RBI की घोषणाओं को पीएम मोदी और वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था के लिए बताया मददगार

 पीएम मोदी ने कहा कि आज आरबीआई ने जो एलान किए हैं, उससे देश को काफी मदद मिलेगी। देश में लिक्विडिटी बढ़ेगी और कर्ज की सप्लाई में सुधार आएगा। साथ ही छोटे और मझोले आकार के कारोबारों को मदद मिलेगी और गरीबों व किसानों के लिए भी ये कदम बेहतरी लाने का काम करेंगे। आगे उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को भी इससे मदद मिलेगी।नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए तीन मई 2020 तक लॉकडाउन है, जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। इसलिए लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कई बड़े एलान किए। केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए एलानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए उचित बताया है।

इस संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि आज आरबीआई ने जो एलान किए हैं, उससे देश को काफी मदद मिलेगी। देश में लिक्विडिटी बढ़ेगी और कर्ज की सप्लाई में सुधार आएगा। साथ ही छोटे और मझोले आकार के कारोबारों को मदद मिलेगी और गरीबों व किसानों के लिए भी ये कदम बेहतरी लाने का काम करेंगे। आगे उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को भी इससे मदद मिलेगी।

इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आरबीआई की घोषणाओं को काफी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि कोरोना से जंग में आरबीआई के एलान सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी मेनटेन करने में मददगार साबित होंगे।

साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नाबार्ड को दी गई 25,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा से किसानों को मदद मिलेगी। SIDBI को 15,000 करोड़ रुपये की सहायता एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा। इससे मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एनएचबी को दी जाने वाली 10,000 करोड़ रुपये की मदद से भी अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा।

मालूम हो कि बैंकों को राहत देने के लिए आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट को चार फीसदी से घटाकर 3.75 फीसदी कर दिया है और रेपो रेट को बरकरार रखा गया है। TLTRO 2.0 के तहत आरबीआई ने एमएफआई और एनबीएफसी को 50,000 करोड़ रुपये की मदद का एलान किया है।