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इन ऐप्स को अपने मोबाइल से तुरंत करें डिलीट, वरना हो सकता है

सिक्युरिटी एक्सपर्ट सोफोस (Security Expert Sophos) के मुताबिक ऐसे 15 मैलवेयर का पता चला है जो कि एंड्रॉयड फोन यूज़र्स के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

गूगल प्ले स्टोर पर लिस्टेड इन 15 ऐप्स को तुरंत फोन से डिलीट करने की हिदायत दी गई है।

इन ऐप्स में मैलीशियस सॉफ्टवेयर (Malicious Software) हैं जो कि यूज़र्स के फोन से सारा डेटा चुरा (Major Data Breach) सकते है।

रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से कुछ ऐप तो अपने आपको नुकसान न पहुंचाने वाले (Harmless) टूल के रूप में सिस्टम में छिपा लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें डिटेक्ट कर पाना भी मुश्किल होता है।

दरअसल, इनमें से अधिकतर ऐप्स डिस्टर्बिंग ऐड के रूप में दिखते हैं जो कि समय समय पर फोन स्क्रीन को ब्लॉक कर देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 13 लाख फोन में इनमें से एक न एक ऐप ज़रूर इन्स्टॉल किया गया है।

आपकी जानकारी के लिए हम इन ऐप्स की लिस्ट बता रहे हैं। अगर आपने भी अपने फोन में इनमें कोई ऐप डाउनलोड कर रखा है तो इसे तुरंत डिलीट कर दें-

• इमेज प्रोसेसिंग (ImageProcessing)

• फ्लैश ऑन कॉल्स ऐंड मैसेजेस (Flash On Calls & Messages)

• रेंट क्यूआर कोड (Rent QR Code)

• इमेज मैजिक (Image Magic)

• जेनरेट एल्व्स (Generate Elves)

• क्यूआर आर्टिफैक्ट (QR Artifact)

• फाइंड योर फोन (Find Your Phone)

• बैकग्राउंड कटआउट (Background Cut Out)

• फोटो बैकग्राउंड (Photo Background)

• ऑटो कट आउट (Auto Cut Out)

• ऑटो कट आउट (Auto Cut Out 2019)

• सेवएक्सपेंस (SavExpense)

• स्कैवेंजर स्पीड (Scavenger Speed)

• ऑटो कट आउट प्रो (Auto Cut Out Pro)

आगे रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कुछ ऐप जब इन्स्टॉल किए जाते हैं तो वे एक मैसेज भेजते हैं कि वे डिवाइस के साथ कम्पैटिबिल नहीं हैं।

सोफोस के एक प्रवक्ता ने बताया कि अगर किसी को लगता है कि अभी जो ऐप इन्स्टॉल किया गया है उसका आईकन (App icon) छिपा हुआ है और आईकन ट्रे (Icon tray) में दिख नहीं रहा है तो इसे डिलीट करने के लिए यूज़र्स को पहले ‘सेटिंग्स’ में जाना होगा इसके बाद ‘ऐप्स एंड नोटीफिकेशन’ में जाना होगा जहां ये दिख जाएगा।

यहां पर हाल ही में ओपन किए गए सारे ऐप लिस्ट में ऊपर ही दिख जाते हैं। आगे प्रवक्ता ने बताया कि अगर इन ऐप्स में से कोई जेनेरिक आईकन शो कर रहा है तो यूज़र्स को सबसे पहले उसे ‘फोर्स स्टॉप’ करना होता है इसके बाद ‘अनइन्स्टॉल’ करना होता है।

रियल सिस्टम ऐप में ‘अनइन्स्टॉल’ के बजाय ‘डिसएबल’ का एक बटन होता है जिसे डिसएबल करने की ज़रूरत नहीं होती है।

इससे बचने का एक और तरीका है किसी ऐप को डाउनलोड करने के पहले सारे रिव्यूज़ पढ़ लें ताकि इसके बारे में और ज्यादा अंदाज़ लग सके।

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