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Wednesday, June 29, 2022
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महाराष्ट्र में सरकार बनाने की और BJP , केंद्रीय मंत्री दानवे बोले- विपक्ष में हम बस 2-3 दिन और

मुंबई : महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्राम के बीच BJP ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के संकेत दिए हैं। केंद्र सरकार के मंत्री रावसाहेब दानवे ने एक मीटिंग में कहा- हम सिर्फ 2-3 दिन विपक्ष में मौजूद हैं। अपने कार्यकाल में जो करना है, जल्दी करें। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे भी मौजूद थे।

उधर, शिंदे गुट के बगावत के 7वें दिन शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए बड़ा हमला बोला है। सामना के संपादकीय में शिंदे गुट को नचनिया बताया गया है। इधर, शिवसेना के विधायक उदयसिंह राजपूत ने दावा किया है कि शिंदे गुट में जाने के लिए उन्हों 50 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया।

सामना में आगे लिखा- जिन 15 विधायकों को केंद्र की ओर से सुरक्षा दी गई है, वो लोकतंत्र के रखवाले नहीं है। ये लोग 50-50 करोड़ रुपए में बेचे गए बैल अथवा ‘बिग बुल’ हैं, जो लोकतंत्र के लिए कलंक है। वहीं फडणवीस और शिंदे के मुलाकात पर भी निशाना साधा गया है।

Maharashtra Political Crisis राज ठाकरे की मनसे में शामिल हो सकता है शिंदे गुट !

मुंबई : महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह से चल रहे सियासी ड्रामे के बीच नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। अब खबर है कि शिवसेना का बागी एकनाथ शिंदे गुट राजनीति के नए विकल्प तलाश रहा है। शिवसेना के नाम पर राजनीति करने वाला शिंदे गुट ठाकरे नाम और हिंदुत्व दोनों को नहीं छोड़ना चाहता है। ऐसे में एकनाथ शिंदे गुट के 38 विधायक राज ठाकरे की पार्टी मनसे में शामिल हो सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एकनाथ शिंदे ने इस मसले पर राज ठाकरे से दो बार फोन पर बातचीत भी की है। भले ही कहा जा रहा हो कि शिंदे ने राज ठाकरे की तबीयत जानने के लिए उन्हें फोन किया था, लेकिन इसकी असली वजह यही बताई जा रही है कि शिंदे गुट मनसे में शामिल होकर राज्य में राजनीति के नए समीकरण गढ़ना चाहता है।

रिपोर्ट्स की मानें तो शिंदे गुट का मनसे में विलय दो दिन पहले देवेंद्र फडणवीस से एकनाथ शिंदे की गुपचुप मुलाकात में ही तय हो गया था। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे। यहीं से नई रणनीति पर चर्चा हुई थी। हालांकि, भाजपा अभी भी शिंदे गुट के मनसे में विलय को लेकर संशय में है। इसकी वजह राज ठाकरे के तेवर हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भले ही एकनाथ शिंदे के पास शिवसेना के 38 बागी विधायकों का समर्थन हो, लेकिन नई पार्टी के रूप में उनको मान्यता मिलना आसान नहीं है। ऐसे में शिंदे गुट राष्ट्रपति चुनाव से पहले इस मसले को हल करना चाहता है। इसलिए, उसके लिए सबसे आसान यही है कि वह राज ठाकरे की पार्टी मनसे में विलय कर ले। ऐसे में उसके पास ठाकरे नाम भी बचा रहेगा और हिंदुत्व का एजेंडा भी।

द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेशन भरा, देश को मिल सकता है पहला आदिवासी प्रेजिडेंट

नई दिल्लीः झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने आज NDA की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर PM मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। द्रौपदी मुर्मू ने 4 सेटों में नामांकन दाखिल किया गया।

द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति उम्मीदवारी के लिए पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, ललन सिंह, पशुपति पारस, रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद प्रस्तावक रहे। नामांकन दाखिल करने से पहले मुर्मू ने संसद में महात्मा गांधी, डॉ अंबेडकर और बिरसा मुंडा की मूर्तियों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 29 जून को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है।

इससे पहले गुरुवार को द्रौपदी मुर्मू PM मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री शाह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के घर पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नामांकन के लिए प्रस्तावक और समर्थक के तौर पर नॉमिनेशन पेपर पर हस्ताक्षर किए गए।

आंध्र प्रदेश के CM जगनमोहन रेड्‌डी ने गुरूवार को ऐलान किया है कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में NDA की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी। CM जगन का मानना ​​है कि मुर्मू का समर्थन करना SC, ST, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व पर हमेशा जोर देने की उनकी विचारधारा के अनुरूप है। जगन बिजी शेड्यूल के कारण मुर्मू द्वारा नामांकन दाखिल करने में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, राज्यसभा सांसद विजयसाई रेड्डी और लोकसभा सांसद मिधुन रेड्डी मौजूद रहेंगे।

कौन हैं द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से आनेवाली आदिवासी नेता हैं। झारखंड की नौंवी राज्यपाल रह चुकीं द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर से विधायक रह चुकी हैं। वह पहली ओडिया नेता हैं जिन्हें राज्यपाल बनाया गया। इससे पहले BJP-BJD गठबंधन सरकार में साल 2002 से 2004 तक वह मंत्री भी रह चुकी हैं।

देश को मिल सकत है पहला आदिवासी राष्ट्रपति
देश में अब तक आदिवासी समुदाय का कोई व्यक्ति राष्ट्रपति नहीं बन पाया है। महिला, दलित, मुस्लिम और दक्षिण भारत से आने वाले लोग राष्ट्रपति बन चुके हैं, लेकिन आदिवासी समुदाय इससे वंचित रहा है। ऐसे में यह मांग उठती रही है कि दलित समाज से भी किसी व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद पर बैठाया जाए।

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। अगले महीने की 25 तारीख को देश को नया राष्ट्रपति मिलेगा। 15 जून को नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 जून है। अगर चुनाव कराने की जरूरत पड़ती है, तो यह 18 जुलाई को कराए जाएंगे और 21 जुलाई को ही नतीजे आ जाएंगे।

देश में अब तक आदिवासी समुदाय का कोई व्यक्ति राष्ट्रपति नहीं बन पाया है। महिला, दलित, मुस्लिम और दक्षिण भारत से आने वाले लोग राष्ट्रपति बन चुके हैं, लेकिन आदिवासी समुदाय इससे वंचित रहा है। ऐसे में यह मांग उठती रही है कि दलित समाज से भी किसी व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद पर बैठाया जाए।

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। अगले महीने की 25 तारीख को देश को नया राष्ट्रपति मिलेगा। 15 जून को नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 जून है। अगर चुनाव कराने की जरूरत पड़ती है, तो यह 18 जुलाई को कराए जाएंगे और 21 जुलाई को ही नतीजे आ जाएंगे।

 

ये पार्टियां भी कर रही समर्थन

  • ओडिशा की बीजू जनता दल पहले ही मुर्मू के समर्थन की घोषणा कर चुकी है।
  • मेघालय जनतांत्रिक गठबंधन (MDA) ने भी समर्थन करने की घोषणा की है।
  • RSS के एक संगठन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया है।
  • सिक्किम के मुख्यमंत्री और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष प्रेम सिंह तमांग ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
  • बिहार की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने भी समर्थन करने की घोषणा की है।
  • LJP (रामविलास) भी मुर्मू के समर्थन की घोषणा कर चुकी है।

तो क्या बंद होने वाली हैं केंद्र सरकार की मुफ्त राशन वितरण वाली योजना ?

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण राज्य में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत मुफ्त राशन के वितरण को माना गया था। क्या अब इस योजना को बंद कर करने की तैयारी चल रही है? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की एक दलील के बाद ऐसी चर्चा होने लगी है। व्यय विभाग की ओर से चेतावनी दी गयी है कि PMGKAY को सितंबर महीने के बाद जारी रखने और टैक्स में किसी भी तरह की कटौती से केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सरकार ने कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान गरीब जनता को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराने के लिए देश भर में PMGKAY योजना की शुरूआत की थी। इसी साल मार्च में इस योजना को छह महीने का अवधि विस्तार दिया गया था।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में खाद्यान सब्सिडी के लिए 2.07 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, वहीं सितंबर तक PMGKAY के तहत मुफ्त खाद्यान वितरण से ही सब्सिडी बिल बढ़कर 2.87 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में अगर सरकार PMGKAY को सितंबर के बाद अगले 6 महीने के केलिए बढ़ाती है तो इससे सरकारी खजाने पर 80,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा और उस स्थिति में साल 2023 में खाद्यान सब्सिडी बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने एक इंटर्नल नोट में इस बात का जिक्र किया है कि टैक्स कटौती और खाद्यान सब्सिडी के समय का दायरा बढ़ने से खजाने पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि चाहे फूड सिक्योरिटी के आधार पर हो या वित्तीय स्थिति के हालत के आधार पर, किसी भी स्थिति में PMGKAY की समय सीमा बढ़ाने की सलाह वर्तमान परिस्थिति में नहीं दी जा सकती है। अब ऐसे में यह बड़ा सवाल पैदा हो गया है कि क्या सरकार सितंबर के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को बंद कर देगी?

Maharashtra Political Crisis : मुंबई आकर बात करें तो छोड़ देंगे एमवीए : संजय राउत

मुंबई : महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार पर गहराए राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बागी विधायक वापस आते हैं और वे चाहते हैं तो हम महाविकास अघाड़ी से बाहर आने के लिए तैयार हैं।

शिवसेना नेता संजय राउत ने आगे कहा कि विधायकों को गुवाहाटी से संवाद नहीं करना चाहिए, वे वापस मुंबई आएं और सीएम से इस सब पर चर्चा करें। हम सभी विधायकों की इच्छा होने पर महाविकास अघाड़ी सरकार से बाहर निकलने पर विचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें यहां आकर सीएम से चर्चा करनी होगी।

उन्होंने दावा किया कि गुवाहाटी में मौजूद 21 विधायक हमारे संपर्क में हैं। जब वे वापस लौटेंगे तो वे पार्टी के साथ होंगें। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द सीएम उद्धव ठाकरे वापस वर्षा जाएंगे।

इससे पहले बागी नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को सीएम ठाकरे को संबोधित एक पत्र ट्वीट किया था। साथ ही उन्होंने लिखा था कि ये विधायकों की भावना है। इसमें विधायकों ने उन पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। फिर चाहे सीएम का अपनी ही पार्टी के विधायकों से मुलाकात न करने का मुद्दा हो या उन्हें अयोध्या जाने से रोकने का। एकनाथ शिंदे की ओर से ट्विटर पर साझा की गई चिट्ठी में ऐसे कई बड़े आरोप हैं। जो चिट्ठी सामने आई है, उसमें शिवसेना विधायकों ने उद्धव पर कांग्रेस और राकांपा के नेताओं को अपने विधायकों पर तरजीह देने की शिकायत भी की है।

विधायकों की चिट्ठी में क्या कहा गया?
शिंदे की ओर से साझा इस चिट्ठी के नीचे औरंगाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक संजय शिरसाट का नाम लिखा है। यानी सभी विधायकों की ओर से इस चिट्ठी के लेखन का काम शिरसाट ने ही किया है। इसमें उद्धव ठाकरे के बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा गया- “कल वर्षा बंगले के दरवाजे सही मायने में सर्वसामान्य के लिए खुले। बंगले पर जो भीड़ हुई, उसे देखकर दिल खुश हो गया। यह दरवाजे पिछले डेढ़ साल से शिवसेना के विधायक यानी हमारे लिए भी बंद थे। विधायक के तौर पर उस बंगले में प्रवेश करने के लिए हमें आपके आजू-बाजू में रहने वाले (आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल) लोगों की मनुहार करनी पड़ती थी, जो कभी चुनाव लड़कर चुनकर नहीं आए बल्कि विधानपरिषद और राज्यसभा में हमारे जैसे लोगों के कंधे पर चढ़कर पहुंचे हैं।”

पत्र में कहा गया, “ये ही तथाकथित (चाणक्य क्लर्क) ** हमें दरकिनार कर राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की रणनीति बना रहे थे। उसका नतीजा क्या हुआ, यह पूरे महाराष्ट्र ने देखा है। शिवसेना का मुख्यमंत्री होते हुए भी उनकी ही पार्टी के विधायक होते हुए भी हमें कभी भी वर्षा बंगले में सीधे प्रवेश नहीं मिला। मंत्रालय की छठी मंजिल पर मुख्यमंत्री सबसे मिलते हैं, पर हमारे लिए तो छठी मंजिल का सवाल ही नहीं आया क्योंकि आप कभी मंत्रालय में गए ही नहीं।”

इस बीच शिवसेना विधायक कैलाश पाटिल ने कहा कि मुझे बहाने से सूरत ले गए लेकिन जब साजिश का पता चला तो मैं एक किलोमीटर चलकर वहां से गाड़ी पकड़कर आया। हम शिवसेना को नहीं छोड़ेंगे जिसने हमें विधायक बनाया है।

