इन दिनों सोशल मीडिया पर लोग एक चीज को लेकर काफी आलोचना कर रहे हैं। लोग उसको घृणित और सेक्सिस्ट बता रहे हैं। अब आप सोच रहे होंगे भला सोशल मीडिया पर ऐसी कौन सी जंग छिड़ी हुई है।

दरअसल, रूस की एक कंपनी ने जून में महिलाओं को शॉर्ट स्कर्ट पहनने पर बोनस देने का फैसला किया है।

जानकारी के अनुसार रूसी एल्युमिनियम कंपनी टाटप्रूफ ने नारीत्व मैराथन अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत कर्मचारियों को उनके वेतन से अधिक 106 रुपये रोजाना अधिक दिए जाएंगे अगर वो कुछ खास तरह की कपड़े पहनकर आती हैं।

आपको बता दें कि यह अतिरिक्त पैसा पाने के लिए महिलाओं को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। जैसे स्कर्ट या कोई भी ड्रेस घुटने से पांच सेंटीमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए और कंपनी को सबूत के तौर पर फोटो भेजनी होगी।

कंपनी की इस घोषणा का कई लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध किया। कई सारे यूजर ने अपनी नाराजगी जाहिर की। एक यूजर का कहना है कि यह अपनी शक्ति का दुरुपयोग और महिलाओं का शोषण करना है।

इस अभियान के बारे में रूसी रेडियो स्टेशन गोविरिट से बात करते हुए कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह अभियान सेक्सिस्ट नहीं है।

साथ ही यह भी पता चला है कि 60 महिलाओं ने पहले ही इसमें भाग लिया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस अभियान से महिलाओं में जागरूकता बढ़ेगी। जब वे स्कर्ट पहनती हैं, तो वो अपने नारीत्व और आकर्षण को महसूस करती हैं।”