Home > India News > बर्खास्त मंत्रियों, नेताओं की वापसी पर कुछ साफ़ नहीं !

बर्खास्त मंत्रियों, नेताओं की वापसी पर कुछ साफ़ नहीं !

mulayam singh yadavलखनऊ- समाजवादी पार्टी के पारिवारिक सियासी ड्रामे के एपिसोड दर एपिसोड की कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता एवं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बड़े भाई मुलायम सिंह यादव ने आज ढाई बजे पार्टी के लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन में जिन्होने मुझे हमेशा प्रेरणा दी, गांधी जी, लोहिया और सबसे ऊपर जनता रही, मैंने हमेशा जनता के कल्याण के लिए काम किया। जनता से मुझे हमेशा काम करने की प्रेरणा मिली, लोगों की पीड़ा और दुःख दूर करने के लिया मैं हमेशा काम करता रहा और मेरा जीवन इसी में लगा।
हमारी पार्टी और परिवार में सब एक हैं। बाहर के कुछ षड्यंत्रकारी जिनका कोई जनाधार नहीं है, वो ही साजिश कर रहे हैं।

नेताजी बोले कि अमर सिंह के नाम पर इतना क्यों उछाला जा रहा है, उनके नाम पर सवाल क्यों उठ रहे है। अमर सिंह को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि उन पर सवाल क्यों पूछते हो, उनका प्रदेश सरकार और पार्टी के उत्तर प्रदेश मामले में कोई मतलब नहीं है।

बर्खास्त मंत्रियों की वापसी मुख्यमंत्री तय करेगे
मुलायम ने कहा कि बर्खास्त मंत्रियों की वापसी की बात मैं मुख्यमंत्री पर छोड़ता हूँ। मुख्यमंत्री इस समय जो बात आप पूछ रहे हैं उसे सुन रहे हैं, इसलिए मैं मंत्रियों की वापसी का मसला मुख्यमंत्री अखिलेश पर छोड़ता हूँ।
प्रो, राम गोपाल से मुलायम ने अभी भी नाराज होना प्रदर्शित किया, कहा की कुछ लोग जिनकी जनता में कोई जमीन या आधार नहीं है, उनको मैं कोई अहमियत नहीं देता। राम गोपाल की बात को मैं अब कोई तवज्जो नहीं देता, उसका मेरे लिए अब कोई महत्त्व नहीं है।

क्या बचे हुए समय के लिए आप मुख्यमंत्री बनेंगे ?
इस सवाल पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अब दो-तीन महीने के लिए क्या मुख्यमंत्री बनूँगा। जनवरी से आचार संघिता लग जायेगी, तब मुख्यमंत्री केवल तनख्वाह बांटते रहेंगे।

पत्रकारों द्वारा बार-बार मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव के चेहरे को प्रस्तुत करने के सवाल पर कहा कि मैं जनता के लिए काम करता रहा हमेशा, जनता मेरे साथ है मैं जनता के साथ हूँ। पिछला इलेक्शन मेरे नाम पर लड़ा गया था, फिर प्रक्रिया के तहत अखिलेश को विधायक दल ने मुख्यमंत्री बनाया। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है, बहुमत आने पर विधायकों द्वारा नेता चुना जाता है, ऐसे ही अखिलेश भी चुने गए थे, अखिलेश यादव अभी भी मुख्यमंत्री हैं, इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। आगे भी लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव जीतने पर विधायक दल मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे। नेताजी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए कहा कि वो अभी थोड़ी देर पहले ही मेरे साथ बैठे हुए थे। आगे वो खुद फैसला ले मैं उन पर छोड़ता हूँ।

इस प्रकार से यदि मुलायम की आज की प्रेस कांफ्रेंस की बात करें तो हालांकि आज मुख्यमंत्री अखिलेश मौजूद नहीं थे, परंतु ऐसा लगा कि अखिलेश मुख्यमंत्री के रूप में बर्खास्त मंत्रियो की वापसी पर कोई निर्णय अंतिम रूप से नहीं ले सके हैं। इसकी वजह ये भी हो सकती है कि अखिलेश खेमे के बर्खास्त पार्टी पदाधिकारियों पर भी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और पार्टी की ओर से कोई वापसी की खबर नहीं है।

ऐसा लग रहा था जैसे इस पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री को भी आना था, परन्तु उनके न आने के कारण बरखास्त मंत्रियों या नेताओं किसी की वापसी पर कोई बात साफ़-साफ़ नहीं हो पायी।

संभवतः हठधर्मिता पहले किधर से टूटे इस पर कोई मामला अभी तय नहीं हो पाया है। पत्रकार वार्ता में मुलायम के साथ शिवपल यादव के अलावा ओम प्रकाश सिंह, शादाब फातिमा, अम्बिका चौधरी, आशु मालिक, अशोक बाजपेयी और मंत्री गायत्री प्रजापति भी मौजूद रहे। मुलायाम व बर्खास्त मंत्रियो की मौजूदगी में खबर लिखे जाने तक सपा मुख्यालय पर अखिलेश समर्थको का जोरदार हंगामा जारी था।
रिपोर्ट- @शाश्वत तिवारी




Facebook Comments

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .