मस्जिदों में नमाज अदा न करें, सामाजिक दूरी बनाए रखे – ओवैसी

 

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को जनता से अपील की है कि वह मस्जिद की ओर ना जाएं। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी से अपील करना चाहूंगा कि मस्जिदों में नमाज अदा न करें क्योंकि सुबह 7 बजे से कर्फ्यू शुरू हो जाता है और किसी को भी इस दौरान अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। मैं हर किसी से सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील करूंगा।’

कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में लॉकडाउन है, इस बीच मुसलमानों के खास त्योहार और पाक महीने रमजान की शुरुआत होने वाली है।

कल शनिवार 25 अप्रैल को रमजान का पहला रोजा रखा जा सकता है वहीं, देश के कुछ हिस्सों में गुरुवार से रमजान की शुरुआत हो चुकी है।

तेलंगाना में हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों में ही नमाज अदा करें।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के विस्तार और लॉकडाउन नियमों को देखते हुए सरकार ने रमजान के दौरान मुसलमानों से मस्जिद में नमाज न पढ़ने की अपील की है। कई राज्यों में मस्जिदों में नमाज पर रोक भी लगा दी है।

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को जनता से अपील की है कि वह मस्जिद की ओर ना जाएं। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी से अपील करना चाहूंगा कि मस्जिदों में नमाज अदा न करें क्योंकि सुबह 7 बजे से कर्फ्यू शुरू हो जाता है और किसी को भी इस दौरान अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। मैं हर किसी से सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील करूंगा।’

बता दें कि इस्लामिक कैलेंडर का रमजान महीना त्याग, सेवा, समर्पण और भक्ति का मानक है, इस्‍लाम में रमज़ान या रमदान को बेहद पवित्र माना जाता है, यह इस्‍लामी कैलेंडर का नवां महीना है, रमजान को कुरान के जश्न का भी मौका माना जाता है। इस दौरान सभी इस्लामिक लोग रोजा रखते हैं।

हालांकि इस बार कोरोना वायरस के खौफ के बीच शुरू हो रहे इस पाक महीने में मुसलमानों के लिए सब कुछ पहले जैसा नहीं रहने वाला। दरअसल दुनियाभर के मुस्लिमों के लिए रमज़ान का महीना इबादतों भरा होता है।