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कांग्रेस मुक्त नहीं कांग्रेस युक्त है त्रिपुरा की बीजेपी सरकार, जानिए कैसे

अगरतला : त्रिपुरा में 25 साल से वाम दल की सरकार के बाद बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार का शपथ ग्रहण संपन्न हो गया। विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत के बाद त्रिपुरा में पार्टी की नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ। अगरतला के असम राइफल्स मैदान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने त्रिपुरा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके अलावा जिष्णु देव वर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

सीएम बिप्लब कुमार देब, डिप्टी सीएम जिष्णु देव वर्मा के अलावा जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें रतनलाल नाथ, नरेंद्र चंद्र देब बर्मा, सुदीप रॉय बर्मन, प्रांजित सिंह रॉय, मनोज कांति देब, मेवाड़ कुमार जमातिया का नाम शामिल है। त्रिपुरा की भाजपा सरकार में मंत्री बनने वाले कई नेता पूर्व कांग्रेसी रहे हैं, जानिए किस-किस ने ली मंत्री पद की शपथ..

सीएम पद की शपथ लेने वाले बिप्लब कुमार देब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनका जन्म उदयपुर में हुआ। वो पश्चिम त्रिपुरा की बनमालीपुर सीट विधायक चुने गए। त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से 1999 में ग्रेजुएट किया। बिप्लब देब समाजसेवा के काम करते रहे हैं। उनकी साफ-सुथरी छवि है। उनके खिलाफ कोई भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है। उन्होंने हलफनामे में अपनी कुल प्रॉपर्टी 5.85 करोड़ बताई है।

जिष्णु देव वर्मा को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई है। जिष्णु देव वर्मा बीजेपी के जनजाति मोर्चा के प्रदेश संयोजक हैं। फिलहाल वो बीजेपी के विधायक नहीं है। त्रिपुरा में बीजेपी की जीत में उन्होंने काफी मेहनत की। जिसकी वजह से उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया।

आदिवासी संगठन IPFT के अध्यक्ष एनसी देबबर्मा ने मंत्री पद की शपथ ली है। उनकी पहचान प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता के तौर पर है। विधानसभा चुनाव में एनसी देबबर्मा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। खास तौर से आदिवासी सीट पर जिस तरह से बीजेपी ने इस चुनाव में जीत दर्ज की, उसमें एनसी देबबर्मा का रोल बेहद अहम रहा। उन्होंने त्रिपुरा में ऑल इंडिया रेडियो में भी काम किया है।

पांचवीं बार विधायक बने रतनलाल को बिप्लब देब मंत्रीमंडल में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस बार रतनलाल बीजेपी से विधायक बने हैं, इससे पहले चार बार वो कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। स्पीकर की रेस में उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है। उनकी छवि दमदार और साफ-सुथरे नेता के तौर पर मानी जाती है।

सुदीप रॉय बर्मन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सुदीप रॉय बर्मन कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं। बीजेपी विधायक सुदीप रॉय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद वो पहले टीएमसी में शामिल हुए, हालांकि चुनाव से ठीक पहले वो बीजेपी में आ गए। बीजेपी के टिकट में चुनाव लड़ के विधायक बनें और अब उन्हें मंत्री बनाया गया है

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज कांति देब को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। मनोज कांति देब चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में आए। उनकी पहचान युवा नेता के तौर पर होती है। मनोज कांति देब कांग्रेस के टिकट पर एक बार विधायक भी रहे हैं।

IPFT के जनरल सेक्रेटरी और विधायक मेवाड़ कुमार जमातिया को नई सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। मेवाड़ कुमार जमातिया पूर्व में उग्रवादी संगठन से जुड़े थे हालांकि बाद में उन्होंने सरेंडर कर दिया। उन्होंने IPFT का दामन थामा, इस बार के विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

संताना चकमा, बिप्लब देब मंत्रीमंडल में इकलौती महिला मंत्री हैं। त्रिपुरा में मजबूत पकड़ रखने वाली चकमा जनजाति में उनकी अच्छी पकड़ की वजह से उन्हें टिकट मिला। त्रिपुरा में चकमा जनजाति के करीब दो लाख वोटर हैं। चकमा जनजाति में उनकी अच्छी पकड़ की वजह से उन्हें मंत्री बनाया गया।

प्रांजित सिंह रॉय को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वो चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए और अब उन्हें मंत्री बनाया गया है। प्रांजित सिंह रॉय साल 2013 में कांग्रेस पार्टी से विधायक थे, लेकिन 2016 में वो टीएमसी से जुड़ गए। 2017 में वो बीजेपी में शामिल हुए।

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