नई दिल्ली: कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के लिए आज घोषणा पत्र (Congress Manifesto) जारी किया। कांग्रेस के घोषणा पत्र को जारी करते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी देश की सुरक्षा पर फोकस करेगी। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पॉवर एक्ट यानी अफस्पा (AFSPA) में संशोधन का वादा किया है। कांग्रेस के इसी वादे पर बीजेपी ने हमला बोला है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अफस्पा की समीक्षा के वादे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कांग्रेस अध्यक्ष को, जो जवान देश की सीमा पर लड़ रहे हैं, उनको आप बल देना चाहते हो या उनका मनोबल गिराना चाहते हो।’ आज जारी किए गए कांग्रेस के घोषणा पत्र के मुताबिक, सुरक्षा की जरूरतों और मानवाधिकार को देखते हुए कानूनी प्रावधानों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

कांग्रेस के मेनिफेस्टो के मुताबिक, सशस्त्र बलों (विशेष शक्ति) अधिनियम, 1958 में से यौन हिंसा, गायब कर देना और यातना के मामलों में प्रतिरक्षा जैसे मुद्दों को हटाया जायेगा ताकि सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच संतुलन बना रहे। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (जो की देशद्रोह के अपराध को परिभाषित करती है) जिसका कि दुरूपयोग हुआ, और बाद में नये कानून बन जाने से उसकी महत्ता भी समाप्त हो गई है उसे खत्म किया जायेगा।

कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस घोषणा पत्र में ऐसी बातें हैं जो देश को तोड़ने वाली हैं और देश की एकता के खिलाफ हैं। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि वे घोषणा पत्र में कह रहे हैं कि आईपीसी से सेक्शन 124-A हटा दिया जाएगा, यानी देशद्रोह करना अब अपराध नहीं है। बता दें कि अफस्‍पा (AFSPA) यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पॉवर एक्ट साल 1958 में पहली बार अस्तित्‍व में आया था। इसके तहत सुरक्षाबलों और सेना को कुछ विशेष अधिकार मिले हुए हैं। इसे डिस्टर्ब क्षेत्रों में लागू किया जाता है।