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राम जन्मभूमि, बूचड़खानों पर योगी का मास्टर स्ट्रोक

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखपत्र कहे जाने वाले ‘पांचजन्य’ को दिया है, जिसमें सीएम ने भारत की सुख-समृद्धी, यूपी की कानून व्यवस्था, अखिलेश सरकार में हुए दंगों और राम मंदिर पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद का हल बातचीत से ही निकाला जाना चाहिए। ‘पांचजन्‍य’ के अनुसार योगी ने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट की बात का स्वागत करते हैं कि इस मसले का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए। सरकार इस मामले में पक्षकार नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में अपने फैसले में साफ कर दिया था तो अब मिलजुलकर समाधान निकाल लेना चाहिए।

अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2015 में और हाई कोर्ट ने 2017 में यूपी के अवैध बूचड़खानों पर तमाम टिप्पणियां कीं और राज्य सरकार को कुछ निर्देश दिए। हमने इसी तर्ज पर अपनी कार्रवाई शुरू की है। अवैध को आप वैध नहीं बोल सकते। शासन का साफ निर्देश है, जो मानक को पूरा कर रहा है, लाइसेंस है उसे कोई नहीं छेड़ेगा। अगर छेड़ेगा तो दंड का अधिकारी होगा। लेकिन जो अवैध हैं उन्हें जन स्वास्थ्य खराब करने की छूट नहीं दी जा सकती। हमने वैधानिक तरीके से कार्रवाई की है।

राज्य में मांस की कमी के मुद्दे पर लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में आदित्यनाथ ने कहा कि वे किसी व्यक्ति पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते। हर व्यक्ति का अपना मत होता है। संविधान में सभी को स्वत्रंत्रता दी गई है। एक अमेरिकी अखबार के आलोचना वाले लेख पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भारत की समृद्धि अच्छी नहीं लग रही है, वे ही लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं।

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