बरेली : घनश्याम खंडेलवाल के यहां तड़के सुबह 7:00 बजे औचक छापा मारा। बताया जा रहा है कि छापेमारी करने आई आयकर विभाग की टीम एक दिन पहले ही रात को बरेली पहुँच चुकी थी।

अफसरों को बरेली आईवीआरआई के गेस्ट हाउस में ठहराया गया था, जिसकी किसी को भी कानोंकान सूचना नही लगी और अगले ही दिन सुबह तड़के 7 बजे ही पूरी टीम व पुलिस के साथ मिलकर खंडेलवाल के 27 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया।

तेल व्यापारी घनश्याम खंडेलवाल व उनके भाई दिलीप खंडेलवाल के यहां जब इनकम टैक्स ने रेड डाली तो खंडेलवाल एंड कंपनी के यहां खलबली मच गई।

बताते चले कि छापेमारी के लिए 35 गाड़ियां मुरादाबाद से आयी, 25 गाड़ियां देहरादून आयकर विभाग से आयी और कुछ गाड़ियां से दिल्ली आयकर विभाग के अफसर बरेली पहुंचे। जिसमे लखनऊ आयकर विभाग की पांच सौ लोंगो की टीम औचक निरीक्षण के लिए बरेली पहुँची।

दिल्ली, मुरादाबाद, देहरादून, लखनऊ से आई आयकर विभाग की टीम ने किसी को बिना मौका दिए इतनी फुर्ती से छापा मारा कि किसी को कान फुसफुसाने का मौका तक नहीं दिया।

टीम ने खंडेलवाल की राजेन्द्र नगर स्थित कोठी सहित सभी दफ्तर, गोदाम ,फैक्ट्री से लेकर पेपर्स, बिल्स,मेंटिनेश दस्तावेजो को भी खंगालने में लग गई। छापा की सूचना मिलते ही घनश्याम खंडेलवाल के लोंगो ने विरोध करना शुरू कर दिया लेकिन छापा के दौरान पांच शहरों से पहुँची पुलिस व पीएसी ने किसी को विरोध करने का मौका ही नही दिया। तत्पश्चात खंडेलवाल के स्पोर्टर व्यापारियों ने शायमगंज बाजार बंद कर विरोध जताया शुरू कर दिया।

खबर लिखे जाने तक आयकर की टीम ने बैलकोलू तेल व्यापारी के श्यामगंज, परसा खेड़ा, नकुलागंज, मारवाड़ी गंज, में बने गोदाम, दफ्तरो मे छापा मारकर सबकुछ सीज कर अपना कार्य शुरु कर दिया था।

छापेमारी के दौरान बरेली पंहुचे आयकर विभाग के अफ़सरो ने किसी को भी अंदर से बाहर नही जाने दिया और नही ही किसी को फ़ोन पर बात करने दी।

रिपोर्ट@ संदीप चंद्रा