चितबडागांव – गरीबी अभिषाप बन गयी है। इसका सामना हमें मिलजुल कर करना होगा।एकदूसरे की आवश्यकताओं का हमें ख्याल रखना होगा। तभी हम इससे लड़ पायेंगे। समाज के सक्षम लोगों को धर्मार्थ का काम करना चाहिए। हमारे समाज के अक्षम लोगों की मदद करनी चाहिए। उक्त बातें मझौआं इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य कन्हैया उपाध्याय ने बसुदेवा में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को पहले अपनी आवश्यकताओं की पूर्ती करनी चाहिए। उसके बाद वह अपने बच्चों और घर परिवार के दायित्वों का निर्वहन करता हैं। अगर वह व्यक्ति उससे ज्यादा समर्थवान है तब उसे अपने गांव के लोगों के लिए भी कुछ करना चाहिए। और आज मै इसी दायित्व बोध से अपने गांव के गरीब लोगों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम काम कर रहा हूं। यह कार्यक्रम मेरे भतीजा और गांव के प्रधान राजनारायण उपाध्याय और पाठक उपाध्याय, के अथक प्रयास से संभव हो पाया है।

गांव के काली मंदिर पर आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में गांव के 150 जरूरत मंद परिवारों के बीच कंबल, 25 किलो चावल और गुड का वितरण किया गया। गांव के प्रधान राजनारायण उपाध्याय ने कहा कि यह वितरण बगैर भेद भाव के जरूरत मंद लोगों के बीच किया जा रहा है। विभेद का आधार आर्थीक और शारीरीक अक्षमता रखी गया है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद कमल उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर गिरीश उपाध्याय, अभिलाष उपाध्याय, आयुष उपाध्याय, राजकुमार इंटर कालेज के प्रार्चाय अवनीश उपाध्याय, चैरा इंटर काॅलेज के अध्यापक यशवंत उपाध्याय सहित सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्रामीणों में हर्ष का माहौल – इस पाले में कंबल पाकर हम काफी हर्षित महसुस कर रहे हैं। इस ठंड में कंबल की हमें सख्त आवश्यकता थी। आज हमें यह मिल भी गया। यह परिवार हम गरीब लोगों के लिए सदैव सोचता और करता है। उक्त बातें गांव की बुजुर्ग वृद्ध महिला राधिका ने कही।