20.2 C
Indore
Monday, March 27, 2023

पौधे लगाकर पानी बचाने की अलख जगाएंगे आदिवासी

betul Tribal adivasi Planting of trees to protect waterबैतूल : आज, जब मीडिया से लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय तक सूखे और पानी बचाने की चिंता में लगे है, तब बैतूल आदिवासीयों ने इस समस्या की असली जड़ को पकड़ा| बैतूल, हरदा और खंडवा जिले के 20 गाँव के सैंकड़ों आदिवासी प्रतिनिधी 2 मई देर शाम से दुसरे दिन सुबह तक म. प्र. के बैतूल जिले के पीपलबर्रा और बोड गाँव नागदेव के जंगल में इक्कठा हुए और परम्परागत रूप से अपने जंगल देव की पूजा कर जंगल बढाओ- पर्यावरण बनाओ- पानी बचाओ – मानव बचाओ सम्मलेन आयोजित किया|

सम्मलेन में लम्बी चर्चा के बाद, आदिवासीयों ने यह संकल्प लिया कि वो अपनी-अपनी ग्रामसभा की सीमा में आनेवाली खाली और बेकार पडी जंगल और अन्य जमीन पर हजारों की संख्यां में फलदार पौधे लगाएंगे| क्योंकि, जैव विविधता वाला जंगल है – तो पर्यावरण है; पर्यावरण है – तो बरसात है; बरसात है – तो पानी है, और बारिश के इस पानी को जमीन में संचित कर रखने और जरुरत के हिसाब से छोड़ने का स्वभाविक काम पेड़ ही कर सकता है|

सम्मलेन में लिए गए संकल्प को कार्यरूप देने के लिए, जो निर्णय लिए गए: एक, बरसात में जंगल में स्वाभाविक रूप से उगने वाले फलदार पौधों को इक्कठा कर व्यवस्थित रूप से जंगल में लगाया जाएगा; दूसरा, सरकारी नर्सरी से तैयार पौधे खरीदकर जंगल में लगाना; तीसरा, गाँव –गाँव फलदार पौधों की नर्सरी तैयार कर फिर उन पौधों को जंगल में लगाने का तय किया|

इस संदेश को बारिश के मौसम में गाँव-गाँव तक ले जाने के लिए, जुलाई माह में आने वाले आदिवासीयों के सबसे बड़े त्यौहार ‘हरी-जिरोती’ को ‘हरियाली-खुशहाली’ अभियान के एक पखवाड़े तक मनाने का तय किया| इस दौरान, बाज़ार, हाट में हरे-भरे पौधों की कांवड़ –यात्रा निकलाकर लोगों को इस अभियान के पार्टी जागरूक किया जाएगा|

श्रमिक आदिवासी संगठन और समाजवादी जन परिषद के बैनर तले आयोजित इस सम्मलेन में बैतूल, हरदा और खंडवा जिले के 20 गाँव के सैंकड़ों आदिवासी प्रतिनिधी शामिल हुए| इसके आलावा, टाटा सामाजिक विज्ञान संसथान, मुंबई की सहायक प्राध्यापक शमीम मोदी और अनुराधा सहित उसी संस्थान के एल. एल. एम. के छात्र शामिल हुए| सम्मलेन को संगठन के बंसत टेकाम, सदारम मांडले, राजेंद्र गढ़वाल, बबलू नलगे, अनुराग मोदी, शमीम मोदी आदि लोगों ने संबोधित किया|

इसके अलावा चर्चा के बाद सरकार की योजनाओं और कानूनों को इस अभियान के साथ जोड़ने का फैसला भी हुआ| केंद्र सरकार ने 2006 साल में एक कानून पास किया है – इस कानून को वन अधिकार कानून, 2006 कहते है| इस कानून की धारा धारा ५ में लोगों को और ग्रामसभा को गाँव के आसपास के जंगल के रखरखाव का अधिकार होगा – इसके अनुसार गाँव के लोग कानूनी रूप से अपने जंगल के सुधार के लिए पेड़-पौधे भी लगा सकते है| आदिवासीयों ने इस सवाल का भी हल ढूँढा कि नर्सरी का पैसा कहाँ से आएगा?

