रस्सियों के साथ लगाई गई 9 इंजीनियरों की ड्यूटी, योगी आदित्यनाथ के रास्ते में ना आएं आवारा गाय-बैल

मिर्जापुर के अलग-अलग स्थानों पर 9 इंजीनियर्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यात्रा के दौरान हाथों में रस्सी लेकर तैनात रहेंगे। सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियन्ता की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि यदि आवारा पशु सड़क पर आएं तो उनका बांधकर रखें ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन में कोई व्यवधान न पड़े।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रास्ते में आवारा गाय-बैल ना आएं, इसके लिए जिला मिर्जापुर में 9 इंजीनियर ड्यूटी पर रहेंगे। गंगा यात्रा में हिस्सा लेने के लिए 29 जनवरी को सीएम आदित्यनाथ मिर्जापुर में रहेंगे। इस दौरान उनके रास्ते में आवारा पशु ना आएं इसके लिए पीडब्ल्यूडी के 9 जूनियर इंजीनियरों को आदेश दिया गया है कि वो रस्सी लेकर अलग-अलग रास्तों पर तैनात होंगे।

मिर्जापुर के अलग-अलग स्थानों पर 9 इंजीनियर्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यात्रा के दौरान हाथों में रस्सी लेकर तैनात रहेंगे। सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियन्ता की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि यदि आवारा पशु सड़क पर आएं तो उनका बांधकर रखें ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन में कोई व्यवधान न पड़े।

आदेश में इंजीनियर के नाम के साथ जगह भी बताई गई है, जहां उनकी तैनाती रहेगी। आदेश के अनुसार पुलिस लाइन मिरजापुर से बिरोही तक 9 तैनात रहेंगे। इनसे 29 जनवरी को 8 से 10 रस्सी लेकर निर्धारित अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने को कहा गया हैं

इस आदेश का इंजीनियर एसोसिएशन ने विरोध किया है। एसोसिएशन की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर कहा गया है कि ये काम प्रशासन किसी और से ये का कराए। पत्र में कहा गया है कि इंजीनियरों को पशुओं को पकड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है। उन्हें ऐसा करते हुए चोट भी लग सकती है।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 27 जनवरी से गंगा यात्रा की शुरुआत की है। गंगा यात्रा बलिया से बिजनौर तक 27 जिलों से होकर गुजरेगी। 27 से 31 जनवरी तक चलने वाली इस यात्रा का समापन कानपुर में होगा।