में गरजेंगी। उन्होंने कहा कभी अराजकता, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट और अपहरण की पहचान रखनेवाला उत्तर प्रदेश आज चमचमाती सड़कें, जगमगाती बिजली, गांव से लेकर शहरों तक सड़कों के बिछे जाल और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जाना जा रहा है। इसका यह नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश में निजी पूंजी निवेश तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने तीन वर्ष में राज्य में जहां 2.81 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी है वहीं ओडीएफ योजना के जरिये 33 लाख लोगों को रोजगार और स्टार्ट अप से जोड़ा है। राज्य की 23 करोड़ जनता को सुरक्षा का भाव देने के लिए पुलिस कर्मियों की सुविधाएं बढ़ायी है। 1.37 लाख लोगों की पुलिस में भर्ती की है। सपा सरकार में खत्म की गयीं पीएसी की कम्पनियों को फिर से बहाल किया गया है और तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है।

युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान बनाने की योजना है। बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए 1.2 लाख स्कूलों में पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास की व्यवस्था के साथ ही 1.8 करोड़ बच्चों को स्कूल बैग, दो यूनीफार्म और जूते-मोजे उपलब्ध कराये है। मुख्यमंत्री ने सदन मंे सपा की पिछली सरकार पर खूब तंज कसे और कहा तब यूपी में कोई ऐसी संस्था नहीं बची थी जिसपर उस सरकार में हल्ला बोल न हुआ हो। वह चाहे न्यायपालिका रही हो या फिर मीडिया। राम भक्तों पर गोली चला देना क्या ठीक था। उन्होंने नेता विपक्ष अहमद हसन को बेहतर और ईमानदार पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि ये गलत जगह बैठ गये है। समाजवादी कभी सत्य नहीं बोलता। इसपर सपा सदस्य नरेश उत्तम, उदयवीर सिंह, राजेश यादव आदि ने मुख्यमंत्री के भाषण के बीच में ही टोका-टाकी की। मुख्यमंत्री ने पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पिछली सपा सरकार का भ्रष्टाचार रोका। उस सरकार में 15 हजार 200 करोड़ में 110 किमी चैड़ा एक्सप्रेस-वे बनाने का टेण्डर हुआ था, जबकि हम उसी एक्सप्रेस-वे को 11 हजार 800 करोड़ में बना रहे हैं, जिसकी चैडाई 120 मीटर है। इस एक्सप्रेस-वे को हम जनता के लिए इस वर्ष के अन्त तक खोल देंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते दिनों सीएए के मुद्दे पर हुए हिंसक प्रदर्शन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सरकार कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं देगी। जो कानून व्यवस्था बिगाड़ेगा उसके साथ सख्ती से निपटेंगे। सम्पत्ति जलानेवालों से ही उसकी भरपाई भी करेंगे। उन्होंने कहा सरकार ने स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर काम किया है। अमेठी, अलीगढ़ समेत 15 जिलों में नये मेडिकल कालेज खोले जायेंगे। सरकार की कोशिश है कि हर जिले में एक मेडिकल कालेज बने। मेरठ में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय के साथ ही आजमगढ़, सहारनपुर और अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय का निर्माण होगा। श्रमिकों के बच्चों और अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए हर मण्डल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जा रहे है। सरकार ने अब किसानों के साथ बटाईदार को भी बीमा सुरक्षा देने का फैसला लिया है। इससे बटाईदार को पांच लाख तक का लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र से ज्यादा यूपी मे ंचीनी उत्पादन का दावा करते हुए कहा कि राज्य में 1.26 करोड़ लीटर एथनाॅल का उत्पादन होगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा सरकार ने तीन वर्ष में गन्ना किसानों को 89 हजार करोड़ से ज्यादा भुगतान किया है। मौजूदा पेराई सत्र का 6 हजार करोड़ रूपया बकाया है। उन्होंने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चैधरी चरण सिंह के नाम पर राजनीति करनेवाले लोग उनके ही जिले की रमाला चीनी मिल को नया रूप नहीं दे सके थे। हमने यहकरके दिखाया है। हमारी सरकार ने ना किसी चीनी मिल को बेंचा है और ना ही बन्द किया है। हमारी सरकार ने बन्द पड़ी एक दर्जन चीनी मिलों को फिर से चालू किया है। उन्होने कहा जब तक किसान के खेत में गन्ना रहेगा। तब तक चीनी मिलें चलेंगी।

इसके पूर्व शून्य काल में सपा सदस्य परवेज अली ने अमरोहा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। उनका आरोप था कि उक्त अधिकारी पर फोन पर अनुचित बात करने का अरोप। उनका कहना था कि अधिकारी का कहना है कि वह सत्ता पक्ष के सदस्यों का भी फोन नहीं उठाते है। मैं गोरखपुर का रहनेवाला हॅू। श्री अली के प्रकरण पर शिक्षक दल समेत सपा, बसपा, कांग्रेस के सभी सदस्य एकजुट हो अधिकारी को सदन में बुलाकर स्पष्टीकरण मांगने की बात करने लगे। नेता सदन डा0दिनेश शर्मा ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संवैधानिक व्यवस्था के तहत दूसरे का पक्ष सुने बगैर कोई निर्णय नही किया जा सकता। अधिष्ठाता सुरेश त्रिपाठी ने सम्पूर्ण विपक्ष के मनोभाव को समझते हुए संबंधित अधिकारी को कल शुक्रवार सुबह साढे़ नौ बजे सभापति के कक्ष में बुलाने और वहीं स्पष्टीकरण का निर्देश दिया।

इससे पहले प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह ने गोवंश आश्रय स्थल, उनके भरण पोषण और उनकी हो रही मौतों को लेकर पशुधन मंत्री लक्ष्मीनारायण से सवाल किया। मंत्री ने अपने जवाब में कुछ राजनीतिक बातें कहीं जिसका दीपक सिंह ने प्रतिवाद किया। उन्होंने गोरक्षा के नाम पर गोवध का सरकार पर आरोप लगाया। इसपर जनशक्ति मंत्री डा0महेन्द्र सिंह ने कांग्रेस पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगाये। इससे सत्ता पक्ष और कांग्रेस सदस्यों के बीच नोक-झोंक हुयी। बाद में दीपक सिंह और नसीमुद्दीन सिद्दीकी सरकार के जवाब से असंतुष्ट हो सदन से वाकआउट कर गये।
@शाश्वत तिवारी