बैतूल जिले के मरकाढाना और बोड-पीपलबर्रा आदि गाँव में तो लोग अपने चंदे और मेहनत से नर्सरी बना रहे है – वो पिछले 7-8 साल में 25 हजार पौधे बना चुके है | लेकिन, इसके अलावा मनरेगा में गाँव के संसाधन बढाने का काम करना है – इसलिए, उसके बजट का उपयोग भी इसमें हो सकता है| जंगल कटाई का जो पैसा वन सुरक्षा समीति के खाते में आता है , उसका उपयोग हम कर सकते है | वन सुरक्षा समीति के संकल्प पत्र, 11.1 (3) में जो वन सुरक्षा समीति के जो अधिकार दिए है, उसके अनुसार समीति के ईलाके में जंगल में लकड़ी कटाई से होने वाली शुद्ध कमाई का दसवां हिस्सा और बांस कटाई पांचवा हिस्सा समीति के खाते में आना है| पिछले 13 सालों में हर साल लाखों रुपए की राशी समीति के खाते में आती है, इसकी 50% राशी को गाँव और जंगल के विकास में लगाया जाना है – इस राशी से गाँव में नर्सरी बनाई जा सकती है|

1994 में बैतूल जिले में इस संगठन की शुरुवात हुई, तब यहाँ की नदियों में बारह माह पानी रहता था| आज, यह पानी नवंबर माह में ही खत्म हो जाता है – सूखा और पानी का संकट बढ़ रहा है| दूसरी तरफ, आदिवासी पर भुखमरी के संकट के चलते वो काम की तलाश में मद्रास , मुंबई आदि स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हो गए है| जैसा कि अमेरिका के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ‘शूमाकर’ ने 70 के दशक में अपनी प्रसिद्ध किताब ‘स्माल इज ब्यूटीफुल’ में कहा था- भारत की गरीबी का असली ईलाज पेड़-पौधे लगाने में है| ऐसे में, संगठन ने सोचा कि कोई ऐसी योजना लाई जाए जिसमें दोनों समस्याओं का हल निकले, और ऐसे में फलदार पोधे लगाने का अभियान एक रामबाण ईलाज के रूप में सामने आया|

इन आदिवासीयों के बीच काम कर रहे श्रमिक आदिवासी संगठन ने 8 साल पहले बरसात के जुलाई माह में आने वाले आदिवासीयों के सबसे बड़े त्यौहार – बड़ी जिरोती, पर हरियाली यात्रा आयोजित कर इस अभियान की शुरुवात की थी| इस अभियान से जुड़े कई गाँव के आदिवासीयों ने अपनी मेहनत और पैसे से नर्सरी बनाई है, इस नर्सरी में – आम, जाम, जामुन, आंवले, बेर, काजू, नीम सहित 15 तरह के फलदार पौधे तैयार किए है| पौधे 4 से 6 माह के होने के बाद उन्हें जंगल में खाली पडी जमीन पर लगाया जता है; और बारिश बाद उसकी सुरक्षा और पानी देने का काम किया जाता है – बैतूल जिले के मरकाढाना गाँव में दस हजार पोधे और उमरडोह में दो हजार पोधे सरकार के तमाम के विरोध जीवित है |

सरकार व्यवसायिक पौधे लगाती है, जो ना तो पर्यावरण को ही बढ़ावा देते है , और ना ही किसी के कोई काम आते है| इसलिए, इनके प्रति स्थानीय लोगों की कोई स्वभाविक रुची नहीं होने के कारण यह अभियान हर बार सिर्फ अफसरों और नेताओं की जेब भरने तक सीमित रह जाता है|

वर्तमान में वन-भूमि पर इस तरह के पेड़ लगाने की मनाही के नाम पर इस अभियान के प्रति शासन और प्रशासन का रवैया सख्त है – आदिवासीयों पर कई दर्जन केस भी बने है और उनके इन पौधों को वन विभाग ने जलाया और उखाड़ा भी है; ऐसी एक घटना 19 दिसम्बर 2015 को बैतूल जिले में हुई थी|

अगर केंद्र सरकार के वन अधिकार कानून, 2006 के प्रावधानों के तहत सरकार ग्रामसभाओं को उनके जंगल अपर अधिकार सौप दे और मनरेगा के तहत हर गाँव में फलदार पौधों की एक नर्सरी तैयार करने में मदद दे-दे, तो इस देश की ‘गरीबी, पर्यावरण और सूखे’ का स्थाई हल निकला जा सकता है| देखना यह कि क्या सरकार यह राजनैतिक इच्छा शक्ति दिखाएंगी या अपना विरोध का स्वर जारी रखेगी| आदिवासी तो तमाम तकलीफों के बाद भी इस मुहीम में लगे है|

Related Articles

पूर्व MLA के बेटे भाजपा नेता ने ज्वाइन की कांग्रेस, BJP पर लगाया यह आरोप

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ग्वालियर में भाजपा को झटका लगा है। अशोकनगर जिले के मुंगावली के भाजपा नेता यादवेंद्र यादव...