वहीं, दूसरी ओर गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल का एक ताजा विडियो सामने आया है। इसमें एकनाथ शिंदे सहित महाराष्ट्र के 42 बागी विधायक एक साथ बैठे दिखाई दिए। वीडियो में बागी विधायक “शिंदे साहब तुम आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं” के नारे लगा रहे हैं। इन विधायकों में 35 विधायक शिवसेना के हैं तो सात विधायक निर्दलीय हैं।

Maharashtra Political Crisis : शिवसेना की मीटिंग में पहुंचे 12 विधायक, एनसीपी ने बुलाई अहम बैठक

मुंबई : महाराष्ट्र के राजनीतिक संग्राम के बीच शिवसेना में बगावत बढ़ती जा रही है। बता दें कि शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पार्टी की मीटिंग बुलाई गई। जिसमें महज 12 विधायकों के हिस्सा लेने की खबर है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 55 विधायक हैं। ऐसे में एकनाथ शिंदे के गुट में बागियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

वहीं एनसीपी ने आज शाम 5 बजे अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। इसको लेकर एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने बताया कि आज शाम 5 बजे मैंने अपने सभी विधायकों को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। जिससे उन्हें महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम से अवगत कराया जा सके। इस बैठक में पार्टी प्रमुख शरद पवार भी होंगे।

जयंत पाटिल ने बताया, “हमने शरद पवार के आवास पर एक बैठक की थी। इसमें पिछले 3-4 दिनों में हुई घटनाओं का आंकलन किया गया। पवार साहब ने हमसे कहा कि सरकार बनी रहे यह सुनिश्चित करने के लिए हमें वह सब कुछ करना चाहिए, जिसकी जरूरत है। हम उद्धव ठाकरे के साथ खड़े होंगे।”

शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ शिवेसना के 40 विधायक हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस समय मुझे कुल 50 से अधिक विधायकों का समर्थन है। वहीं शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे आज कोई बैठक नहीं करेंगे। हालांकि कुछ विधायक सरकारी काम से वर्षा बंगले जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नितिन देशमुख एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। बता दें कि नितिन देशमुख कल ही सूरत से नागपुर लौटे हैं। वहीं गुवाहाटी में जिस होटल में शिवसेना के बागी विधायक ठहरे हैं, उसके सामने टीएमसी नेताओं का हंगामा शुरू हो गया है। होटल के सामने TMC नेता और कार्यकर्ताओं ने धरने देते हुए कहा है कि एक तरफ असम में बाढ़ के हालात हैं और दूसरी तरफ यहां राजनीति चालें चली जा रही हैं। टीएमसी नेता ने कहा कि ये सब राजनीतिक महाराष्ट्र में जाकर करनी चाहिए।

महाराष्ट्र के सियासी संकट के बीच NCP चीफ शरद पवार के आवास पर एक घंटे की बड़ी बैठक हुई है। इस बैठक में डिप्टी सीएम अजीत पवार, राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, मंत्री जयंत पाटिल, जितेंद्र आव्हाड और पार्टी नेता सुनील तटकरे शामिल हुए।

मुंबई में लगे एकनाथ शिंदे के पोस्टर
महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की पेशकश के बाद जहां उनके समर्थकों ने उनके साथ खड़े रहने की बात कही तो वहीं अब शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के समर्थन में मुंबई में पोस्टर लगाए गये हैं। पोस्टर में एकनाथ शिंदे और बाल ठाकरे की फोटो है। इसमें लिखा है, “साहेब आगे बढ़ो, हम आपके साथ है।” उधर उद्धव-पवार की मीटिंग के बाद शिवसेना के तेवर अलग दिख रहे हैं। संजय राउत बोले कि उद्धव ठाकरे ही सीएम रहेंगे और जरूरत पड़ी तो असेंबली के फ्लोर पर ताकत दिखाएंगे।

खरगोन में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये का तेल जप्त

खरगोन : मध्यप्रदेश के खरगोन में जिला प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक व्यपारिक प्रतिष्ठान से लाखों रुपए कीमत का तेल जब्त किया गया है। इसके अलावा कथत तरीके से गेहूं भण्डारण करना भी सामने आया है। दरअसल बुधवार को जिला प्रशासन के पांच विभागों ने बिस्टान रोड स्थित गुरुकृपा ट्रेडर्स की दुकान और गोदाम में दोनों पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में लगभग 50 लाख 11 हजार 174 रुपये का तेल जब्त किया गया। इसके साथ ही मंडी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में 135.69 क्विंटल अवैध गेंहू का भंडारण अधिक पाया गया। कार्यवाही के बाद दुकान और गोदाम को सील कर दिया गया हैं।

खरगोन डिप्टी कलेक्टर ओमनारायण सिंह ने बताया कि राजस्व, मंडी, नापतौल, श्रम, खाद्य सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति विभाग ने सयुंक्त रूप से कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद दो विभागों की प्रारम्भिक गणना में 50 लाख 11 हजार 174 रुपये का तेल जब्त किया गया। इसके अलावा मंडी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में 135.69 क्विंटल अवैध गेंहू का भंडारण अधिक पाया गया। जबकि 1774 क्विंटल गेंहू का भंडारण बिना अनुमति के करने का संदेह है। डिप्टी कलेक्टर सिंह ने बताया कि व्यापार की अनुमति है लेकिन भण्डारण करने की अनुमति पर संदेह है। जांच के दौरान सामने आया कि ट्रेडर्स द्वारा तेल को रिपेकिंग भी किया जाता है। नापतौल विभाग द्वारा की गई जांच में 3 तौल कांटे सत्यापित नहीं पाए गए। इसके अलावा 15-15 लीटर के 5 तेल के डिब्बों पर वास्तविक एमआरपी के साथ छेड़छाड़ करना भी पाया गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी एचएल अवास्या ने बताया कि की दुकान से अवैध खाद्य तेल को रिपेकिंग करते पाया गया। जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए परिसर सील किया गया। कार्रवाई के दौरान पाम आयल, सोयाबीन, मूंगफली , नारियल तेल और सरसों का कुल 10821 किलोग्राम तेल जब्त किया गया। जिसका बाजार मूल्य 16 लाख 14 हजार रुपये निर्धारित है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तेल को बहुत ही खराब ढंग से रखा गया था। इस पूरी करवाई में फ़ूड सेफ्टी ,आईपीसी की अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

 

सिर्फ नोटिस देकर चलाया गया जावेद के घर पर बुलडोजर, हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बोले- यह पूरी तरह गैरकानूनी

लखनऊ : रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कथित तौर पर प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप का घर बुलडोजर से ढहा दिया। हालांकि पीडीए की इस कार्रवाई का प्रयागराज हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था। एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पैगंबर को लेकर टिप्पणी की थी जिसके बाद पूरे देश में इस बात को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। प्रयागराज में भी हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिसका मास्टरमाइंड कथित तौर पर जावेद को बताया जा रहा है। जावेद के घर को गिराने की कार्रवाई भी संयोगवश हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बादी ही की गई।

रविवार को जावेद पंप का घर बुलडोजर से गिराए जाने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने एक मीडिया संसथान  इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा, “यह पूरी तरह से अवैध है। भले ही आप एक पल के लिए भी मान लें कि निर्माण अवैध था, वैसे ही देश में करोड़ों भारतीय कैसे रहते हैं, जब घर के निवासी हिरासत में तो आपको इस बात की इजाजत नहीं है कि आप उसके घर को ध्वस्त कर दें। पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा,यह तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि कानून के शासन का सवाल है।

पूर्व जज की ये टिप्पणियां इस मामले को लेकर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये वही माथुर हैं जिन्होंने 8 मार्च, 2020, रविवार को, सीएए विरोध प्रदर्शनों में आरोपियों के शहर भर में “नाम और शर्म” के पोस्टर लगाने के लखनऊ प्रशासन के विवादास्पद निर्णय पर स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत ने माना कि सरकार के इस कदम को गैरकानूनी बताया गया और आरोपी के निजता के अधिकार का उल्लंघन किया गया।

जावेद शहर के नागरिक समाज के प्रमुख सदस्य और वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य हैं और उनकी बेटी आफरीन फातिमा पार्टी की छात्र शाखा फ्रेटरनिटी मूवमेंट की राष्ट्रीय सचिव है। पुलिस ने शनिवार को 54 वर्षीय जावेद पंप को गिरफ्तार किया और दावा किया कि वह शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन के साजिशकर्ताओं में से एक था। एसएसपी अजय कुमार ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान जावेद ने कहा कि आफरीन अक्सर उसे सुझाव देती थी।

हालांकि, उन्होंने ये भी बताया है कि उनकी प्रारंभिक जांच में उन्हें आफरीन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। जावेद की गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष इलियास एसक्यूआर ने कहा, “… हम कानूनी रूप से उनकी (जावेद) मदद करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उसे फंसाया जा रहा है…”

वहीं जावेद की बेटी आफरीन फातिमा पिछले कई सालों से छात्र राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से भाषा विज्ञान में बीए ऑनर्स किया। उसने दिल्ली के जेएनयू से भाषा विज्ञान में अपने मास्टर के लिए दाखिला लिया। जहां साल 2019 में वह छात्र संघ में एक पार्षद के रूप में चुनी गई। उन्होंने 2021 में जेएनयू से स्नातक किया। जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, “आफरीन मेरी काउंसिल का हिस्सा थीं और कैंपस में एक बहुत ही मुखर छात्र कार्यकर्ता थीं। हम उनके साथ खड़े रहेंगे और उन्हें जो भी मदद की जरूरत होगी, हम देंगे।”

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रयागराज में जावेद पंप के घर पर योगी सरकार का बुलडोजर चलाए जाने के बाद हमला बोला है। ओवैसी ने कहा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बन गए हैं। वह किसी को भी दोषी ठहराएंगे और उनके घरों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ देंगे? ओवैसी ने कहा, जो मकान गिराया गया वह आरोपी की पत्नी के नाम पर है जो कि एक मुस्लिम महिला है।

43 घंटे से 11 वर्षीय बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में गिरे बच्चे को 43 घंटे बाद भी निकाला नहीं जा सका है। अधिकारियों का कहना है कि 11 वर्षीय बच्चे को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सारे प्रयास विफल रहने के बाद अब रोबोटिक्स इंजीनियर की मदद ली गई है। रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने परिजन को भरोसा देते हुए कहा कि सबकुछ ठीक रहा तो बच्चे को आधे घंटे के भीतर निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि हम पहले रोबोट को बोरवेल के अंदर ले जाएंगे, उसके बाद स्थिति का जायजा लेंगे। अगर सबकुछ सही रहा तो 30 मिनट के भीतर बच्चे को बाहर ले आएंगे। वहीं अधिकारियों ने बताया अभी तक लगभग 70 फुट का गड्ढा किया जा चुका है तथा इस कार्य में अभी पांच से छह घंटों का समय और लग सकता है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उसे जूस भी पीने को दिया गया। वह जूस को पी भी लिया। बच्चे की इस कोशिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों की उम्मीदें बना रखी है। इतना ही नहीं बोरवेल में गिरा राहुल अब खुद बाल्टी से पानी भरने में मदद कर रहा है। दरअसल, बोरवेल की दीवारों से थोड़ा-थोड़ा पानी रिस रहा और बच्चा ऊपर से भेजे गए बाल्टी में पानी को भरने में मदद कर रहा है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। हालांकि उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है।

जांजगीर-चंपा के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि बच्चे का नाम राहुल साहू है। वह शुक्रवार दोपहर खेलने के लिए अपने घर के पीछे गया था। लेकिन ध्यान न रहने के कारण वहां खुले बोरवेल में गिर गया सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया। वहीं, शाम चार बजे से बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि परिजनों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद बोरवेल के पास गड्ढा खोदने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को भी जानकारी दी गई। इसके अलावा चिकित्सकों की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया, जो बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं।

बच्चे के पिता लाला राम साहू ने बताया कि यह बोरवेल करीब 80 फीट गहरा है, जो उन्होंने अपने घर के पीछे बने खेत में खुदवाया था। हालांकि, पानी नहीं निकलने पर उसे खुला ही छोड़ दिया गया। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चे को बचाने के लए अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

भाजपा की नफरत की राजनीति के कारण देश का सिर झुक गया – सांसद संजय सिंह

सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और उसके प्रवक्ता गलती करते हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी से उनको नफरत की ट्रेनिंग मिलती है और माफी भारत को मांगनी पड़ती है। यह 130 करोड़ भारतवासियों का अपमान है जो नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी की वजह से आज पूरी दुनिया के सामने हमें बर्दाश्त करने को पड़ रहा है।


नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की आपत्तिजनकर टिप्पणी के मुस्लिम देशों में विरोध पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति के कारण देश का सिर झुक गया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जती कराई है।

