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क्या है शिवराज की गरीब के घर रात गुजारने की हकीकत !

चित्रकूट: मध्यप्रदेश में चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव के लिये कांग्रेस और बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद चित्रकूट में तीन दिन से जमे हैं कई सभाएं कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के बाद आराम करने वह तुर्रा गांव में एक आदिवासी के घर पर रूके और वहीं खाना खाया, लेकिन उनके ठहरने के लिए किए गए इंतजामों पर अब विपक्षी दल सवाल उठाने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी हर सभा में कहा कि उन्हें क्षेत्र में रूकने के लिए किसी गेस्ट हाउस की जरूरत नहीं है वो आदिवासी के घर रुककर उनकी समस्याओं को जानना चाहते हैं, लेकिन सीएम तुर्रा गांव के जिस आदिवासी के यहां रात को रुकने वाले थे। वहां सीएम के पहुंचने से पहले ही उनके समर्थकों ने वीवीआईपी इंतजाम कर दिए।

मुख्यमंत्री ने लालमन सिंह गोंड के यहां रात में खाना खाया। खाने की पत्तल में चने का साग, आलू-बैंगन का भर्ता और पूरी का इंतजाम था। उनके वहां पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री के इस्तेमाल की हर चीज पैक कराके मंगवाई गई, कमरे में रंग रोगन हुआ, नया पलंग गद्दे आए और शौचालय भी बनाया गया।

शिवराज सिंह के आदिवासी के घर जाने से पहले वहां सुख सुविधा की काफी चीजें पहले ही पहुंच गई।

हालांकि बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष बाजपेई का कहना है कि ये तस्वीरें लालमन नहीं बल्कि उनके घर के बगल की हैं चूंकि लालमन के घर में पर्याप्त कमरे नहीं थे इसलिये एक रिटायर्ड पोस्टमास्टर के घर जो कई दिनों से बंद था उसे खुलवाकर उसमें साफ सफाई करवाई गई और मुख्यमंत्री के रहने के इंतजाम किये गये।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा है। शिवराज के आदिवासी के घर रात्रि विश्राम के दिखावे की हकीकत। नया शौचालय, नया पलंग, गद्दे—करीने की सजावट, वेटर परोस रहे भोजन।

आपको बता दें कि चित्रकूट में नौ नवंबर को चुनाव है, कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह के निधन से यहां चुनाव हो रहे हैं। इलाके में 40 फीसदी ब्राह्मण वोटरों को लुभाने कांग्रेस-बीजेपी दोनों ने दांव ब्राह्म्ण उम्मीदवार पर ही लगाया है।

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