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आंगनवाड़ियों में खोले जायेंगे न्यूट्रीकार्नर

Mandla district collector Preeti Maithil

Mandla district collector Preeti Maithil

मंडला- पांच वर्ष तक की उम्र के निर्धारित वजन से कम वजन के बच्चों की स्थिति में सुधार के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्रों में 2 अक्टूबर आई.सी.डी.एस. दिवस के अवसर पर न्यूट्रीकार्नर स्थापित किये जायेंगे। अटल बिहारी बाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के तह्त स्थापित इन न्यूट्रीकार्नर में जनप्रतिनिधि, समुदाय एवं नागरिकों के सहयोग से चना, मुरमुरा, गुड जैसे पोषक खाद्य पदार्थ पारदर्शी डिब्बों में रखे जाने की योजना है।

कलेक्टर श्रीमति प्रीति मैथिल नायक द्वारा इस योजना के लिए पहल किये जाने पर कई संस्थाओं ने  इसमें अपना सहयोग करने का आश्वासन दिया और प्रेरित होकर जवाहरगंज सुपर मार्केट व्यापारी संघ के प्रतिनिधि टेक चंद वीरानी के साथ पहुंचकर जिले की 300 आंगनवाड़ी केन्द्रो के लिए तीन डिब्बों के सेट के साथ उक्त पोषण सामग्री देने का आश्वासन भी दे दिया है।इसी प्रकार रोटरी क्लब मंडला एवं नैनपुर जंक्शन ने सौ-सौ आंगनबाडी में डिब्बें एवं सामग्री देने हेतु कहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा श्रीमति मंजुलता सिंह ने जिले के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि हागगंज सुपर मार्केट व्यापारी संघ की तरह वे भी कुपोषण के शिकार बच्चों के कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम में सहयोग करें।

न्यूट्रीकार्नर स्थापना का उद्देश्य –
न्यूट्रीकार्नर स्थापना से आंगनवाड़ीयोें मे बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ कुपोषण से ग्रसित बच्चों को पोषण आहार लेने की प्रेरणा देना है। इस कार्नर में रखे पारदर्शी डिब्बें से बच्चे खेल-खेल में उक्त पोषण सामग्री लेकर अपने पेंट या शर्ट के जेब में रखकर भी खा सकेंगे, जिससे उनके शरीर में पौष्टिक तत्वों की पूर्ति हो सकेंगी और समुदाय में भी पौष्टिक आहारों के प्रति जागरूकता पैदा होगी।

न्यूट्रीकार्नर के लाभ –
इस कार्नर के स्थापित होने से पौष्टिक आहार की कमी से ग्रसित 3 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के पोषण में सुधार आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास, पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति , बच्चों में पोष्टिक आहार खाने की आदत डलेगी और हाथ धोने की आदत भी पडे़गी।

ऐसे होगा न्यूट्रीकार्नर का संचालन –
प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में एक निर्धारित स्थान पर पोष्टिक आहार पारदर्शी डिब्बों में रखा जायेगा। इन डिब्बों को ऐसे स्थान पर रखा जायेगा जहा से बच्चे उसे आसानी से निकाल सकेंगे। डिब्बें से पोष्टिक आहार निकालने के पहले बच्चों को अपने हाथ धोने की सलाह दी जायेगी ताकि उनकी हाथ धोकर खाने की आदत पडे़गी और खाने के बाद फिर हाथ धुलाये जायेंगे। न्यूट्रीकार्नर में पोष्टिक आहार तीन वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को ही दिया जायेगा।

इन कार्नर में चना, मुरमुरा, गुड आदि पोष्टिक सामग्री की उपलब्धता, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समुदाय के जनसहयोग से होगी। विभाग के अधिकारी कर्मचारी द्वारा जानकारी देकर सहयोग प्राप्त किया जायेगा। आंगनवाड़ी केन्द्रो में उक्त सामग्री में सहयोग करने के लिए एक लिस्ट प्रदर्शित की जायेगी जिसमें सहयोगकर्ता दानदाता का नाम, सहयोग राशि एवं सामग्री का विवरण अंकित होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के द्वारा न्यूट्रीकार्नर के डिब्बों की नियमित साफ-सफाई एवं पोष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। ग्राम पंचायत एवं स्वास्थ्यकर्मियों का भी संचालन में सहयोग लिया जायेगा। समुदाय को न्यूट्रीकार्नर की जानकारी देने के लिए दीवार लेखन का कार्य भी कराया जायेगा।
रिपोर्ट- @सैयद जावेद अली




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