पार्टी मुख्यालय में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में संजय सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत सरकार के राजदूतों को बुलाया जा रहा है और उनसे माफी मांगने के लिए कहा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो बेइज्जती हो रही है, उन खबरों को दबाने के लिए आज उन्होंने सुबह ईडी का छापा सत्येंद्र जैन के घर पर करवाया है। ईडी की यह कार्रवाई एक ईमानदार स्वास्थ्य मंत्री और जैन समुदाय का अपमान है।

सीबीआई, ईडी, आईटी का छापा सत्येंद्र जैन के घर पर बहुत बार पड़ चुका है, लेकिन कभी कुछ हासिल नहीं हुआ है। इस बार भी ईडी को पांच दिन की जांच के बाद कुछ नहीं मिला है।

सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और उसके प्रवक्ता गलती करते हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी से उनको नफरत की ट्रेनिंग मिलती है और माफी भारत को मांगनी पड़ती है। यह 130 करोड़ भारतवासियों का अपमान है जो नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी की वजह से आज पूरी दुनिया के सामने हमें बर्दाश्त करने को पड़ रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री और भाजपा को सुझाव दिया कि वे देश के लिए कुछ अच्छा काम करें। हम सब के प्रति अगर इतनी दुर्भावना आपके मन में भरी पड़ी है तो एक साथ सभी को गिरफ्तार करके जेल में डाल दीजिए, लेकिन देश के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और देश की तरक्की पर कुछ काम करके दिखाए।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सोमवार को भाजपा पर उसके दो नेताओं की पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी को लेकर निशाना साधा।

उन्होंने ट्वीट में कहा कि भाजपा ने देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है कि छोटे छोटे देशों की भारत जैसे महान देश को आंखें दिखाने की हिम्मत हो गई? वह भारत को चुनौती दे रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने देश का क्या हाल कर दिया। आज हर भारतवासी बेहद पीड़ित है, दुख की सीमा नहीं।

MP : ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर संघ प्रमुख के बयान पर गृह मंत्री ने कही ये बात

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर कहा था कि भारत किसी एक पूजा और एक भाषा में विश्वास नहीं करता है क्योंकि हम सभी आम पूर्वज के वंशज हैं। ज्ञानवापी का एक इतिहास है जिसे हम बदल नहीं सकते। आज के हिंदू और मुसलमानों ने इसे नहीं बनाया है। हर मस्जिद में रोज शिवलिंग क्यों देखते हैं?

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुनावी माहौल के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा-मैं उनकी बात से सहमत हूं। मोहन भागवत ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर कल नागपुर में कहा था कि हर मस्जिद में रोज शिवलिंग क्यों देखते हैं? झगड़ा क्यों? वह भी एक पूजा है जिसे उन्होंने अपनाया है। हमें सबको जोड़ना है। संघ भी सबको जोड़ने का काम करता है जीतने के लिए नहीं। नरोत्तम मिश्रा ने संघ प्रमुख के इसी बयान का समर्थन किया।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा के विधायकों की जिम्मेदारी के सवाल पर कहा कमलनाथ को जिम्मेदारी दी है। यह उनकी पार्टी का मामला है। उन्होंने गाने का जिक्र करते हुए निशाना साधा और कहा अपनी बिगड़ी बना ना सके, दुनियाभर के घड़ीसाज बने फिरते हैं।

दिग्विजय सिंह की विजय यात्रा के बारे में गृह मंत्री ने कहा, वह पहले भी कई यात्राएं निकाल चुके हैं। जैसा उनका परिणाम हुआ वैसे ही इसका होगा। कांग्रेस के पास प्रत्याशी बनाने के लिए कार्यकर्ता नहीं बचे हैं। उनके पास सिर्फ नेता ही बचे हैं। टिकिट देने के नाम पर भीड़ जुटाए रखते हैं।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर कहा था कि भारत किसी एक पूजा और एक भाषा में विश्वास नहीं करता है क्योंकि हम सभी आम पूर्वज के वंशज हैं। ज्ञानवापी का एक इतिहास है जिसे हम बदल नहीं सकते। आज के हिंदू और मुसलमानों ने इसे नहीं बनाया है। हर मस्जिद में रोज शिवलिंग क्यों देखते हैं? झगड़ा क्यों? वह भी एक पूजा है जिसे उन्होंने अपनाया है। हमें सबको जोड़ना है। संघ भी सबको जोड़ने का काम करता है जीतने के लिए नहीं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा – मैं उनके बयान से सहमत हूं। कश्मीर में हिंदुओं की हत्या पर कहा कश्मीर में हिंदुओं की हत्या हो रही है। उस पर किसी कांग्रेस के नेता ने ट्वीट नहीं किया, पर सेना पर सवाल जरूर खड़े कर देते हैं।

सोशल मीडिया पर पार्षदों के चुनाव लड़ने के भ्रम पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा मैंने अधिकारियों से बात की है। आपके सहयोग से कहना चाहता हूं, कोई भी पार्षद का चुनाव किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, किसी तरह के भ्रम में ना आएं। सोशल मीडिया पर जारी की गई फर्जी पोस्ट में कहा गया था कि जिस वार्ड के मतदाता होंगे उसी वार्ड से पार्षद चुनाव लड़ सकेंगे। किसी दूसरे वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

कोर्ट ने नेपानगर विधायक पर दिए FIR करने के दिए निर्देश, फर्जी दस्तावेज के आधार पर चुनाव लड़ने का मामला

 

बुरहानपुर : कांग्रेस छोड़ भाजपा से चुनाव लड़ नेपानगर विधायक बनी सुमित्रा कासडेकर पर बुरहानपुर की एक कोर्ट ने एफ आई आर के आदेश दिए हैं। कोर्ट में फरियादी बालचंद में पिटीशन दायर की थी जिसमें दावा किया गया था कि सुमित्रा कार्य करें फर्जी दस्तावेज लगाकर विधायक चुनाव लड़ा है।

उन्होंने अपनी पोजीशन में मांग की थी कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ी सुमित्रा कॉल देकर पर 420 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। फरियादी के वकील ने बताया कि 30 मई को कोर्ट ने सुमित्रा कासडेकर के खिलाफ f.i.r. करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

बुरहानपुर की एक कोर्ट मैं नेपानगर विधायक सुमित्रा कासडेकर के खिलाफ एक पिटीशन दायर की गई थी। पिटीशनर बालचंद ने अपनी प्रेसिपिटेशन में दावा किया कि सुमित्रा कार्य करने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ा है जिसके बाद वह विधायक चुनी गई है।फरियादी बालचंद की पिटीशन पर फैसला सुनाते हुए खकनार पुलिस को FIR के निर्देश दिए है ।

मामला उपचुनाव का है। न्यायालय ने विधायक सुमित्रा कासडेकर पर 420, 467 सहित अन्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए है । नेपा विधायक पर उपचुनाव सुमित्रा कासडेकर में फर्जी दस्तावेज से चुनाव जीतने का आरोप है।

फरयादी के अधिवक्ता जहीरुद्दीन शेख ने बताया कि उन्होंने धारा 156/3 के तहत कोर्ट में परिवाद दायर किया था जिसमें सुमित्रा कासडेकर के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 में केस दर्ज करने की मांग की थी जिस पर कोर्ट ने खकनार थाने को 30 मई को आदेशित किया कि विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

बता दें कि सुमित्रा कासडेकर पहले कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ कर कमलनाथ सरकार में विधायक बनी थी। ज्योतिराज सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद सुमित्रा कासडेकर ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गई और उपचुनाव में बीजेपी के सिंबल से चुनाव लड़ कर एक बार फिर विधायक बन गई ।

चुनाव के समय भाजपा विधायक पर एफ आई आर की खबर से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा धक्का लगा है। इस मामले के सामने आने की बाद फिलहाल भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मैं हिंदू हूं लेकिन बेवकूफ नहीं, BJP धर्म का सबसे बड़ा अपमान कर रही – कमलनाथ

कमलनाथ के हिंदू हूं, बेवकूफ नहीं वाले बयान पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कमलनाथ जी हों या राहुल जी हों ये इच्छाधारी हिंदू हैं। चुनाव के समय इन्हें हिंदू याद आता है।

मध्य प्रदेश में हिंदू मुद्दे पर सियासत जारी है। कमलनाथ के बयान पर शिवराज ने पलटवार किया तो कमलनाथ ने फिर शिवराज पर निशाना साधा। उन्होंने कहा शिवराज की नौटंकी अब नहीं चलेगी। जनता उन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी।

कमलनाथ ने दोहराया कि मैं अपने हिंदू वाले बयान पर अभी भी अडिग हूं। कमलनाथ ने कहा था- मैं हिंदू हूं लेकिन बेवकूफ नहीं हूं।

पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा बीजेपी जनता को धोखा दे रही है। शिवराज जी जितनी भी नौटंकी कर लें, अब यह समय नौटंकी का चला गया है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब देगी। मैं हिंदू हूं लेकिन बेवकूफ नहीं हूं और ना किसी को बेवकूफ बनाना चाहता हूं। मैंने मंदिर बनाया, लेकिन उसकी पब्लिसिटी नहीं की।

कमलनाथ ने कहा – बीजेपी धर्म का सबसे बड़ा अपमान कर रही है। मैं हिंदू हूं लेकिन बेवकूफ नहीं वाले अपने बयान पर मैं आज भी अडिग हूं।

उन्होंने कहा कि मैंने जो कल कहा था वह आज भी कह दिया। मुख्यमंत्री शिवराज ने कमलनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कमलनाथ को हिंदू होने का प्रमाण पत्र देना पड़ रहा है।

कमलनाथ के हिंदू हूं, बेवकूफ नहीं वाले बयान पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कमलनाथ जी हों या राहुल जी हों ये इच्छाधारी हिंदू हैं। चुनाव के समय इन्हें हिंदू याद आता है।

बीजेपी एमएलए रामेश्वर शर्मा ने कहा साधु संत, कथा वाचने वाले, जय श्रीराम बोलने वाले क्या कमलनाथजी को बेवकूफ हिन्दू दिखते हैं। श्रीराम को काल्पनिक बताने वाली कांग्रेस हिन्दुओं को बदनाम कर रही है। उसी कांग्रेस के जिम्मेदार नेता मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ हिन्दुओं को बेवकूफ बता रहे हैं। कथा भागवत का पाठ करने वाले, गंगा स्नान करने वाले, श्रीराम की जय जय कार करने वाले हिन्दू क्या बेवकूफ हिन्दू हैं ?

22 किलोमीटर दौड़कर किया छात्रावासों का निरीक्षण 

खंडवा : जनजातीय कार्यविभाग खंडवा में पदस्थ सहायक आयुक्त विवेक पाण्डेय अपनी फिटनेस को लेकर युवाओं का रोल मॉडल बने हुए हैं।

आज उन्होंने प्रातः खंडवा से पंधाना 22 किलोमीटर की दूरी दौड़कर अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास, अनुसूचित जनजाति सीनियर बालक छात्रावास तथा कन्या शिक्षा परिसर पंधाना का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।

उनकी इस उपलब्धि पर खंडवा जिले के सभी जिलाधिकारियों ने शुभकामनाएं व्यक्त की।

 

 

पंजाबी गायक मूसेवाला की गोली मारकर हत्या, मान सरकार ने घटाई थी सुरक्षा, सिद्धू ने बताया था यूथ आइकन

लुधियाना : पंजाब के मानसा जिले में दिनदहाड़े पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को गांव जवाहरके के पास अंजाम दिया गया है। मूसेवाला की मौत से पंजाब में सनसनी फैल गई है। मूसेवाला के दो साथी घायल हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शनिवार को ही सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा को हटाया था।

 

बताया जा रहा है कि पहले गायक के पास करीब 10 गनमैन थे लेकिन मान सरकार ने इनकी संख्या कम कर दी थी। काले रंग की गाड़ी में सवार दो हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया है। मूसेवाला ने कांग्रेस की टिकट पर इसी साल मानसा से विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

 

मूसेवाला ने पंजाब के मानसा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में उन्हे करारी हार का सामना करना पड़ा था। आम आदमी पार्टी के डॉ. विजय सिंगला ने मूसेवाला को 63323 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। 2021 में चुनाव से ठीक पहले मूसेवाला ने कांग्रेस ज्वाइन की थी। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हे यूथ आइकन बताया था।

PFI नेता ने हाईकोर्ट पर की विवादित टिप्पणी, कहा- जजों के इनरवियर भगवा हैं

 

केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को अलपूझा में 21 मई की रैली के संबंध में कथित भड़काऊ नारेबाजी के संबंध में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

 

केरल के अलपूझा में हाल ही में भड़काऊ भाषण मामले के बाद पीएफआई नेता ने न्यायपालिका पर हमला किया है। केरल पीएफआई नेता याहिया तंगल ने हाईकोर्ट के जजों पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि उनके इनरवियर भगवा हैं।

