सत्ता के लिए राम का नाम लेना भाजपा का असली चेहरा और चरित्र : कांग्रेस

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कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले को स्वीकार करेगी। पार्टी ने राम मंदिर को लेकर तीस सालों से राजनीति कर रही भाजपा पर निशाना साधा है।

साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आस्था और भक्ति का मजाक उड़ा रहे भाजपाइयों के लिए भगवान से सद्बुद्धि मांगी है।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी का सदैव ही मत रहा है सुप्रीम कोर्ट के अंतर्गत राम मंदिर-बाबरी मस्जिद को लेकर जो कानूनी प्रक्रिया चल रही है हम उसका सम्मान करते हैं, सभी फैसले स्वीकार करेंगे। साथ ही हम उम्मीद करते हैं कि जो भी फैसला आएगा सरकार उसे लागू करेगी।

प्रियंका ने कहा लगातार तीस साल से राम मंदिर के मुदद को लेकर भाजपा अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा राम मंदिर के नाम पर देश की जनता को बरगलाने और भ्रमित करने का षडयंत्र करती रही है और बेनकाब हुई है, भाजपा के मुंह में राम है लेकिन दिल में नाथूराम है।

‘सत्ता के लिए राम का नाम लेना भाजपा का असली चेहरा और चरित्र’

बीते बीस सालों में नौ साल केंद्र में वाजपेयी जी समेत साढ़े चार साल की मोदी सरकार है लेकिन हर चुनाव में यही कोशिश रहती है कि भगवान श्रीराम के नाम पर कैसे वोट बटोरे जा सकते हैं। जब सत्ता में आते हैं तो कैकेयी की तरह श्रीराम को बनवास भेज देते हैं। जब चुनाव के छह महीने शेष रहते हैं तो वोट बटोरने के लिए फिर भगवान श्रीराम याद आ जाते हैं। सत्ता पाने के लिए राम का नाम लेना इनका असली चेहरा और चरित्र है।

कांग्रेस ने राहुल गांधी की शिवभक्ति, मंदिर दर्शन और आस्था को लेकर मजाक उड़ाने पर भाजपाइयों के लिए भगवान से सद्बुद्धि देने को कहा है। वहीं शास्त्रों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि ईश्वर की भक्ति में बाधा डालने वाले पाप और श्राप के भागीदार होंगे।

प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी के पैदल केदारनाथ और कैलाश मानसरोवर की यात्रा से अधर्मी लोग बौखलाए हैं उनके पेट में पीड़ा हो रही है। अब जब कांग्रेस अध्यक्ष ने चित्रकुट से मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की शुरूआत की है तो भाजपाइयों की छपपटाहट दिख रही है। हाथ जोड़कर अनुरोध है कि भाजपा नेता विचलित न हों घबराएं नहीं संयम और मर्यादा बनाए रखें।