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हर दोष, रोगों का रामबाण है त्रिफला !

triphala-an-antioxidant-drugत्रिफला रोजमर्रा की आम बीमारियों के लिए बहुत प्रभावकारी औषधि है फिर चाहे वह सिर का रोग हो या चर्म रोग, रक्त दोष हो मूत्र रोग या फिर पाचन संस्थान संबंधी रोग। यह सभी रोगों का रामबाण है।

आइए जानें कैसे।
त्रिफला तीन श्रेष्ठ औषधियों हरड, बहेडा व आंवला को मिलाकर बना मिश्रण है। यह प्रकृति का अनमोल उपहार है। त्रिफला सर्व रोगनाशक, रोग प्रतिरोधक और आरोग्य प्रदान करने वाली औषधि है। त्रिफला एंटी-बायोटिक और एंटी-सेप्टिक भी है। त्रिफला का प्रयोग शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बनाए रखता है। यह रोजमर्रा की आम बीमारियों के लिए बहुत प्रभावकारी औषधि है फिर चाहे वह सिर का रोग हो या चर्म रोग, रक्त दोष हो मूत्र रोग या फिर पाचन संस्थान संबंधी रोग। यह सभी रोगों का रामबाण है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और इसके कारण वह बार-बार बीमार पड़ते है। उन लोगों को त्रिफला का सेवन करना चाहिए। त्रिफला के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है। प्रतिरोधक क्षमता से शरीर बाहरी तत्‍वों के खिलाफ आसानी से लड़ सकता है। त्रिफला, शरीर में एंटीबॉडी के उत्‍पादन को बढ़ावा देता है जो शरीर में एंटीजन के खिलाफ लड़ते है और बॉडी को बैक्‍टीरिया मुक्‍त रखते है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाए
अगर आपको एनीमिया से पीड़‍ित है तो त्रिफला का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से त्रिफला का सेवन करने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती है जिससे शरीर में हीमोग्‍लोबिन बढ़ने लगता है।

पेट के रोगों के लिए अमृत
त्रिफला की तीनों जड़ीबूटियां आंतरिक सफाई को बढ़ावा देती हैं। त्रिफला के चूर्ण को गौमूत्र के साथ लेने से अफारा, उदर शूल, प्लीहा वृद्धि आदि अनेकों तरह के पेट के रोग दूर हो जाते है।

कब्ज की समस्या में कारगर
कब्‍ज की समस्‍या होने पर त्रिफला बेहद कारगर होता है। इसे खाने से कब्‍ज की काफी पुरानी समस्‍या भी दूर भाग जाती है। रात को सोते समय त्रिफला चूर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज की समस्‍या दूर हो जाती है। अथवा त्रिफला व ईसबगोल की भूसी को दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लेने से भी कब्ज दूर होती है।

एंटी-ऑक्‍सीडेंट है त्रिफला
त्रिफला में मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण उम्र के असर को बेअसर करते है। त्रिफला के सेवन से उम्र बढ़ाने वाले कारक कम होते है जिसके कारण आप उम्र से ज्‍यादा जवां दिखते हैं।

नेत्र ज्योति बढ़ाएं
त्रिफला के सेवन से नेत्रज्योति में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। इसके लिए आप शाम को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगो दें सुबह इसको अच्छे से मसलकर और छानकर इस पानी से आंखों को धोएं। ऐसा करने नेत्रों की ज्योति बढती है। इसके अलावा सुबह पानी में त्रिफला चूर्ण भिगो कर रख दें, शाम को छानकर पी ले। शाम को उसी त्रिफला चूर्ण में पानी मिलाकर रखें, इसे सुबह पी लें। इस तरह से करने से आंखों की किसी भी प्रकार की समस्‍या कुछ ही समय में ठीक हो जाती है।

सिरदर्द दूर भगाएं
अगर आप सिरदर्द की समस्‍या से परेशान रहते हैं तो इस समस्‍या से बचने के लिए त्रिफला आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए त्रिफला, हल्दी, नीम की छाल और गिलोय इन सब को पानी में तब तक पकाएं जब तक कि पानी आधा रह जाए। बाद में इसे छानकर कुछ दिन तक सुबह शाम गुड या शक्कर के साथ सेवन करने से सिर दर्द कि समस्या दूर हो जाती है।

डायबिटीज के लिए उपयोगी
डायबिटीज के उपचार में त्रिफला बहुत प्रभावी होता है। यह पेन्‍क्रियाज को उत्‍तेजित करने में मदद करता है जिससे इंसुलिन की मात्रा उत्‍पन्‍न होती है और शरीर इंसुलिन की उचित मात्रा और शर्करा के स्‍तर को बनाए रखता है।

मुंह की दुर्गन्‍ध दूर करें
अगर आप मुंह से आती की दुर्गन्‍ध से परेशान है तो त्रिफला आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। इसके लिए एक चम्मच त्रिफला को एक गिलास ताजे पानी मे दो-तीन घंटे के लिए भिगो दे, इस पानी को घूंट भर मुंह में थोड़ी देर के लिए डाल कर अच्छे से कई बार घुमाये और इसे निकाल दें। इसके अलावा कभी कभार त्रिफला चूर्ण से मंजन भी करें इससे मुंह आने की बीमारी, मुंह  के छाले ठीक होंगे, अरूचि मिटेगी और मुंह की दुर्गन्ध भी दूर होगी। [एजेंसी]




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