पीएफआई नेता ने कहा, अदालतें अब आसानी से चौंक रही हैं। हमारे नारे सुनकर न्यायाधीश चौंक रहे हैं। क्या आप इसका कारण जानते हैं? इसका कारण यह है कि उनके आंतरिक वस्त्र भगवा हैं। चूंकि वह भगवा है, इसलिए वह जल्दी गर्म हो जाता है। इसके बाद जलन होती है और वह आपको परेशान करता है।

पीएफआई नेता याहिया तंगल द्वारा की गई टिप्पणी के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उस पर न्यायालय के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप है।

 

वहीं अलपूझा में हुई रैली में विवादित भाषण के आरोप में अब तक 27 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

रैली के दौरान हुई नारेबाजी का वीडियो सामने आया था। वायरल वीडियो में एक लड़का नारा लगा रहा है, ‘हिंदुओं को अपने अंतिम संस्कार के लिए चावल रखना चाहिए और ईसाइयों को अपने अंतिम संस्कार के लिए सुगंधित धूप, अगरबत्ती रखना चाहिए। अगर आप शालीनता से रहते हैं तो आप हमारी भूमि में रह सकते हैं और यदि अच्छे से नहीं रहते हैं तो हम आजादी जानते हैं। शालीनता से जियो।’ मौजूद लोग बच्चे के इस नारे को दोहराते सुनाई दे रहे हैं।

केरल पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को 18 और लोगों को गिरफ्तार किया है। केरल पुलिस ने कहा कि ये वे लोग थे जो बच्चे द्वारा लगाए गए नारे दोहरा रहे थे। दो लोगों को पहले गिरफ्तार किया गया था।

 

केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को अलपूझा में 21 मई की रैली के संबंध में कथित भड़काऊ नारेबाजी के संबंध में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

 

वहीं नाबालिग लड़के को कंधे पर उठाकर ले जाने वाला एराट्टुपेट्टा निवासी अनस इस मामले में गिरफ्तार होने वाला पहला व्यक्ति था।

 

दरगाह के नीचे शिवलिंग होने का दावा, सर्वे कराने की मांग

 

अजमेर स्तिथ सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के स्थान पर पहले शिवलिंग होने का दावा करने वाले  महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार के दावे को दरगाह की अंजुमन कमेटी ने सिरे से खारिज किया है।

 

उत्तर प्रदेश के काशी के ज्ञानवापी मसला अभी पूरी तरह से सुलझा भी नहीं है। इसी बीच राजस्थान के अजमेर में भी दरगाह के नीचे शिवलिंग होने का दावा कर दिया गया है। इतना ही नहीं ज्ञानवापी की तरह ही यहां भी सर्वे कराने की मांग की जा रही है।

 

सोशल मीडिया पर महाराणा प्रताप सेना नाम के फेसबुक पेज पर राजवर्धन सिंह परमार की एक पोस्ट ने नई सनसनी फैला दी।

 

परमार ने फेसबुक पेज पर अजमेर दरगाह के नीचे शिवलिंग होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को जांच के लिए पत्र लिखा है।

 

प्रताप सेना के फेसबुक पेज पर लिखी गई इस पोस्ट में एक तस्वीर साझा की गई है, जिसमें स्वास्तिक का निशान नजर आ रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक सीआईडी की और से इस पूरे मामले में की गई पड़ताल के बाद सरकार को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमे इस तस्वीर को दरगाह का नहीं बताकर कुछ ही दूर स्तिथ अढ़ाई दिन के झोपड़े का बताया गया है।

 

इस बीच बीते गुरुवार को एडीएम सिटी भावना गर्ग, एएसपी वैभव शर्मा दरगाह पहुंचे। हालंकि मीडिया से बातचीत में एडीएम सिटी ने दरगाह दौरे को इस विषय से ना जोड़ते हुए रूटीन व्यवस्थाओं का जायजा और सुरक्षा समीक्षा का होना बताया।

 

अजमेर स्तिथ सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के स्थान पर पहले शिवलिंग होने का दावा करने वाले  महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार के दावे को दरगाह की अंजुमन कमेटी ने सिरे से खारिज किया है।

 

खादिमों की संस्था अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष और सचिव ने मीडिया के सामने आकर दिए बयान में इस दावे को झूठा बताया और कहा की इस जगह पर कभी ऐसा कुछ नहीं रहा।

 

अंजुमन अध्यक्ष मोईन सरकार ने कहा की गरीब नवाज की दरगाह धर्म जात के बंधन से परे हटकर सर्वधर्म सदभाव की प्रतीक है। यहां मुसलमानों से ज्यादा हिंदू अपनी मुरादे लेकर जियारत के लिए आते हैं और इस तरह के बयान जारी कर आस्था पर ठेस पहुंचाई जा रही है।

 

अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा ने कहा की इस तरह के झूठे दावे कर गंगा जमुनी संस्कृति को बिगाड़ने और अशांति फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

खंडवा: सगाई समारोह में भोजन के बाद करीब 300 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार, जिला अस्पताल और निजी हॉस्पिटल में किया एडमिट

खंडवा: खंडवा में एक सगाई समारोह के दौरान भोजन करने से लगभग 300 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। सभी मरीजों को निजी अस्पताल सहित जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उनका इलाज जारी है । बताया जा रहा है कि मिठाई में कोई खराबी होने से लोगों की तबीयत बिगड़ गई । गुरुवार देर रात से एक-एक कर उल्टी दस्त के मरीज अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में महिला, बच्चों सहित बुजुर्ग भी शामिल है।

खंडवा के हजरत खान शाह वर्ली वार्ड में एक मुस्लिम परिवार में सगाई समारोह का आयोजन था । यह आयोजन वार्ड के शहनाई पैलेस में आयोजित किया गया था। गुरुवार रात भोजन का कार्यक्रम रखा गया था । भोजन में नॉनवेज सहित वेज खाना और मिठाई शामिल थी। यहां लगभग 500 लोगों ने खाना खाया जिसमें से लगभग 300 लोगों को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हो गई । फूड प्वाइजनिंग के चलते उल्टी दस्त के शिकार हुए मरीजों को जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में एडमिट किया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में बेड की हुई कमी
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में फूड प्वाइजनिंग के शिकार मरीज जब जिला अस्पताल पहुंचे , तो जिला अस्पताल में बेड की कमी हो गई । मरीजों को पलंग नहीं मिलने से जमीन पर ही लेटा कर उनका इलाज किया जा रहा है । बता दें कि अभी तक किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।

मिठाई से फूड प्वाइजनिंग की आशंका
अस्पताल में भर्ती मरीजों के अनुसार भोजन में नॉनवेज सहित वेज खाना बना था। खाने में मिठाई भी शामिल थी । मरीजों का मानना है कि मिठाई का मावा खराब होने से सभी की तबीयत बिगड़ी है । हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि किस खाने में खराबी के चलते इतने लोगों को फूड प्वाइजनिंग का शिकार होना पड़ा।

जिला अस्पताल के डॉ अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि जिला अस्पताल में 120 मरीज भर्ती हुए हैं जो किसी शादी समारोह में फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं हालांकि सभी की स्थिति बेहतर है लेकिन मरीजों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है।

बड़वाह के दिव्यांग युवक के कायल हुए प्रधानमंत्री मोदी, ट्वीट कर कहीं यह बात

मध्य प्रदेश खरगोन जिले की बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले दिव्यांग आयुष के दीवाने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को फॉलो कर उसके द्वारा बनाई गई पेंटिंग और यूट्यूब चैनल को प्रमोट भी किया है ।खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी साझा की है। आयुष का प्रधानमंत्री से मिलना खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयासों के चलते संभव हो पाया।

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की बड़वाह विधानसभा में रहने वाले दिव्यांग युवक आयुष कुंडल की चित्रकला देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसके कायल हो गए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ना सिर्फ आयुष की पेंटिंग की तारीफ की बल्कि उसे ट्विटर पर फॉलो भी किया ।

दिव्यांग युवक आयुष कुंडल जन्मजात दिव्यांग है। लेकिन उसने कभी अपनी दिव्यांगता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयासों के चलते आज दिव्यांग आयुष की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांग आयुष कुंडल की एक तस्वीर के साथ फोटो अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि आज आयुष कुंडल से मिलना मेरे लिए एक अविस्मरणीय क्षण बन गया।

आयुष ने जिस प्रकार पेंटिंग में महारत हासिल की और अपनी भावनाओं को पैर की उंगलियों से आकार दिया, वो हर किसी को प्रेरित करने वाला है। अनवरत प्रेरणा मिलती रहे, इसलिए मैं उन्हें ट्विटर पर फॉलो कर रहा हूं।

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दूसरा क्यूट करते हुए आयुष कुंडल के यूट्यूब चैनल को भी प्रमोट किया है उन्होंने क्यूट करते हुए कहा किआप सभी से आग्रह करता हूं कि आप आयुष कुंडल की पेंटिंग को जरूर देखें। आयुष ने अपनी पेंटिंग के लिए एक यूट्यूब चैनल भी बनाया है, जिसमें उनकी जिंदगी के अलग-अलग रंग समाहित हैं। उनके चैनल का लिंक है

बता दें कि अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर निकले खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की मुलाकात बड़वाह में दिव्यांग आयुष से हुई थी आयुष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने उसकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा और आज आयुष किया इच्छा पूरी हो गई।

आयुष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद बेहद खुश है ।तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आयुष की पेंटिंग और उसकी हिम्मत देख उसके कायल हो गए हैं। इसीलिए उन्हें उन्होंने उसे ट्विटर पर फॉलो भी किया है।

सरकार हमारे हिसाब से चलेगी, जिसे दिक्कत उसे बदल दिया जाएगा – CM शिवराज

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश को लॉ एंड आर्डर के मामले में टॉप पर लाने के लिए काम करना होगा। महिला अपराध, बेटियों के खिलाफ अपराध और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कानूनी प्रक्रिया अपना काम करेगी, लेकिन सजा इस तरह से होगी कि अपराधी अपराध करने से पहले सोचें।

भोपाल : अपनी चौथी पारी के 2 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बदले-बदले से नजर आए। सीएम शिवराज ने बुधवार शाम मंत्री और अफसरों की बैठक बुलाई और साफ कर दिया कि सरकार उनके हिसाब से चलेगी, अफसरशाही को हावी नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अफसरों को चेताते हुए कहा कि उनके जारी निर्देशों का अफसरों को पालन करना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो अफसर को बदल दिया जाएगा।

मंत्रालय में चली 1 घंटे लंबी बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने डेढ़ साल के आगामी प्लान का खाका भी पेश कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के कलेक्टरों देखें कि जल-जीवन मिशन का काम ढंग से क्रियान्वित हो रहा है या नहीं। नल लग गया और पानी नहीं पहुंचा यह नहीं होना चाहिए। 10 अप्रैल से जलाभिषेक अभियान की शुरुआत होगी।

मुख्यमंत्री ने राशन माफिया, पीएम आवास योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा है कि सरकार ई-वाऊचर की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसके तहत जिसके लिए पैसा दिया जाएगा, उसे ही दिया जाएगा। फर्जीवाड़ा बंद होगा और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचेगा। मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार एक्शन के मूड में है। अफसरों को मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कानून व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए।

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश को लॉ एंड आर्डर के मामले में टॉप पर लाने के लिए काम करना होगा। महिला अपराध, बेटियों के खिलाफ अपराध और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कानूनी प्रक्रिया अपना काम करेगी, लेकिन सजा इस तरह से होगी कि अपराधी अपराध करने से पहले सोचें।

पचमढ़ी में होने वाली शिवराज कैबिनेट की बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सलाह दी है कि वह अपने विभाग का रोड मेप तैयार करें। मंत्रियों को ये रोड मैप बैठक में देना होगा।

1 सप्ताह से लेकर 1 साल तक के कार्यक्रम तय करने होंगे। 8 अप्रैल को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। 29 मार्च को पीएम आवास का कार्यक्रम होगा। पीएम मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअली तरीके से जुड़ेंगे।

सीएम 29 मार्च को छतरपुर जाएंगे और कार्यक्रम में शामिल होंगे। 30 मार्च को जल-जीवन मिशन का कार्यक्रम होगा। 31 मार्च को रोजगार मेला का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जहां हिंदू अल्पसंख्यक होगा, वहां धर्मनिरपेक्षता संकट में होगी – उमा भारती

कांग्रेस के पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा है कि बीजेपी ने उन्हें दरकिनार कर दिया है। शराब जैसे मुद्दे को लेकर उनकी नहीं सुनी जा रही। इसलिए अब वह अवसाद में हैं। अवसाद के चलते वे इस तरह के बयान दे रही हैं।

 

बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती हिंदूवादी नेता की छवि के तौर पर मध्य प्रदेश में सियासी जमीन तलाश रही हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगी उमा ने इस छवि को पेश करना शुरू भी कर दिया है।

टीकमगढ़ अपने घर पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बुधवार को द कश्मीर फाइल्स को लेकर कहा कि जहां हिंदू अल्पसंख्यक होगा, वहां धर्मनिरपेक्षता संकट में होगी। कश्मीर इसका उदाहरण है।

