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आडवाणी की सीख, बताए पांच फार्मूले

आबूरोड : यहां की एक-एक चीज में आदर्शवादिता, श्रेष्ठता और उन्नति दिखती है। यदि आपको ईमानदारी, आदर्श और प्राणामिकता, एकता और अनुशासन देखना है तो यहां आकर देखो। यही एकमात्र ऐसा संगठन है जो विश्व को सही राह दिखा सकता है। इससे बड़ी बात यह कि इसकी बागडोर शुरू से ही महिलाओं और माताओं के हाथ में है, इसके बावजूद संगठन इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह देखकर मुझे गर्व होता है। यह उद्गार भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने व्यक्त किए। मौका था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने पर संस्था के मुख्यालय शांतिवन परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन का।

‘विश्व परिवर्तन के लिए परमात्म ज्ञान’ विषय पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ नेता आडवानी ने कहा कि मैं इस संस्था के प्रारंभ से ही जुड़ा रहा हूं। मैंने अपनी आंखों से देखा है, कैसे इसके संस्थापक दादा लेखराज ने ओम मंडली से शुरुआत की थी। दादा लेखराज एक आदर्श व्यक्ति थे, उन्होंने वैसा ही आदर्श संगठन बनाया है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है।

यह सब प्रभु की ही कृपा
आडवाणी ने कहा कि मुझे यह देखकर आश्चर्य लगता है कि इतने कम समय में इसे पूरे ब्रह्मांड में फैला दिया और इतना विशाल संगठन बन गया है। सबसे बड़ी बात इसकी बागडोर माताओं-बहनों के हाथ में है। इसके अलावा दुनिया में ऐसा कोई संगठन नहीं है जिसका संचालन महिलाओं द्वारा किया जाता हो। यह ईश्वरीय शक्ति का कमाल, उनके आशीर्वाद का ही नतीजा है जो आज दादी जानकी 102 वर्ष की आयु में भी इसका संचालन कर रहीं हैं। प्रभु की कृपा के बिना यह सब कार्य संभव नहीं है।

गर्व की बात है ब्रह्माकुमारी संगठन
आडवाणी ने जोर देते हुए कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं यह हमारे देश के लिए, भारतीय संस्कृति के लिए गर्व की बात है जो इतना विशाल संगठन नि:स्वार्थ भाव, ईमानदारी से लगा हुआ है। देश में ब्रह्माकुमारी संगठन की तरह एक और संगठन आरएसएस है जो नि:स्वार्थ भाव, ईमानदारी और प्रामाणिकता के साथ आदर्श व्यक्ति का निर्माण करता है। मैं ऐसे संगठन का सदस्य रहा हूुं और आज भी हूं, जो राष्ट्र निर्माण के लिए सेवा करता है। उन्होंने कहा कि ये संस्था जरूर अपने आदर्शों को प्राप्त कर दुनियाभर में नाम रोशन करेगी। जो व्यक्ति देशसेवा करना चाहते हैं वह इस संगठन से जरूर जुड़ें। हिंदुस्तान के अंदर एक भी ऐसा भवन नहीं देखा जिसमें एक भी ‘पिलर’ न हो और उसमें 10 हजार से अधिक लोग एक साथ आराम से बैठ सकें।

आडवाणी की सीख
– जीवन में छोटी-छोटी बातों से सीख लेना चाहिए।
– कभी भी अपने मूल्य, आदर्श और ईमानदारी से समझौता नहीं करें। मैंने भी अपने जीवन और आचरण में कभी मूल्यों और आदर्शों से समझौता नहीं किया।
– कभी भी गलत कामों में सहयोग न दें और जो करता है उसे प्रोत्साहित नहीं करें।
– हमारे आचरण में बेईमानी न हो। सदा ईमानदार रहें और अपने बच्चों को भी यहीं सिखाएं।

ये पांच मंत्र भी दे गए आडवाणी
ईमानदारी, प्रामाणिकता, पूज्यनीयता, शुद्धता, वास्तविकता़

स्वागत से हुए अभिभूत
स्वागत भाषण संस्था के अतिरिक्त महासचिव एवं एजुकेशन विंग के डायरेक्टर और कार्यक्रम संयोजक ब्रह्माकुमार मृत्युंजय भाई ने दिया। प्रारंभ में मधुर वाणी ग्रुप के सदस्यों ने ‘स्वर्णिम जहां बनाने, भगवान आ गए हैं, नई दुनिया बनाने भगवान आ गए हैं…’ गीत गाकर सभी अतिथियों और देशभर से पधारे जनप्रतिनिधियों, आईएएस अफसरों और मीडियाकर्मी सहित सभी का स्वागत किया। इसके साथ ही सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

ममता के आंचल से विश्व को संवार रही संस्था
सिने जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री रवीना टंडन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था सभी को प्यार, मोहब्बत, और सेवा सिखाती है। यह एक ममता भरी संस्था है जहां ममता के आंचल में प्रेम सिखाया जाता है। यहां मैंने जीवन में पहली बार आंखों में झांककर अपने सोल को देखा है। यहां आकर मुझे बहुत ही खुशी और प्रसन्नता हुई। देश की अगली पीढ़ी को संवारना मुश्किल लग रहा है, लेकिन ब्रह्माकुमारी संस्था के सुविचार को फैलाया जाए तो अगली पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुझे यहां से जुडक़र काफी कुछ सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने में अहम योगदान है। संस्था की ओर से आर्ट एवं कल्चर के क्षेत्र में मुझे पुरस्कार से नवाजा गया, जिसे पाकर मैं बहुत ही खुश हूं। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म मातृ के लिए भी आशीर्वाद मांगा जो 21 अप्रेल को रिलीज हो रही है।

स्कूलों में अनिवार्य हो योग शिक्षा: पीजे कूरियन
राज्यसभा के उप सभापति पीजे कूरियन ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान आध्यात्मिकता का महान कार्य कर रही है। इसका विश्वभर में नेटवर्क है जिसके संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने महिला सशक्तीकरण का सही उदाहरण प्रस्तुत किया जो दुनिया के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि योग ही लुप्त हो रही भारतीय संस्कृति को बचा सकता है। मैंने भी 2012 में राज्य सभा में देश के सभी स्कूलों में योग शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि ब्राह्माकुमारीज की ओर से स्थापित उन्नत सोलर प्लांट यहां की वैज्ञानिक सोच का परिचायक है। यह ऊर्जा बचाने के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज को समाज सुधार के अपने महान प्रयासों को और अधिक तीव्र करना चाहिए ताकि जन-जन में जागृति आ सके।
शिव ध्वजारोहण और गुब्बारे छोड़क़र दिया शांति का संदेश
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन, संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी, राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी, दादी रतनमोहिनी, बीके मुन्नी बहन, बीके निर्वेर, बीके करूणा, बीके मृत्युंजय ने 100 फीट ऊँचा शिव ध्वज फहराया। साथ ही आसमान में गुब्बारे छोडक़र विश्व शांति का संदेश दिया। यहां विश्व एकता के मकसद से विश्व के सभी देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए गए हैं। इसके बाद सभी अतिथियों ने संस्था की ओर से की गई विभिन्न सामाजिक सेवाओं एवं उपलब्धियों की विशाल प्रदर्शनी का उद्घाटन रिबन काटकर किया। बाद में सभी ने प्रदर्शनी का अवलोकरन कर इसकी सराहना की।

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