अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह एक और बयान को लेकर चर्चाओं में हैं।

एक विदेशी मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर कोई भारत की सेना को मोदी जी की सेना कहता है तो यह गलत ही नहीं बल्कि देशद्रोह भी है।

इसके कुछ देर बाद ही वीके सिंह ने इस पर सफाई देते हुए ट्वीट कर ऐसी किसी भी टिप्पणी से इनकार किया है। हालांकि कुछ समय बाद इस ट्वीट को हटा दिया गया।

विदेशी मीडिया संस्थान के मुताबिक, बीजेपी नेता ने इंटरव्यू में कहा है, ‘बीजेपी के प्रचार में सब लोग अपने आप को सेना भी बोलते हैं, लेकिन हम किस सेना की बात कर रहे हैं? क्या हम भारतीय सेना की बात कर रहे हैं या पार्टी के कार्यकर्ताओं की? मुझे नहीं पता क्या संदर्भ है। अगर कोई भारत की सेना को मोदी जी की सेना कहता है तो यह गलत ही नहीं, बल्कि देशद्रोह भी है।’

इस बयान पर विवाद होने के बाद केंद्रीय मंत्री ने ऐसी किसी भी टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि इंटरव्यू लेने वाले रिपोर्टर ने ‘कट-पेस्ट’ करने का काम किया है।

पूर्व सेनाध्यक्ष ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘ऐसा करने के लिए मीडिया हाउस को कितना पैसा मिला?’ हालांकि बाद में वीके सिंह के ट्विटर हैंडल से इस ट्वीट को हटा दिया गया है।