उनके इस बयान को लेकर अब सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर उन्हें दरकिनार करने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है।

उन्होंने यहां मीडिया से कहा ही मैंने चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। पद और सीट पार्टी तय करेगी। शराबबंदी को लेकर उमा भारती ने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन तय करे कि शराब की दुकान किस स्थान पर खोलना चाहिए।

उनके फिल्म पर दिए बयान पर जिला बीजेपी अध्यक्ष अमित नुना ने कहा कि उमा हमारी सीनियर लीडर हैं। उन्होंने जो कहा है वो सही है।

दूसरी ओर, कांग्रेस के पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा है कि बीजेपी ने उन्हें दरकिनार कर दिया है। शराब जैसे मुद्दे को लेकर उनकी नहीं सुनी जा रही। इसलिए अब वह अवसाद में हैं। अवसाद के चलते वे इस तरह के बयान दे रही हैं।

उमा भारती के कश्मीर द फाइल्स को लेकर दिए बयान पर बुंदेला ने कहा कि उस वक्त परिस्थिति अलग थी। उनके विस्थापन को लेकर कांग्रेस सरकार ने भी कदम उठाया।

गौरतलब है कि मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के तेवर अचानक तीखे हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में भोपाल की एक शराब दुकान पर पहुंचकर पत्थर से बोतलें तोड़ दी थीं।

उन्होंने इस घटनाक्रम से ये संकेत दे दिया कि वे आम जनता के साथ खड़ी हैं। इससे पहले वे प्रदेश में कई बार शराबबंदी के लिए आंदोलन का ऐलान कर चुकी हैं। उमा भारती की इस सक्रियता से प्रदेश भाजपा के सामने एक बड़ी समस्या आ पड़ी है।

उमा भारती ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि वे 2024 का चुनाव लड़ेंगी। ऐसे में मप्र में उनके लिए एक सीट तय करना पार्टी के लिए नई उलझन होगी।

 

MP : मुसलमानों की हत्याओं पर भी फिल्म बनाएं, वे कीड़े नहीं इंसान है – IAS नियाज खान

द कश्मीर फाइल्स निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री का मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर भोपाल- ग्वालियर के साथ उत्तर प्रदेश से भी खासा नाता है। विवेक ग्वालियर में पले-पढ़े हैं। उनकी हायर एजुकेशन भोपाल में हुई।

भोपाल : कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब इस मामले में मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी नियाज खान भी कूद गए हैं।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा- ‘निर्माता देश के कई राज्यों में हुई मुसलमानों की हत्याओं पर भी फिल्म बनाएं। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं।’

गौरतलब है कि द कश्मीर फाइल्स पर आईएएस नियाज खान ने कुछ ट्वीट किए। उन्होंने पहला ट्वीट किया- ‘अलग-अलग मौकों पर मुसलमानों के नरसंहार को दिखाने के लिए एक किताब लिखने की सोच रहा हूं। ताकि निर्माता कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म बना सकें। ताकि अल्पसंख्यकों के दर्द और पीड़ा को भारतीयों के सामने लाया जा सके।

नियाज खान ने दूसरा ट्वीट किया- कश्मीर फाइल ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए भी एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।

गौरतलब है कि नियाज खान फिलहाल लोक निर्माण विभाग में उप सचिव के पद पर हैं। वे कई किताबें लिख चुके हैं।

खान अपने धर्म की हिंसक छवि को मिटाने के लिए भी रिसर्च कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस्लाम के बदनाम होने के पीछे कई संगठनों की खराब छवि है।

बता दें, द कश्मीर फाइल्स निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री का मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर भोपाल- ग्वालियर के साथ उत्तर प्रदेश से भी खासा नाता है। विवेक ग्वालियर में पले-पढ़े हैं। उनकी हायर एजुकेशन भोपाल में हुई।

दरअसल, उनके पिता डॉ प्रभुदयाल अग्निहोत्री ने भोपाल और ग्वालियर में कई दिनों तक पदस्थ रहे। विवेक गलियों, मैदानों पर पत्थर की गोटियों से सितौलिया और कबड्‌डी खेला करते थे। उनके दोस्त ने बताया कि डायरेक्शन देने का शौक तो उन्हें बचपन से था। कोई भी बात होती, वह दोस्तों को डायरेक्शन देने लगता था।

MP : देश में फैलाया जा रहा है सांस्कृतिक आतंकवाद – शिक्षा मंत्री

सारंग ने सवाल उठाया कि हमारे तीज और त्यौहारों पर ही इस तरह की बात क्यों सामने आती है? सारंग ने आरोप लगाया कि पर्यावरण के बहाने कुछ लोग हमारे त्यौहारों पर हमले कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने होली पर पानी बचाने के संदेशों पर तीखी आपत्ति जताई है।

उन्होंने कहा कि यह संदेश देश में सांस्कृतिक आतंकवाद फैला रहे हैं। हमारे तीज-त्योहारों पर पर्यावरण की बात कर हमले किए जा रहे हैं।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान सारंग ने कहा कि होली पर पानी बचाने के संदेश फैलाने से हमारे युवाओं को हिंदू त्यौहारों से दूर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। केवल होली पर पानी बचाने का संदेश चलाने से काम नहीं चलेगा। यह संदेश चलाने वाले लोग वह हैं, जो होली पर पानी बचाने की बात करते है। अपनी गाड़ी को चमकाने के लिए न जाने कितना गेलन पानी बर्बाद कर देते हैं। यह उन्हें बताना चाहिए।

सारंग ने सवाल उठाया कि हमारे तीज और त्यौहारों पर ही इस तरह की बात क्यों सामने आती है? सारंग ने आरोप लगाया कि पर्यावरण के बहाने कुछ लोग हमारे त्यौहारों पर हमले कर रहे हैं।

बता दें 17 मार्च को होली दहन होगा। भोपाल में 17 प्रमुख जगहों पर होली दहन होगा। बता दें कोरोना के कारण पिछले दो साल से होली का पर्व ठीक से नहीं मनाया गया।

इस बार कोरोना संक्रमण कंट्रोल में आने के बाद सरकार ने सभी प्रतिबंध हटा दिए है। इस बार कई संगठनों ने होली और रंगपंचमी का त्यौहार मनाने की तैयारी की है। कई इलाकों में चल समारोह भी निकाले जाएंगे।

भाजपा सांसद का बड़ा बयान – जिसे कश्मीर फाइल्स से नाराजगी वो कहीं और चले जाए

खंडवा : कश्मीरी पंडितो के दर्द को बयान करती फिल्म कश्मीर फाइल्स को लेकर सड़क से संसद तक बहस छिड़ी हुई हैं। ऐसे में कोई इस फिल्म को मुस्लिम विरोधी बता रहा है तो कोई फिल्म के बहाने विपक्ष पर निशाना साध रहा हैं। खंडवा में भी The Kashmir Files फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। इस स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने किया। फिल्म देखने के बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा जो फिल्म कश्मीर फाइल्स से नाराज़ है वो और कहीं (पाकिस्तान) रहने चले जाए।

खंडवा में बुधवार हाल ही में रिलीज हुए फिल्म कश्मीर फाइल्स की स्पेशल स्क्रीनिंग की गई। इस स्पेशल स्क्रीनिंग का आजोजन खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने किया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि इस फिल्म ने कश्मीर में हुए कत्लेआम की सच्चाई देश के सामने रख दी। कश्मीर को लेकर जो लोगों के सामने झूट परोसा गया वहीं हम अब तक सच मानते थे। लेकिन इस फिल्म के आने के बाद हमारे सामने सच्चाई सामने आई हैं।

उन्होंने फिल्म के सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि फिल्म बनाने वाले सभी कलाकार बधाई के पात्र हैं। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद उनके रहते ही इस फिल्म के माध्यम से कश्मीर का दर्द देश दुनिया के सामने आया हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते सिनेमा घर बंद थे इस लिए कलेक्टर से बोल कर एक टॉकीच में इस फिल्म का प्रदर्शन करवाया जा रहा हैं।

सांसद पाटिल ने कहा कि फिल्म देखने के बाद लोग जिस तरह से फीडबैक दे रहे है उस से साफ पता चलता हैं की फिल्म में ऐसा कोई सिन नहीं था जिसमें लोगों की आंख में अंशु न आए हो। जिस तरह से कश्मीरी पंडितो के साथ हुआ हैं वह घिनोना था लेकिन आज परिदृश्य बदल गया हैं। ये बदलाव प्रधानमंत्री मोदी जी के चलते ही हुआ हैं। और जब तक मोदी जी के हाथ में देश का नेतृत्व रहेगा तो जो परिस्थितियां 50 साल पहले थी वहीं परिस्थिति फिर से होंगी।

उनसे जब पूछा गया की क्या कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास हो पायेगा तो उन्होंने कहा मोदी हैं तो मुमकिन हैं मोदी जी के रहते जरूर कश्मीरी पंडितो का पुनर्वास हो जाएगा। वहीं उनसे पूछा गया की कुछ लोग इस फिल्म को लेकर नाराज हैं तो सांसद पाटिल ने कहा अगर कुछ लोग नाराज है तो उसका कोई इलाज नहीं हैं वो नाराज हो सकते हैं। और अगर नाराज ही होना है तो उनसे निवेदन हैं की यहाँ रहे ही नहीं वो और कहीं चले जाए।

पीएम मोदी ने दी पंजाब सीएम भगवंत मान को बधाई, कहा पंजाब के विकास के लिए साथ मिलकर काम करेंगे

नई दिल्ली:  पंजाब के नए सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann Oath) ने शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटखड़कलां में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उन्हें बधाई दी और कहा कि पंजाब के विकास के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे।

पीएम मोदी ने सीएम भगवंत मान को बधाई देते हुए कहा, ‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर भगवंत मान को बहुत बधाइयां। पंजाब के विकास और राज्य की जनता के कल्याण के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे।‘‘ पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित (Banwari Lal Purohit) ने राज्य के एसबीएस (शहीद भगत सिंह) नगर जिले में स्थित शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित समारोह में मान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में सिर्फ मान ने ही शपथ ली।

पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Kejriwal) ने बधाई देते हुए ट्वीट किया। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने पर भगवंत मान को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में पंजाब में ख़ुशहाली लौटेगी, खूब तरक़्क़ी होगी और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा। भगवान आपके साथ है। आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल भगवंत मान के शपथग्रहण समारोह में भी शामिल थे।

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Deputy CM Manish Sisodia) ने भी भगवंत मान को पंजाब के नए सीएम के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी और समारोह में शामिल हुए। सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए कहा कि पंजाब के नए मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान जी को बहुत बहुत शुभकामनाएं। आज से पंजाब में एक नए युग की शुरुआत हुई है, जहां सभी को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा मिलेंगी, रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और खेतों में खुशहाली लौटेगी।

Bhagwant Mann Oath: भगत सिंह के गांव में भगवंत मान ने ली सीएम पद की शपथ

चंडीगढ़ : पंजाब और आम आदमी पार्टी के लिए 16 मार्च 2022, बुधवार का दिन बहुत अहम है। विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने आज पंजाब के 17वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भगवंत मान ने नवांशहर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में शपथ ली। दिल्ली से अरविंद केजरीवाल समेत तमाम बड़े नेता भी खटकर कलां पहुंचें। अभी केवल Bhagwant Mann शपथ ली है। मंत्रीमंडल का गठन बाद में होगा। शपथ ग्रहण में शामिल होने वाले पुरुषों ‘बसंती’ (पीली) पगड़ी और महिलाएं पीला ‘दुपट्टा’ (शॉल) में नजर आए।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 92 सीटें जीतकर धमाकेदार प्रदर्शन किया है। Bhagwant Mann ने धूरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार दलवीर सिंह गोल्डी को 58,206 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पंजाब के मनोनीत मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान का 14 मार्च से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

शपथ ग्रहण के दौरान Bhagwant Mann का बेटा और बेटी भी मौजूद रहे। Bhagwant Mann का 2015 में तलाक हो गया था और उनकी 21 साल की बेटी सीरत कौर और 17 साल का बेटा दिलशान अमेरिका में अपनी मां के पास रहते हैं। 2014 में भगवंत मान ने लोकसभा चुनाव लड़ा था और तब उनकी पत्नी इंद्रप्रीत ने चुनाव अभियान की कमान संभाली थी। जहां मान 2014 में पहली बार आप सांसद चुने गए थे, वहीं 2015 में दोनों ने तलाक ले लिया था। वहीं इंद्रप्रीत अब बहुत खुशी हैं कि भगवंत मान पंजाब के सीएम बनने जा रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने उठाए गांधी परिवार पर सवाल तो अधीर रंजन चौधरी ने किया पलटवार 

नई दिल्लीः पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गांधी परिवार पर सीधा हमला बोला था। कपिल सिब्बल ने कहा था कि गांधी परिवार को किसी और के लिए पद छोड़ देना चाहिए। वहीं, कपिल सिब्बल के इस बयान के बाद पार्टी के कई नेताओं ने उन पर निशाना साधा है। पार्टी के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “कपिल सिब्बल कहां के नेता हैं, मुझे पता नहीं।”

कपिल सिब्बल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “जब वह (कपिल सिब्बल) यूपीए सरकार में मंत्री थे तो चीजें अच्छी थीं, अब जब यूपीए सत्ता में नहीं है तो उन्हें बुरा लग रहा है।” जी-23 के सदस्यों में कपिल सिब्बल हालिया समय में पार्टी नेतृत्व (गांधी परिवार) के खिलाफ मुखर रहे हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने जी-23 के सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा, “उन्हें (जी-23) सत्ता से बाहर रहने की आदत नहीं है। इसलिए वे आलोचना के जरिए खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं मालूम कि उनका (कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल) जनाधार क्या है।”

कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए इंटरव्यू पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के लोकसभा सांसद ने कहा, “उन्हें (कपिल सिब्बल) इस बात का उदाहरण पेश करना चाहिए कि वह कांग्रेस के समर्थन के बिना कुछ कर सकते हैं, अपनी विचारधारा के लिए अपने दम पर लड़ सकते हैं। वरना, एसी कमरे में बैठकर केवल इंटरव्यू देने का क्या फायदा है?”