वीडियो: गुजरात की तबलीगी जमात के चार लोगों की नर्मदा में डूबने से मौत, 3 के शव बरामद, रेस्क्यू जारी

जानकारी के अनुसार गुजरात के पालनपुर से आए तबलीगी जमात के 11 लोगों में से 4 लोगों की डूबने से मौत हुई है।...

अदाणी मामले पर प्रदर्शन कर रहा विपक्ष,संसद परिसर में धरने पर बैठे राहुल-सोनिया

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी पहले की तरह धुलने की कगार पर है। एक तरफ सत्ता पक्ष राहुल गांधी...

शिंदे सरकार को झटका: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘दखलअंदाजी’ बताकर खारिज किया फैसला

मुंबई :सहकारी बैंक में भर्ती पर शिंदे सरकार को कड़ी फटकार लगी है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे...

सीएम शिंदे को लिखा पत्र, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कहा – अंधविश्वास फैलाने वाले व्यक्ति का राज्य में कोई स्थान नहीं

बागेश्वर धाम के कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का महाराष्ट्र में दो दिवसीय कथा वाचन कार्यक्रम आयोजित होना है, लेकिन इसके पहले ही उनके...

IND vs SL Live Streaming: भारत-श्रीलंका के बीच तीसरा टी20 आज

IND vs SL Live Streaming भारत और श्रीलंका के बीच आज तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज का तीसरा व अंतिम मुकाबला खेला जाएगा।...

पिनाराई विजयन सरकार पर फूटा त्रिशूर कैथोलिक चर्च का गुस्सा, कहा- “नए केरल का सपना सिर्फ सपना रह जाएगा”

केरल के कैथोलिक चर्च त्रिशूर सूबा ने केरल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि उनके फैसले जनता के लिए सिर्फ मुश्कीलें खड़ी...

अभद्र टिप्पणी पर सिद्धारमैया की सफाई, कहा- ‘मेरा इरादा CM बोम्मई का अपमान करना नहीं था’

Karnataka News कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सीएम मुझे तगारू (भेड़) और हुली (बाघ की तरह) कहते हैं...

Pakistan Economy: नकदी संकट से जूझ रहा पाक, हाथ पसार रहे शहबाज; ऋण के लिए IMF से की बात

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष...

Stay Connected

5,577FansLike
13,774,980FollowersFollow
132,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

पूर्व MLA के बेटे भाजपा नेता ने ज्वाइन की कांग्रेस, BJP पर लगाया यह आरोप

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ग्वालियर में भाजपा को झटका लगा है। अशोकनगर जिले के मुंगावली के भाजपा नेता यादवेंद्र यादव...

वीडियो: गुजरात की तबलीगी जमात के चार लोगों की नर्मदा में डूबने से मौत, 3 के शव बरामद, रेस्क्यू जारी

जानकारी के अनुसार गुजरात के पालनपुर से आए तबलीगी जमात के 11 लोगों में से 4 लोगों की डूबने से मौत हुई है।...

अदाणी मामले पर प्रदर्शन कर रहा विपक्ष,संसद परिसर में धरने पर बैठे राहुल-सोनिया

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी पहले की तरह धुलने की कगार पर है। एक तरफ सत्ता पक्ष राहुल गांधी...

शिंदे सरकार को झटका: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘दखलअंदाजी’ बताकर खारिज किया फैसला

मुंबई :सहकारी बैंक में भर्ती पर शिंदे सरकार को कड़ी फटकार लगी है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे...

सीएम शिंदे को लिखा पत्र, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कहा – अंधविश्वास फैलाने वाले व्यक्ति का राज्य में कोई स्थान नहीं

बागेश्वर धाम के कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का महाराष्ट्र में दो दिवसीय कथा वाचन कार्यक्रम आयोजित होना है, लेकिन इसके पहले ही उनके...