आधार से लिंक होगा वोटर आईडी कार्ड! कानून बनाने की तैयारी में है केंद्र सरकार

नागरिकता संशोधन कानून 2019 के बाद देशभर में पहचान संबंधी दस्‍तावेजों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच खबर आ रही है कि सरकार मतदाता पहचानपत्र को आधार कार्ड से लिंक करने को अनिवार्य बनाने के लिए कानून ला सकती है।

कानून मंत्रालय ने इस बारे में चुनाव आयोग की ओर से मिले सुझाव को मान लिया है। मंत्रालय इस कानून के लिए कैबिनेट नोट तैयार कर रहा है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा।

हालांकि, कानून मंत्रालय ने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा है कि इस प्रक्रिया में डाटा चोरी होने की आशंका खत्‍म करने की व्‍यवस्‍था की जाए।

आधार कार्ड को वोटर आईडी के साथ लिंक करने के लिए कानून मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ हामी भरी है। कानून मंत्रालय की मंजूरी के बाद चुनाव आयोग को वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का कानूनी अधिकार मिल सकता है।

चुनाव आयोग ने इससे पहले फरवरी, 2015 में आधार को मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) से जोड़ने की कवायद शुरू की थी। उस समय एचएस ब्रह्मा मुख्य चुनाव आयुक्त थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), एलपीजी और केरोसिन वितरण में आधार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। इसके बाद यह कवायद रोक दी गई।

हालांकि, इससे पहले ही चुनाव आयोग 38 करोड़ वोटर कार्ड आधार से लिंक कर चुका था।

कानून मंत्रालय की ओर से रिप्रेंजटेशन ऑफ पीपुल एक्ट, 1951 में कुछ बदलाव की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अभी कानून मंत्रालय इस मसले से जुड़े हर पहलू को देख रहा है।

इसके तहत किसी भी व्यक्ति की जानकारी चोरी होने के खतरे को परखा जाएगा। उम्‍मीद की जा रही है कि बजट सत्र में ये कानून आ सकता है।

बता दें कि चुनाव आयोग ने अगस्त 2019 में कानून सचिव को एक पत्र लिखकर जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 और आधार अधिनियम 2016 में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिया था ताकि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से बचा जा सके।

प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, इलेक्‍टोरल रजिस्‍ट्रेशन ऑफिसर (ERO) मतदाताओं से मतदाता लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए उनसे आधार नंबर मांग सकता है।

चुनाव आयोग ने तर्क दिया कि आधार के साथ मतदाता कार्डों की सीडिंग से डुप्लीकेट इंट्री और फर्जी मतदाताओं को बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

संशोधन में यह भी कहा गया है कि आधार नंबर नहीं देने की स्थिति में किसी का नाम न तो मतदाता सूची से हटाया जाएगा और न ही उन्हें इनरॉलमेंट देने से रोका जाएगा।

लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 90 करोड़ वोटर हैं। करीब इतने ही लोगों के पास आधार कार्ड भी है।

इससे पहले सरकार की ओर से आधार कार्ड और पैन कार्ड को लिंक करने का आदेश जारी किया गया था। आधार-पैन को लिंक करने के लिए 31 मार्च 2020 तक की डेडलाइन दी गई है।