Home > India > यूपी में छुट्टियों की घोषणा से सरकारी काम प्रभावित

यूपी में छुट्टियों की घोषणा से सरकारी काम प्रभावित

लखनऊ – आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘छुट्टियों की राजनीति’ के सम्बन्ध में इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में एक याचिका दायर किया है। याचिका के अनुसार राज्य सरकार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 25 में ‘सार्वजनिक अवकाश’ घोषित करता है पर पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश में पूरी तरह राजनैतिक कारणों से मनमाने तरीके से छुट्टियां घोषित की जा रही हैं। अतः जहां पिछली मायावती सरकार ने कांशीराम के जन्म और पुण्य तिथि पर अवकाश घोषित किया था, मौजूदा अखिलेश सरकार ने उसकी जगह चंद्रशेखर, कर्पूरी ठाकुर और चरण सिंह के जन्मदिवस पर छुट्टी घोषित किया। याचिका के अनुसार इस प्रकार मनमाने तरीके से छुट्टियों की घोषणा से सरकारी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन पर तत्काल नियंत्रण की जरुरत है. अतः उन्होंने एक निश्चित “सार्वजनिक अवकाश” नीति बनाने और इस प्रकार जाति और धर्म के आधार पर राजनैतिक कारणों से छुट्टी घोषित करने के काम पर विराम लगाने की प्रार्थना की है.

30 दिन का अवकाश सेना के जवान पाते हैं साल भर में
101 दिन की छुट्टी मिलती है रेलवे कर्मचारियों को
110 दिन का अधिकतम अवकाश पाते हैं केंद्रीय कर्मचारी
141 दिन का अवकाश की मौज लेते हैं यूपी के राज्य कर्मचारी

लेकिन सवाल यही है कि सरकार अगर लगातार अवकाश बढ़ा रही है, और उसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है, तो रोज की ड्यूटी में काम के घंटे क्यों नहीं बढाए जा रहे हैं ताकि जनता को कोई परेशानी ना हो। सरकार का छुट्टियां बढ़ाने को लेकर सियासी मायने इसी से समझा जा सकता है कि अखिलेश सरकार ने कर्पूरी ठाकुर के नाम पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है लेकिन जिस राज्य यानी बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं वहां उनके नाम पर बिहार में सार्वजनिक छुट्टी नहीं है, यह हाल तब है जब बिहार की मौजूदा सरकार और उसका सहयोगी दल दोनों के नेता कर्पूरी ठाकुर के सहयोगी रहे हैं। बिहार में यूपी के 141 के मुकाबले 121 सराकारी अवकाश हैं, तो इसको लेकर विपक्षी दल बीजेपी का कहना है कि महापुरुषों के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए और सरकार को इस को लेकर एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। अब सवाल ये है कि मात्र वोटबैंक के नाम पर सरकारी अवकाश देने की प्रथा पर रोक लगनी चाहिए ताकि जनता को अपने काम के लिए मुसीबत ना उठाना पड़े|tez

Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com