कपिल सिब्बल ने हाल ही में द इंडियन एक्सप्रेस को इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा था। सिब्बल ने कहा था कि सीडब्ल्यूसी के बाहर भी एक कांग्रेस है, जिसमें नेताओं का नजरिया इससे बिल्कुल अलग है। सिब्बल ने कहा था कि उन्हें ‘सब की कांग्रेस’ चाहिए, जबकि कुछ लोग ‘घर की कांग्रेस’ चाहते हैं। कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह पार्टी के अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन सभी फैसले लेते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “राहुल गांधी पहले से ही वास्तविक अध्यक्ष हैं। तब क्यों कहा जा रहा है कि वे (राहुल गांधी) पार्टी की कमान वापस ले लें।”

45 घंटे की बैटरी लाइफ वाले लावा Probuds 21 TWS का भारत में हुआ लॉन्च

मुम्बई : अग्रणी भारतीय मोबाइल फोन कंपनी लावा इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपने नए ट्रु वायरलैस ईयरफोन्स- Probuds 21 का लॉन्च किया है। ब्राण्ड के TWS पोर्टफोलियो में यह नया एडीशन आकर्षक स्टेम डिज़ाइन और 3 महीने के मुफ्त गाना प्लस सब्सक्रिप्शन क साथ आता है। यह अपने सेगमेन्ट में पहला TWS है जो अब तक की सबसे बड़ी बैटरी 60mAh के साथ एक बार चार्ज करने पर 9 घण्टे तक का प्लेबैक टाईम देता है। इसके अलावा ईयरफोन का स्लीक स्टोरेज केस 500mAh बैटरी के साथ आता है जो डिवाइस को 5 बार तक चार्ज कर सकती है तथा 45 घण्टे से भी ज़्यादा कुल प्लेबैक टाईम देती है। TWS में 12 एमएम के डायनामिक ड्राइवर्स हैं जो थम्पिंग बास के साथ हाई डेफिनेशन साउण्ड देते हैं। लावा के नए Probuds 21TWS की कीमत रु 1499 है। हालांकि वर्तमान में ये लावा ई-स्टोर और ऐमेज़ॉन पर मात्र रु 1299 की इंटरोडक्टरी कीमत पर उपलब्ध हैं। उपभोक्ता 24 मार्च तक इस स्पेशल इंटरोडक्टरी कीमत पर प्रोडक्ट को खरीद सकते हैं। *

Probuds 21 को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह हर व्यक्ति के कान में फिट हो जाता है, और साउण्ड आउसोलेशन के साथा शानदार ऑडियो का अनुभव प्रदान करता है। Probuds का एक और बेहरतीन फीचर है इसकी क्विक चार्ज टेक्नोलॉजी, जो मात्र 20 मिनट चार्ज करने पर 200 मिनट का प्लेटाईम देती है। बड्स आधुनिक ब्लूटुथ वर्ज़न 5.1 और वेक एण्ड पेयर टेकनोलॉजी के साथ आते हैं जो बेहतरीन इंस्टेन्ट कनेक्टिविटी देते हैं। TWS ज़बरदस्त वायरलैस परफोर्मेन्स देता है और गूगल एवं सिरी के साथ प्रभावी इंटरैक्शन के लिए टच कंट्रोल वॉइस असिस्टेन्ट के साथ आता है।

नए लॉन्च के बारे में बात करते हुए तेजिन्दर सिंह, हैड-प्रोडक्ट, लावा इंटरनेशनल ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि हम अपने TWS में एक और पावरफुल और किफ़ायती प्रोडक्ट प्रोबड्स 21 लेकर आए हैं। प्रोबड्स 21 कॉम्पैक्ट, लाईटवेट हैं और लम्बी बैटरी लाईफ के साथ आते हैं जो उपभोक्ताओं को बेजोड़ अनुभव प्रदान करती हैं। अक्सर हमने देखा है कि TWS का अधिक इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स को शिकायत रहती है कि उन्हें बड्स को बार-बार चार्ज करना पड़ता है। प्रोबड्स 21 के लॉन्च के साथ, हमें विश्वास है कि हम बजट सेगमेन्ट में उपभोक्ताओं की इस समस्या को हल कर सकेंगे।’

लावा प्रोबड्स 21 म्युज़िक कंट्रोल के साथ आते हैं। यूज़र सिर्फ बड्स को टैप कर कॉल रिसीव या रिजेक्ट कर सकता है। इन कॉम्पैक्ट बड्स को IPX4 रेटिंग दी गई है, जो इन्हेंवॉटर और स्वेट रेज़िस्टेन्ट बनाती है। ये 1 साल की वारंटी के साथ आते हैं।

Aadhaar Card में इस तरह घर बैठे सुधारें फोटो और स्पेलिंग मिस्टेक

नई दिल्ली: आधार कार्ड सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है, जिसका इस्तेमाल आपकी पहचान साबित करने और कई सारे ऑफिशियल काम करवाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या होगा, अगर आपके आधार कार्ड में कुछ गलती हो गई हो? ये बहुत ज्यादा जरूरी है कि आपके आधार पर लिखी सभी डिटेल्स सही होनी चाहिए। ये सभी जानते हैं कि आधार कार्ड पर एक आधार नंबर लिखा होता है, जो कि Unique Identification Authority of India यानी की (UIDAI) की तरफ से वैरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करने के बाद भारत में रहने वाले लोगों को जारी किया जाता है। आधार कार्ड पर 12-डिजिट लिखी होती हैं, जो आपकी आइडेंटिटी को दर्शाती हैं।

आधार कार्ड इतना ज्यादा जरूरी डॉक्यूमेंट है कि केंद्र सरकार ने इसे पैन कार्ड से भी लिंक करना अनिवार्य कर दिया है, जो इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए भी जरूरी होता है। हालांकि जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको ये ध्यान रखना होगा कि दोनों डॉक्यूमेंट्स पर डिटेल बिल्कुल सही होनी चाहिए और दोनों की डिटेल्स भी सेम होनी चाहिए। जिसका मतलब है कि दोनों की डिटेल्स मेल खानी चाहिए। कोई भी डिटेल्स अगर इधर-उधर होती हैं, तो मुश्किल हो सकती है।

हालांकि, ऐसा भी कई बार होते देखा गया है कि जहां आप अपने नाम में स्पैलिंग मिस्टेक, अपने पते में गलतियां, डेट ऑफ बर्थ में गलती आदि को अपने आधार कार्ड में देखते हैं। इनमें से कोई भी गलती आधार और पैन को लिंक करते समय समस्या पैदा कर सकती हैं। हालांकि, जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है वो ये है कि आप इन गलतियों को सुधार सकते हैं।

आधार कार्ड में गलती से बचें
यूआईडीएआई की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, आधार कार्ड पर एक व्यक्ति को केवल दो बार अपना नाम बदलने की परमीशन मिलती है। आधार होल्डर का लिंग यानी जेंडर और डेट ऑफ बर्थ भी केवल एक बार ही बदली जा सकती है। आपको ये भी ध्यान रखना होगा कि डेट ऑफ बर्थ को केवल तभी अपडेट किया जा सकता है जब आपकी पिछली डेट ऑफ बर्थ यूआईडीएआई के साथ वेरिफाइड न हो। इसलिए, आधार कार्ड की गलती को हर कीमत पर टाला जाना चाहिए, अपने आधार कार्ड को अपडेट करते समय गलत डिटेल्स नहीं देनी चाहिए। डिटेल्स को चार बार क्रॉस चेक कर लेना चाहिए। एक बार जब आप इन चेंजेज की परमीशन के नंबर को पूरा कर लेते हैं, तो उसके बाद कोई भी चेंज कराना मुश्किल हो जाता है।

आधार कार्ड को अपडेट कैसे करें?
Step 1- सबसे पहले UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और क्लिक कें https://uidai.gov.in/.
Step 2- इसके बाद आपको ‘My Aadhar’ टैब पर क्लिक करना होगा।
Step 3- इसके बाद Update Your Aadhar को सलेक्ट करें और फिर Update Demographics Data Online पर क्लिक करें ।
Step 4- जैसे ही आप फिर Update Demographics पर क्लिक करेंगे, तो एक न्यू पेज ओपन हो जाएगा। इसके बाद आपको proceed to Aadhar update पर क्लिक करना होगा।
Step5 – यहां पर आपको अपना आधार कार्ड नंबर डालना होगा और उसके बाद Captcha का वेरिफिकेशन करना होगा।
Step 6- सभी जरूरी डिटेल्स को शेयर करने के बाद आपके रिजिटर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।
Step 7- आपको उस OTP को बॉक्स में एंटर करना होगा और फिर Login पर क्लिक करना होगा।

Step-8 अब आप जो भी चेंज करना चाहते हैं, उनको करें और फिर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे कि राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि को अपलोड करें।
Step 9- इसके बाद आपसे पेमेंट के लिए पूछा जाएगा।
Step-10 जैसे ही आप पेमेंट करेंगे, आपको द्वारा किए गए सभी चेंज हो जाएंगे। इसमें कुछ समय का वक्त लग सकता है।

लोकसभा में बोलीं सोनिया: सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने में फेसबुक और ट्विटर का हाथ, सरकार के इशारे पर कर रहे काम

नई दिल्लीः कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज लोकसभा में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि फेसबुक और ट्विटर जैसी वैश्विक कंपनियों का उपयोग नेताओं, राजनीतिक दलों द्वारा पॉलिटिकल नरेटिव को आकार देने के लिए किया जा रहा है। यह बार-बार नोटिस में आया है कि वैश्विक सोशल मीडिया कंपनियां सभी पार्टियों को समान अवसर प्रदान नहीं कर रही हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि फेसबुक द्वारा सत्ता की मिलीभगत से जिस तरह सामाजिक सौहार्द्र भंग किया जा रहा है, वह हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

सोनिया ने कहा कि भावनात्मक सूचना के माध्यम से युवा और बूढ़े लोगों के दिमाग में नफरत भरे जा रहे हैं। फेसबुक और ट्विटर जैसी प्रॉक्सी विज्ञापन कंपनियां इससे अवगत हैं और इससे मुनाफा कमा रही हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि फेसबुक ने सत्तारूढ़ दलों से मिलकर अन्य पार्टियों के खिलाफ प्रोपेगेंडा चला रही है।

सोनिया गांधी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनावी राजनीति में फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया दिग्गजों के व्यवस्थित प्रभाव और हस्तक्षेप को समाप्त करने का आग्रह करती हूं। उन्होंने कहा कि यह पार्टियों और राजनीति से परे हैं। सत्ता में कोई भी क्यों न हो, हमें अपने लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करने की जरूरत है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनाया हिज़ाब पर फैसला, जानिए मुख्य 10 बातें

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को हिजाब विवाद पर फैसला सुना दिया। तीन जजों की बेंच ने साफ किया कि इस्लाम में हिजाब पहनना अनिवार्य धार्मिक अभ्यास नहीं है और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म पहनने से मना नहीं कर सकते। कोर्ट ने अपने फैसले को लेकर कई उदाहरण दिए और धार्मिक ग्रंथों का जिक्र कर इसकी कई वजहें भी बताईं।

10 पॉइंट में बता रहा है कि आखिर कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद पर क्या कहा और स्कूल-कॉलेजों की यूनिफॉर्म को लेकर अदालत की टिप्पणी क्या रही?

