Home > Careers > Education > आनंदी गोपाल जोशी को गूगल ने डूडल बनाकर किया सलाम

आनंदी गोपाल जोशी को गूगल ने डूडल बनाकर किया सलाम

आनंदी गोपाल जोशी उस महिला का नाम है जिसने ऐसे दौर में रूढ़ियों की बेड़ियां तोड़कर सफलता हासिल की जब महिलाओं का घर से बाहर कदम निकालना भी अपराध समान माना जाता था। आज उसी आनंदी गोपाल जोशी को गूगल उनके जन्म दिवस पर डूडल बनाकर सलाम कर रहा है। आनंदी पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने डॉक्टरी की डिग्री हासिल की। जब उन्होंने डॉक्टर बनने का फैसला लिया तो उनकी आलोचना भी हुई थी।

डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी का जन्म एक मराठी परिवार में 31 मार्च, 1865 को कल्याण, थाणे, महाराष्ट्र में हुआ था। माता-पिता ने उनका नाम यमुना रखा। उनका परिवार एक रूढ़िवादी मराठी परिवार था, जो केवल संस्कृत पढ़ना जानता था। उनके पिता जमींदार थे। सिर्फ 9 साल की उम्र में उनकी शादी गोपालराव जोशी से हुई थी।

उनको डॉक्टरी करने की प्रेरणा एक दुखद घटना से मिली। आनंदी गोपाल जोशी उस समय मात्र चौदह साल की थीं, जब उन्होंने अपने बेटे को जन्म दिया। लेकिन दुर्भाग्यवश उचित चिकित्सा के अभाव में दस दिनों में ही उसका देहांत हो गया। इस घटना से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा। वह भीतर-ही-भीतर टूट-सी गईं। उनके पति गोपाल राव एक प्रगतिशील विचारक थे और महिला-शिक्षा का समर्थन भी करते थे।

आनंदी गोपाल जोशी ने कुछ दिनों बाद अपने आपको संभाला और खुद एक डॉक्टर बनने का निश्चय लिया। वह चिकित्सा के अभाव में असमय होने वाली मौतों को रोकने का प्रयास करना चाहती थीं, चूंकि उस समय भारत में ऐलोपथिक डॉक्टरी की पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए पढ़ाई करने के लिए विदेश जाना पड़ता था।

महिलाओं को लेकर देश में अभी भी लोगों की सोच में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। आज से 100 साल की बात तो और अलग थी। जाहिर सी बात है कि आनंदी के डॉक्टर बनने की राह आसान नहीं रही हुई होगी। उनके अचानक फैसले से रिश्तेदार के साथ-साथ आस-पड़ोस के लोग भी विरोधी में खड़े हो गए। एक महिला का विदेश जाकर पढ़ाई करना लोगों को भला कब गवारा होता।

लेकिन आनंदी इन चुनौतियों से घबराई नहीं और डटकर सामना किया। लोगों को डर था कि वह वहां जाकर हिंदू धर्म त्याग देंगी और क्रिस्चन बन जाएंगी। उन्होंने जो फैसला किया, उस पर अडिग रहीं। उन्होंने लोगों को समझाया और कहा, मैं केवल डॉक्टरी की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अमेरिका जा रही हूं। मेरा इरादा न तो धर्म बदलने का है और न वहां नौकरी करने का।

मेरा मकसद भारत में रह कर यहां के लोगों की सेवा करने का है, क्योंकि भारत में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है, जिसके अभाव में असमय ही बहुत-सी महिलाओं और बच्चों की मौत हो जाती है। आनंदी की इस बात से लोग काफी प्रभावित हुए। कुछ समय पहले तक जहां लोग उनके विदेश जाने को लेकर विरोध कर रहे थे, अब वही लोग हर तरह की मदद करने को तैयार थे।

डॉक्टर आनंदी का सौभाग्य था कि उनको गोपाल राव के रूप में ऐसा पति मिला था जो काफी सहयोगी था। उन्होंने न सिर्फ आनंदी का हौसला बढ़ाया बल्कि कदम-कदम पर मदद भी की। साल 1883 में आनंदी गोपाल ने अमेरिका (पेनसिल्वेनिया) की जमीन पर कदम रखा। उस दौर में वे किसी भी विदेशी जमीन पर कदम रखने वाली पहली भारतीय हिंदू महिला थीं। न्यू जर्सी में रहने वाली थियोडिशिया ने उनका पढ़ाई के दौरान सहयोग किया। उन्नीस साल की उम्र में साल 1886 में आनंदीबाई ने एम.डी कर लिया। डिग्री लेने के बाद वह भारत लौट आई। जब उन्होंने यह डिग्री प्राप्त की, तब महारानी विक्टोरिया ने उन्हें बधाई-पत्र लिखा और भारत में उनका स्वागत एक नायिका की तरह किया गया।

डॉक्टर आनंदी 1886 के अंत में भारत लौट आईं और अल्बर्ट एडवर्ड अस्पताल, प्रिंसलि स्टेट ऑफ कोल्हापुर में एक महिला डॉक्टर के रूप में प्रभार संभाला। लेकिन कुछ ही दिनों बाद ही वह टीबी की शिकार हो गई, जिससे 26 फरवरी, 1987 को मात्र 21 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जीवन पर कैरोलिन विल्स ने साल 1888 में बायॉग्रफी भी लिखी। इस बायॉग्रफी को दूरदर्शन चैनल पर ‘आनंदी गोपाल’ नाम से हिंदी टीवी सीरियल का प्रसारण किया गया।

डॉक्टर आनंदी 1886 के अंत में भारत लौट आईं और अल्बर्ट एडवर्ड अस्पताल, प्रिंसलि स्टेट ऑफ कोल्हापुर में एक महिला डॉक्टर के रूप में प्रभार संभाला। लेकिन कुछ ही दिनों बाद ही वह टीबी की शिकार हो गई, जिससे 26 फरवरी, 1987 को मात्र 21 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जीवन पर कैरोलिन विल्स ने साल 1888 में बायॉग्रफी भी लिखी। इस बायॉग्रफी को दूरदर्शन चैनल पर ‘आनंदी गोपाल’ नाम से हिंदी टीवी सीरियल का प्रसारण किया गया।

आनंदी गोपाल जोशी की शख्सियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ‘भोर का तारा’ शुक्र ग्रह के एक क्रेटर का नाम उनके नाम पर रखा गया है। दरअसल शुक्र ग्रह के तीन क्रेटर्स का नाम भारत की प्रसिद्ध महिलाओं के नाम पर रखा गया है। इसमें से जोशी क्रेटर आनंदी गोपाल जोशी के नाम पर रखा गया है।

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .