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आखिर शिक्षक ही क्यों है बनना चाहती है ये अंधी बच्ची

Blind girl's dream to become a teacherमंदसौर – महुवा की राधा बैरागी अब जायेगी देवास पड़ने,मंदसौर में व्यवस्था नही। ईश्वर ने उसे आँखे तो नही दी पर वो शक्ति जरूर दी जो एक सामान्य  बच्चे में होती हे,उसका होसला उसकी जिद व पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर कोई भी अचंभित हो जाता है। जी हां हम बात कर रहे है । तीतरोद से तिन किलोमीटर की दूरी पर बसे गांव महुवा की एक ऐसी लड़की की जिसकी आँखे बचपन से ही नही है पर उसके कुछ कर गुजरने की हिम्मत से पूरा गांव उसकी मदद के लिए खड़ा है ।अब राधा भी पढ़ कर शिक्षक बनना चाहती है ।

महुवा की राधा पिता मोहनदास बैरागी जन्म से अंधी है और पढ़ाई कर रही है । राधा के पिता मोहन दास मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है। राधा के जूनून व जिद से उनकी हिम्मत भी बड़ी और उसे पढ़ाने की ठानी इस कार्य में गांव के शिक्षक , ग्रामवासी भी अपनी और से मदद करते रहे ।अभी आए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल परिणाम में राधा ने 70% प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की ।

बचपन से राधा की पढ़ाई गांव के शिक्षको के सहयोग से हुई है । भोपाल के मयुरी नामक एनजीओ ने राधा के लिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु आडियो केसेट उपलब्ध करवाई जिसकी मदद से राधा ने पढ़ाई ,गणित विषय में दिक्क़त होने के कारण राधा ने संगीत विषय लेकर अपनी पढ़ाई की। तीन विषय में विशेष योग्यता भी राधा को प्राप्त हुई। मन्दसौर जिले में ब्लाइंड बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई व्यवस्था नही है इसलिए राधा की आगे की पढ़ाई देवास में होगी।

उमरिया जिले के कलेक्टर हे प्रेरणा मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के कलेक्टर कृष्ण गोपाल तिवारी पूरी तरह ब्लाइंड है ।। 2008 बेच के उक्त अधिकारी की प्रथम पोस्टिंग नरसिंहपुर अपर कलेक्टर के पद पर हुई थी जिसके बाद मण्डला के जिला पंचायत सीईओ का दायित्व मिला और वर्तमान में उमरिया जिले के कलेक्टर है । जो राधा की सबसे बड़ी प्रेरणा है उसका कहना है की जिसकी आँखे नही वो कलेक्टर बन सकते है तो में भी शिक्षक बन सकती हूँ ।

सरकार की मदद से राधा का सपना हो सकता है पूरा 

देश के प्रधानमन्त्री जी प्रतिदिन प्रतिभाओ को आगे लाने की बात करते है । प्रदेश के मुखिया भी बेटियो की उन्नति व सम्मान दिलाने के लिए प्रयासशील है। राधा के परिवार वालों का मानना है की अगर सरकार राधा को पढ़ने में मदद करें तो वह भी पढ़ कर शिक्षक बनने का अपना सपना पूरा कर सकती है।

रिपोर्ट :- प्रमोद जैन 

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