1. कोर्ट ने कहा कि इस्लाम का प्रमुख धर्मग्रंथ कुरान महिलाओं के लिए हिजाब को अनिवार्य नहीं करता। हिजाब पहनने की प्रथा का संस्कृति से लेना-देना हो सकता है लेकिन इसका धर्म से कोई वास्ता नहीं है। इसलिए जो चीज धर्म में ही बाध्यकर नहीं है, उसे कोर्ट में जुनूनी बहसों और सार्वजनिक प्रदर्शनों के जरिए किसी धर्म का अतिआवश्यक अभ्यास नहीं माना जा सकता।

2. हिजाब को इस्लाम धर्म के आधारभूत वेशभूषा से नहीं जोड़ा जा सकता। ऐसा नहीं है कि अगर हिजाब न पहना जाए तो यह कदम उठाने पापी बन जाते हैं और इस्लाम का सारा वैभव खत्म होने लगता है। कोई भी धर्म हो, जो भी उनके धर्मग्रंथों में लिखा हो। वह पूरी तरह कभी भी अनिवार्य नहीं होता।

3. कोर्ट ने कहा कि स्कूलों की तरफ से छात्र-छात्राओं के लिए एक यूनिफॉर्म बनाने का प्रावधान उन्हें एक जैसा दिखाने के लिए है और यह संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता के लक्ष्य को भी हासिल करने वाला है। स्कूल वह योग्य स्थान हैं, जो अपनी प्रकृति से ही व्यक्तिगत अधिकारों को थोपने के उलट हैं। स्कूल बच्चों में सामान्य अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने वाली जगहें हैं।

4. “आखिर क्यों स्कूलों में हिजाब की उचित गुंजाइश नहीं रह जाती? दरअसल, अगर ऐसा प्रस्ताव मान लिया जाता है, तो स्कूल यूनिफॉर्म अपना मूलभूत संदेश ही खो देगी। यूनिफॉर्म इस बात का परिचायक है कि सब छात्र एक जैसे हैं।”

5. कोर्ट ने छात्राओं की ड्रेस को लेकर कहा, “छात्राओं के दो वर्ग हो सकते हैं- एक जो यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनें और दूसरा जो इनके बिना स्कूल आएं। लेकिन इससे स्कूलों में एक सामाजिक अलगाव का भाव स्थापित होने लगेगा, जो कि गलत है। एक बार फिर यह एकरूपता के संदेश को खत्म करने वाला होगा, क्योंकि ड्रेस कोड सिर्फ और सिर्फ बच्चों और युवाओं को एक जैसा दिखाने के लिए है। फिर चाहे उनका धर्म और मान्यताएं कुछ भी हों।”

6. जाहिर तौर पर अगर किसी छात्र-छात्रा को अलग से अपनी मान्यताओं या धर्म के आधार पर किसी संस्थान में वेशभूषा पहनने की इजाजत दी गई, तो इससे यूनिफॉर्म तय करने का मकसद ही खत्म हो जाएगा।

7. युवावस्था ऐसा संस्कार ग्रहण करने वाला समय है, जब पहचान और राय बनना शुरू होती हैं। युवा छात्र अपने आसपास के वातावरण से तुरंत ही चीजों की धारणा बनाना शुरू कर देते हैं और क्षेत्र, धर्म, भाषा, जन्मस्थान और जाति व्यवस्था की बारीकियों को समझने लगते हैं। ऐसे में यूनिफॉर्म का नियम सिर्फ एक ऐसा सुरक्षित स्थान बनाना है, जहां बांटने वाली रेखाओं की कोई जगह न हो।

8. कोर्ट ने कहा कि एक स्कूल ड्रेस का लागू होना और हिजाब, भगवा और बाकी धार्मिक चिह्नों की मनाही होना मुक्ति की दिशा में एक अहम कदम है, खासकर शिक्षा को पाने में यह ज्यादा बेहतर है।

9. “हमारे इस फैसले से महिलाओं की स्वायत्ता और उनके शिक्षा के अधिकार नहीं छीने जा रहे हैं, क्योंकि एक क्लासरूम के बाहर वे अपनी मर्जी की वेशभूषा पहनने के लिए स्वतंत्र हैं।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आगे इस बात पर बहस हो सकती है कि पर्दा, नकाब पहनने की जबरदस्ती सामान्य तौर पर महिलाओं की आजादी में एक गतिरोध की तरह है, खासकर मुस्लिम महिलाओं के लिए। यह हमारे संविधान के बराबरी के मौके के भाव के भी खिलाफ है।

10. अदालत ने फैसले में विवाद उठने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए। जजों ने कहा, “जिस तरह से हिजाब को लेकर उलझन पैदा हुई है, उससे ऐसा लगता है कि इस पूरे विवाद में किसी का हाथ है। सामाजिक अशांति पैदा करने और सद्भाव खत्म करने के लिए ऐसा किया गया लगता है।” अदालत ने कहा, “हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आखिर अकादमिक सत्र के बीच में अचानक यह मुद्दा क्यों उठ गया।”

मेरी पत्नी औरत नहीं बल्कि एक मर्द है, उसका प्राइवेट पार्ट पुरुष का है, कैसे जियूं?

याचिकाकर्ता की यह दूसरी शादी है। पहली पत्नी का बीमारी से निधन हो गया था। पहली पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। बच्चों की देखभाल के लिए उसने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के पिता ही यह रिश्ता लेकर आए थे लेकिन शादी के बाद उजागर हुआ कि जिससे दूसरी शादी हुई वह महिला नहीं, पुरुष है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पति-पत्नी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पति, पत्नी से छुटकारा पाने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उसकी पत्नी पुरुष है। उसका प्राइवेट पार्ट पुरुष का है।

पति ने आरोप लगाया है कि ससुर ने उसे धोखा दिया और शादी करा दी। मैं उसके साथ नहीं रह सकता।

जानकारी के मुताबिक, पति ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि ससुर और पत्नी पर कानूनी केस चलना चाहिए। बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विचार करने की स्वीकृति दे दी है।

पति के वकील ने उसके ससुर, पत्नी और मध्य प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी कर दिया है। सभी पक्षकारों से डेढ़ महीने में जवाब मांगा है।

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले पति ने मामले को हाईकोर्ट में उठाया था। उस वक्त हाई कोर्ट ने जून 2021 में फैसला भी दिया था। इस फैसले से जब पति संतुष्ट नहीं हुआ तो उसने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाए।

इस मामले में एक वकील का कहना था कि मेडिकल से इस बात के पूरे साक्ष्य हैं कि पत्नी को महिला नहीं कहा जा सकता।

शख्स ने कोर्ट में जो मेडिकल रिपोर्ट पेश की, उससे पता चला कि उसकी पत्नी का प्राइवेट पार्ट पुरुष का है। उसके वकील का कहना है कि यह अपराध आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध है।

युवक को पुरुष से शादी कराकर ठगा गया है। महिला अपने प्राइवेट पार्ट के बारे में जानती थी।

इससे पहले मई 2019 में ग्वालियर के मजिस्ट्रेट ने पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप का संज्ञान लिया था। शादी 2016 में हुई थी। पति ने कहा था कि पत्नी के पास पुरुष जननांग है, इसलिए वह शारीरिक रूप से उपभोग करने में अक्षम है।

अगस्त 2017 में, पीड़ित पति शख्स ने पत्नी और उसके पिता के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया था। इधर, पत्नी ने पति के खिलाफ 498ए (क्रूरता) के तहत केस भी फाइल कराया है।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता की यह दूसरी शादी है। पहली पत्नी का बीमारी से निधन हो गया था। पहली पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। बच्चों की देखभाल के लिए उसने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के पिता ही यह रिश्ता लेकर आए थे लेकिन शादी के बाद उजागर हुआ कि जिससे दूसरी शादी हुई वह महिला नहीं, पुरुष है।

 

Punjab: 16 मार्च को सीएम पद की शपथ लेंगे भगवंत मान, 13 मार्च को अमृतसर में विजय जुलूस

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष और पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा भगवंत सिंह मान बुधवार 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले 12 मार्च शनिवार को पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित किया है। इससे पहले 13 मार्च को वह पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ अमृतसर में रोड शो करेंगे। इसके साथ ही भगवंत मान ने शुक्रवार देर शाम विधायक दल की बैठक भी बुला ली है।

भगवंत मान 16 मार्च को नवांशहर के गांव खटकड़ कलां में शहीद-ए-आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके कई कैबिनेट सहयोगी मौजूद रहेंगे। खटकड़ कलां में शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में पार्टी जल्द ही घोषणा करेगी।

भगवंत मान ने कहा कि सत्ता संभालते ही सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री की लगने वाली फोटो का कल्चर खत्म कर शहीद भगत सिंह व संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाएगी। इसके अलावा अब तक मोती महलों से चलने वाली सरकार अब गांवों और कस्बों से चलेगी और युवाओं के हाथों में नशे के टीकों की जगह टिफिन होंगे। उन्हें अब रोजगार दिया जाएगा।

मान ने कहा कि पंजाब में यह जीत आम आदमी पार्टी की जीत नहीं, बल्कि आम लोगों की जीत है, क्योंकि पंजाब के लोग कांग्रेस व अकाली दल को पिछले लंबे समय से आजमाते रहे हैं, जो लोगों की उम्मीदों पर कभी खरा नहीं उतरे। पंजाब में बेरोजगारी इस कदर बढ़ा दी गई कि युवा नशे की दलदल में धंसने लगे। अब ऐसा नहीं होगा। युवाओं के लिए रोजगार के साधन पैदा किए जाएंगे और उनके हाथों में टीके की जगह टिफिन होंगे। चुनाव से पहले ही पंजाब के लोगों ने बदलाव लाने का मन बना लिया था और आप पर भरोसा जताते हुए पार्टी को शानदार व ऐतिहासिक जीत दिलाई। इसके लिए वह मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं।

China: कोविड संक्रमण में तेजी के बीच चीन के इस शहर में लगाया लॉकडाउन

चीन ने कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर से तेजी आने के बीच शुक्रवार को कहा कि वह पहली बार रैपिड एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल शुरू करेगा। देश में पिछले दो साल में कोरोना संक्रमण अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। यहां के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि सेल्फ टेस्ट किट क्लिनिकों के लिए उपलब्ध होंगी और सामान्य नागरिक इन्हें फार्मेसी या फिर ऑनलाइन माध्यम से खरीद सकते हैं।

शुक्रवार को चीन में पहली बार संक्रमण के घरेलू मामले 1000 से अधिक हो गए। एक सप्ताह पहले तक यह आंकड़ा 300 मामले प्रति दिन पर था। इसके चलते चीन ने चांगचुन शहर के औद्योगिक केंद्र में लॉकडाउन लागू कर दिया है जहां करीब 90 लाख लोग रहते हैं। यहां उसने मेकशिफ्ट अस्पतालों का निर्माण करने का निर्देश दिया है। कोरोना मामलों में आई इस तेजी की वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने गुजरात में फूंका चुनावी बिगुल, रोड शो के बाद पंचायत प्रतिनिधियों को करेंगे संबोधित

अहमदाबाद: पांच में से चार राज्यों में प्रचंड जीत के एक दिन बाद ही पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं। यूपी, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के चुनाव परिणाम जारी होने के अगले ही दिन पीएम मोदी गुजरात पहुंच गए हैं। वे दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। यहां साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम मोदी आज मेगा रोड शो के जरिए भाजपा की चुनावी तैयारियों का शंखनाद करेंगे।

पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। यहां एयरपोर्ट से वह गांधीनगर भाजपा कार्यालय ‘कमलम’ जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी एक घंटे में करीब नौ किलोमीटर का फासला तय करेंगे। दावा है कि इस रोड शो में चार लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। कोरोना काल के बाद यह सबसे बड़ा सार्वजनिक आयोजन होगा। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर 50 से ज्यादा मंच बनाए गए हैं। भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद पीएम स्थानीय नेताओं के साथ बैठक करेंगे। वहीं शाम को वह पंचायत प्रतिनिधियों को भी संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचकर रोड शो कर रहे हैं। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लाखों लोग इकट्ठा हो गए। रोड शो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चार राज्यों में प्रचंड जीत का जश्न मनाया। जय श्री राम और भारत माता जय के नारे गूंज उठे। पीएम मोदी रोड शो में आए कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।

अहमदाबाद एयरपोर्ट से एक घंटे में नौ किलोमीटर के रोड शो के बाद पीएम मोदी भाजपा कार्यालय पहुंच चुके हैं। यहां पीएम मोदी का भव्य स्वागत होगा। जानकारी के मुताबिक, शाम चार बजे एक कार्यक्रम में पीएम मोदी पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।

केजरीवाल ने हाथ जोड़कर की विनती- मोदी जी, एमसीडी चुनाव मत टालिए

नई दिल्लीः दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा नगर निगम के चुनाव टालने और इसके पीछे दी गई दलीलों को लेकर मुख्यममंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के आगे झुकने का भी आरोप लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर जानबूझकर संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया है।

केजरीवाल ने प्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए कहा, दिल्ली में नगर निगम के चुनाव होने थे जिसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने 9 मार्च को सुबह एक प्रेस इनवाइट जारी किया था शाम 5.00 बजे तक आयोग चुनाव की तारीखों का एलान करेगा। उसी शाम एक घंटे पहले शाम चार बजे केंद्र ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी कि हम दिल्ली के तीनों निगमों को एक करना चाहते हैं, इसलिए आज चुनाव टाल दें।

