Vyapamभोपाल – व्यापमं मामले से जुड़े पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाले में कोर्ट ट्रायल शुरू होते ही पहले अहम गवाह की मौत हो गई। बुधवार को एसटीएफ की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश बीएस भदौरिया की अदालत में उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी संजय कुमार यादव के बयान दर्ज होना थे।

सुनवाई शुरू होते ही जांच एजेंसी ने बताया कि आरक्षक भर्ती परीक्षा-2013 फर्जीवाड़े के गवाह संजय कुमार यादव की मौत हो चुकी है, उसका मृत्यु प्रमाण पत्र एसटीएफ ने पेश किया।

संजय कुमार मूल रूप से बलिया (उप्र) का रहने वाला था और भोपाल में जवाहर चौक में रहता था। एसटीएफ ने इस मामले में हमीरपुर (उप्र) निवासी आरोपी अजहरूद्दीन, नईम और कासिम खान के खिलाफ सीजेएम पंकज सिंह माहेश्वरी की अदालत में मामले का चालान पेश किया था। पिछले दिनों एसटीएफ जब नोटिस तामील कराने संजय के घर पहुंची, तो परिजनों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। साथ ही उन्होंने एसटीएफ को मृत्यु प्रमाण पत्र थमा दिया।

एसटीएफ ने इस मामले में हमीरपुर (उप्र) निवासी आरोपी अजहरूद्दीन, नईम और कासिम खान को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपियों ने व्यापमं के जरिए आरक्षक की नौकरी पाई थी । इन आरोपियों की सागर व मुरैना में आरक्षक के पद तैनाती हो गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। मामले में चालान पेश होने के बाद गवाही का सिलसिला शुरू हुआ था, लेकिन पहले गवाह की मौत की सूचना आ गई।

करीब एक महीने पहले एसटीएफ जब नोटिस तामील कराने संजय के घर पहंुची, तो परिजनों ने बताया कि भोपाल के एक बड़े निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो चुकी है। साथ ही उन्होंने एसटीएफ को मृत्यु प्रमाण पत्र थमा दिया।

गौरतलब है कि व्यापमं घोटाले में एसआईटी द्वारा 33 लोगों की मौत की पुष्टि की जा रही है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि 50 से अधिक मौत हो चुकी हैं। संजय लड़ चुका था चुनाव – संजय यादव कई वर्षों से भोपाल में रह रहा था। पहले वह समाजवादी पार्टी से भी जुड़ा रहा। उसने एक बार विधानसभा का निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। वह राजधानी के एक बिल्डर का भी करीबी था।

 

 

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