US soldiers in Afghanistanबगोटा (कोलंबिया) – 2003 से 2007 के बीच कोलंबिया में युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों व मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर्स ने 54 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया था। लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सजा नहीं मिली, क्योंकि यह मामला किसी कोर्ट में नहीं गया। ये सनसनीखेज खुलासा हाल ही में देश के संघर्ष पर जारी एक ऐतिहासिक दस्तावेज से हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोलंबिया संघर्ष के दौरान 7,234 महिलाएं यौन अपराध का शिकार हुई हैं।

800 पेज की इस स्वतंत्र रिपोर्ट में 50 साल लंबे चले सघर्ष और हिंसा के कारणों के बारे में बताया गया है। इसे कोलंबिया सरकार और विद्रोही गुट एफएआरसी द्वारा जारी किया गया है। बगोटा में पेडागोगिक यूनिवर्सिटी के स्कॉलर रेनान वेगा ने भी इस ऐतिहासिक रिपोर्ट को बनाने में काफी मदद की है। उन्होंने संघर्ष के दौरान वामपंथी विद्रोही गुट एफएआरसी और ड्रग ट्रैफिकिंग के खिलाफ लड़ने वाले अमेरिकी सैनिकों पर खास तौर पर ध्यान दिया है। वेगा के मुताबिक, “अमेरिकी सैनिकों द्वारा दर्जनों नाबालिगों का यौन शोषण किया गया। वे इसलिए नहीं पकड़े गए, क्योंकि द्विपक्षीय समझौतों व संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकारियों को राजनयिक छूट हासिल थी।”

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा, “2004 में कोलंबिया के मेलगर शहर में 54 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया गया। इसे मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर्स के ठिकानों पर अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं, कॉन्ट्रैक्टर्स ने बाकायदा इसके वीडियो बनाए और पोर्न इंडस्ट्री को बेचा।”

कोलंबिया के मुख्य समाचार पत्र एल तीएमपो के मुताबिक, नाबालिगों से यौन शोषण के मामले बढ़ने के बाद कई परिवार घर छोड़ने तक को मजबूर हो गए थे। सैनिकों व कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा उन्हें जान से मारने तक की धमकी दी जाती थी। वेगा की रिपोर्ट में शामिल एक मामले ने कोलंबियाई मीडिया का काफी ध्यान खींचा है। इसमें अमेरिकी सार्जेंट माइकल जे कोन और डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर सीजर रुईज के नाम का जिक्र है। दोनों पर 2007 में मिलिट्री बेस के भीतर 12 साल की एक लड़की से बलात्कार का आरोप है। उन पर मुकदमा इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि द्विपक्षीय समझौतों के तहत उन्हें राजनयिक छूट हासिल थी।

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