केजरीवाल का आरोप है कि इसके बाद चुनाव आयोग ने एमसीडी के चुनाव टालने का एलान कर दिया। शायद देश के 75 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ होगा कि केंद्र सरकार ने सीधे किसी राज्य के चुनाव आयोग को चुनाव टालने के लिए कहा होगा।

केजरीवाल ने पूछा कि, भाजपा शासित सरकार बीते लगभग आठ साल से केंद्र में है और अगर उन्हें तीनों निगमों को एक ही करना था तो पहले क्यों नहीं किया। चुनाव की तारीखों के एलान से ठीक पहले ऐसा क्यों किया गया? उनका कहना है कि निगमों का एकीकरण तो बहाना है, मकसद चुनाव टालने का था क्योंकि भाजपा को लगता है कि दिल्ली में आप की लहर है जिसमें भाजपा बह जाएगी और एमसीडी चुनाव हार जाएगी।

सीएम केजरीवाल बोले, लोग कह रहे हैं तीनों नगर निगम को एक करने के लिए चुनाव टालने की क्या जरूरत है। अभी तीन निगम हैं तो तीनों के पार्षद और मेयर अलग-अलग बैठते हैं। अगर तीनों एक हो जाएंगे तो चुनाव के बाद एक साथ बैठेंगे और जब तक तीनों निगम एक नहीं होते तब तक पुरानी व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग बैठते रहेंगे। इसमें चुनाव रोकने की क्या जरूरत है? लेकिन मकसद निगमों को एक करने का नहीं बल्कि चुनाव टालने का है।

प्राइवेट पार्ट्स में डाला मिर्च पाउडर, जाने क्या है मामला

वायरल हो रहे वीडियो में दो महिलाएं पीड़िता को पकड़ते दिखाई दे रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दो महिलाओं ने जबरदस्ती उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची जैसे कुछ चीज डाल दी।


राजस्थान के बाड़मेर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिणधरी थाना क्षेत्र के कमठाई की एक महिला अपनी बहू को लेने उसके मायके गई थी। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं महिला ने आरोप लगाया कि उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाली गई। अब इस पूरी वारदात का एक वीडियो सोशल पर जमकर वायरल हो रहा है।

पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं को हिरासत में भी लिया है। पुलिस ने पीड़ित महिला का मेडिकल भी करवाया है।

पुलिस का कहना है कि एक महिला अपने बेटे की पत्नी को लेने उसके मायके सिणधरी कमठाई गई थी। इस दौरान बेटे के ससुराल की कुछ महिलाओं से उनका विवाद हो गया। फिर ससुराल की दो महिलाओं ने पीड़िता के साथ मारपीट की। फिर उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाल दी।

पुलिस के मुताबिक, इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया। फिर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी तरह वीडियो पुलिस तक पहुंची। अब इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का मानना है कि वीडियो एक हफ्ते पुरानी है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वायरल हो रहे वीडियो में दो महिलाएं पीड़िता को पकड़ते दिखाई दे रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दो महिलाओं ने जबरदस्ती उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची जैसे कुछ चीज डाल दी।

महिला ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की। लेकिन दो महिलाओं ने पकड़ा और पीड़िता के साथ दुर्व्यवहार किया।

पुलिस का कहना है कि दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित महिला का पुलिस ने मेडिकल भी करवाया है। वीडियो बनाने वाले की तलाश पुलिस कर रही है।

 

 

Russia Ukraine Crisis : यूक्रेन में फंसे इंडियन स्टूडेंट की मुश्किलें अभी कम नहीं

खंडवा – रूस व यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच घमासान जंग जारी है ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए संकट फिलहाल खत्म नहीं हुआ है यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है यूक्रेन से लौट आई मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के खंडवा (khanndwa) की दर्शिका श्रीवास्तव ने बताया की यूक्रेन में किस हालात में इंडियन स्टूडेंट, दर्शिका का मानना हैं की अगर समय रहते इंडियन एम्बेसी सही इन्फर्मेशन देती और एयर टिकट के दाम इतने नहीं बढ़ते तो यूक्रेन से सभी इंडियन स्टूडेंट वापस अपने वतन लौट आते।

एमपी के खंडवा की दर्शिका श्रीवास्तव यूक्रेन से लौट आई है। गुरुवार की देर रात यूक्रेन से जब वह घर आई तो परिवार के लोगो की ख़ुशी का ठिकाना ना था दर्शिका श्रीवास्तव(Darshik Srivastva) घर पहुँचते ही अपनी लाडली का ग्रैंड वेलकम किया गया परिवार के लोगों ने उसके साथ केक काटा,

दर्शिका श्रीवास्तव यूक्रेन में फंसे इंडियन स्टूडेंट को लेकर चिंतित है दर्शिका बताती है की यूक्रेन में फंसे बाकी साथी भारत आने के लिए प्रयासरत है लेकिन हालात बाद से बत्तर होते जा रहे है (Russia Ukraine War) के कारण यूक्रेन में फंसे लोगो को अपनी सुरक्षा के साथ – साथ वापस लौटने का संघर्ष करना पड़ रहा है, दर्शिका के अनुसार भारतीय दूतावास (indian embassy) से समय पर पर मदद नहीं मिल पाने के कारण वापसी करना दर्दनाक हो रहा है, एयर टिकट के दाम बढने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अगर समय रहते सुचना मिल जाती तो परेशानी न होती.

समय पर इंडियन एम्बेसी ने नहीं की मदद – दर्शिका श्रीवास्तव यूक्रेन में फंसे इंडियन स्टूडेंट को लेकर चिंतित है घर पहुँचने पर टीवी पर हालात देख रही है दर्शिका बताती है की यूक्रेन में फंसे बाकी साथी भारत आने के लिए प्रयासरत है। लेकिन हालात बाद से बत्तर होते जा रहे है। (Russia Ukraine War) युद्ध होने के कारण यूक्रेन में फंसे लोगो को अपनी सुरक्षा के साथ – साथ वापस लौटने का संघर्ष करना पड़ रहा है।

दर्शिका के अनुसार भारतीय दूतावास (indian embassy) से समय पर पर मदद नहीं मिल पाने के कारण वापसी करना दर्दनाक हो रहा है, एयर टिकट के दाम बढने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अगर समय रहते सुचना मिल जाती तो परेशानी न होती। दर्शिका ने बताया की 13 फरवरी को इंडियन एम्बेसी ने पहली एडवाइजरी जारी की थी जिसमें कहा गया था कि जिसे जाना है वह जा सकता हैं। उस एडवाइजरी में ऐसा कुछ नहीं था की इस तरह के हालात हो जाएंगे। बाद में सभी फ्लाइट्स बंद हो गई। ऐसे में कोई अरेजमेंट नहीं था फ्लाइट्स। दर्शिका कहती दो सप्ताह से इसतरह की बातचीत चल रही थी तो एडवाइजरी इतनी लेट क्यों आई। जब तक एम्बेसी ने एडवाइजरी जारी की तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अगर पहले से एम्बेसी कवर कर लेती तो आज वहां इतने बच्चे फंसे नहीं होते।

करना पड़ा लंबा सफर – दर्शिका अपने खर्चे से 21 फरवरी को राजधानी कीव पहुंची थी। यहां एक दिन इंतजार के बाद उसे दुबई के लिए फ्लाइट मिली। दुबई में 12 घंटों इंतजार की सूचना दी गई थी लेकिन 23 फरवरी दोपहर तीन बजे फ्लाइट की कंफर्मेशन हो पाई। दिल्ली पहुंचने के बाद दर्शिका वहां से इंदौर फ्लाइट के जरिए पहुंची। इसके बाद माता-पिता उसे लेने के लिए इंदौर पहुंचे थे। इतना लंबा सफर ब्लेक शी में रसियन नेवी की तैनाती की वजह से करना पड़ा।

दोस्तों के वहीं फंसे से दुःखी है दर्शिका – दर्शिका बताती है की यूक्रेन रसिया में युद्ध शुरू होने के बाद फ्लाइट कैंसिल होने से उनके कई दोस्त वहां फंस गए हैं। दर्शिका का कहना है की मुझे बहुत अच्छा लग रहा है की मैं घर लौट आई हूं। लेकिन हमारे कई दोस्त वहां फंसे हुए हैं जिसको लेकर दुःखी भी हूँ । फ्लाइट कैंसिल हो जाने के बाद उनके पास वापसी के लिए कोई ऑप्शन नहीं बचा है। दर्शिका ने बताया कि वहां की स्थिति को हमलोग समझ नहीं पाए। पहले भी कई बार इस तरह की चर्चाएं हुई थीं। लोगों ने बताया था कि ये सब होता रहा है। अचानक से वहां स्थिति बिगड़ गई और लोग फंस गए हैं।

सरकार से की अपील – दर्शिका ने सरकार से अपील की है कि यूक्रेन के हालात बहुत ख़राब हो गए है। ऐसे में फ्लाइट के रेट नहीं बढ़ाते हुए पहले अपने लोगों को वहां से किसी भी तरह से वापस आपने वतन लाया जाए। वहा फंसे सभी बच्चों के माता पिता बहुत परेशान है। ऐसे में अभी कमाने का ना सोच कर फ्लाइट के रेट कम कर या सरकारी मदद से फंसे हुए लोगों को वापस लाना चाहिए।

फिल्म ‘वो लड़की है कहां?’ के शूटिंग समापन पर टीम ने मनाया जश्न

जंगली पिक्चर्स और रॉय कपूर फिल्म्स दर्शकों के सामने फिल्म ‘वो लड़की है कहां?’ पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह एक मनोरंजक फिल्म है जो अपनी मनमोहक कहानी से दर्शकों का दिल जीत लेगी। इस फिल्म की टीम, जिसमें शामिल है मुख्य भूमिका में तापसी पन्नू और प्रतीक गांधी, अब फिल्म की शूटिंग पूरी कर चुकी है। शूटिंग समापन का जश्न केक काटने के साथ मनाया गया और इस जश्न में निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर, जंगली स्टूडियो की प्रमुख अमृता पांडे, तापसी पन्नू, प्रतीक गांधी और प्रतीक बब्बर, अमित त्रिवेदी और फिल्म के निर्देशक अरशद सैयद मौजूद थे।
 
यह फिल्म, जो कि मध्य भारत पर आधारित एक इन्वेस्टिगेटिव कॉमेडी है, दर्शकों के सामने एक नई जोड़ी ला रही है। तापसी पन्नू एक दमदार पुलिस ऑफिसर की भूमिका में नज़र आएंगी और प्रतीक गांधी एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे है, जिसकी सोच तापसी के किरदार से बिलकुल विपरीत है और यही बात फिल्म में एक चटपटा तड़का लगाती है।
 
अरशद सैयद द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में हास्य घटनाओं को बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया गया है जिसमें दोनों मुख्य कलाकारों को इस अप्रत्याशित यात्रा को एक साथ करने के लिए मजबूर होते हुए दिखाया गया है | उनके अलग-अलग व्यक्तित्व एक दूसरे से टकराते है जिसके परिणामस्वरूप दर्शकों को एक मनोरंजक फिल्म देखने को मिलेगी | 
 
जंगली पिक्चर्स और रॉय कपूर फिल्म्स द्वारा निर्मित ‘वो लड़की है कहां?’ में मुख्य भूमिका में तापसी पन्नू और प्रतीक गांधी नज़र आएंगे |अरशद सैयद द्वारा निर्देशित और लिखित यह फिल्म जल्द ही रिलीज़ होने वाली है।

 

 

रूस का यूक्रेन के खिलाफ ऐलान-ए-जंग: कई जगह ब्लास्ट्स; पुतिन ने चेताया- दखल के प्रयास पर होंगे ऐसे परिणाम, जो कभी न देखे होंगे

रूस और युक्रेन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा की, साथ ही दावा किया कि इसका मकसद नागरिकों की रक्षा करना है। पुतिन ने टेलीविजन पर एक संबोधन में कहा कि यूक्रेन द्वारा पेश किए जा रहे खतरों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रूस का लक्ष्य यूक्रेन पर कब्जा करना नहीं है। रूस के हमले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शांति बनाए रखने की अपील की है। देश के नाम संबोधन में जेलेंस्की ने यह भी बताया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन करने की कोशिश की थी, लेकिन क्रेमलिन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

राष्ट्रपति ने बुधवार देर रात अपने संबोधन में रूस के उन दावों को खारिज कर दिया कि उनका देश रूस के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के आक्रमण से लाखों जिंदगियां प्रभावित होंगी। यूक्रेन में राष्ट्रव्यापी आपातकाल की घोषणा के कुछ घंटे बाद जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन के लोग और यूक्रेन की सरकार शांति चाहती है, लेकिन अगर देश पर आक्रमण होता है तो हम भी लड़ेंगे।”