10 सरकारी बैंकों के आपस में हुआ विलय, जाने क्या होगा असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1971 के बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद से सबसे बड़ी बैंकिंग सुधार की घोषणा की है।

वित्त मंत्री ने 10 सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा की है। इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 हो गई है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी बैंकों के विलय से कर्मचारियों की कोई छंटनी नहीं होगी। उन्होंने कहा, विलय से छंटनी की आशंका नहीं है।

किन बैंकों का होगा विलय

वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में ओबीसी बैंक और यूनाइटेड बैंक में विलय होगा। केनरा बैंक के साथ सिंडिकेट बैंक में विलय होगा।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय होगा और इंडियन बैंक के साथ इलाहाबाद बैंक विलय होगा।

किस बैंक में कितना पूंजी डालेगी सरकार

सरकार ने सरकारी बैंक के लिए बूस्टर डोज दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बैंकों में पूंजी डालेगी।

>> इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में सरकार 3800 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी।

>> यूको बैंक (UCO) बैंक में सरकार 2100 करोड़ रुपये डालेगी।

>> यूनाइटेड बैंक (United Bank) में सरकार 1600 करोड़ रुपये पूंजी डालेगी।

>> सरकार PNB में 16,000 करोड़ रुपये डालेगी।

>> बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में सरकार 7,000 करोड़ रुपये का फंड डालेगी।

>> केनरा बैंक (Canara Bank) में 6,500 करोड़ रुपए में निवेश करेगी सरकार।

>> यूनियन बैंक (Union Bank) में 11,700 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सरकार।