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भोपाल में फैले तनाव के बीच ये दो युवक बने शांतिदूत

भोपाल। पुराने भोपाल में फैले तनाव की आंच नए भोपाल तक भी पहुंचने लगी थी। ऐसे में जोगीपुरा निवासी हेमंत जोगी (35) और उनके साथी यूनुस खान उर्फ गुड्डू (40) ने एक शुरुआत की। यह शुरुआत थी शांति और एक-दूसरे पर विश्वास की।

दोनों ने तत्काल अपने दोस्तों के साथ लोगों के घर-घर जाकर उन्हें अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की। इसमें दोनों दोस्तों ने बुजुर्गों की भी मदद ली।

टेंटहाऊस का बिजनेस करने वाले हेमंत बताते हैं कि जब भी कभी कोई बात बिगड़ जाती थी, तो हमारे बुजुर्ग हमारे बीच सलाह करवा देते थे। अफवाह फैलाते लोगों को देख यही बात सोच मैंने यूनुस भाई से संपर्क किया। वे भी मेरे साथ हो लिए। देखते ही देखते हम दो से 100 तक पहुंच गई।

इस दौरान सभी ने दो-दो के ग्रुप में बरखेड़ी, पातरा रोड, तलैया और सेंट्रल लाइब्रेरी के इलाकों में लोगों से संपर्क किया। यहां प्रापर्टी डीलर यूनुस खान ने बताया कि वह अब भी 1992 को नहीं भूल पाए हैं। जो दर्द सहा है, वह और किसी को नहीं होने देंगे, इसलिए हमने एक साथ मिलकर लोगों को समझाया कि अगर कोई बाहरी आकर यहां कुछ भी गलत करता है या अफवाह फैलाता है, तो उसे बाहर कर दें। उसकी बातों में न आएं। यूनुस और हेमंत ने लोगों से अपील की है कि हम सब एक हैं और यह एकता ऐसे ही बनी रहनी चाहिए।

आईजी ने की एडीजी से बात तब बंद हुआ इंटरनेट

वहां तो स्थिति संभल जाती है, जहां विवाद होता है, लेकिन दूसरे जगहों के हालत बिगड़ जाते हैं, क्योंकि उन्हें सच्चाई पता ही नहीं होती है। वह केवल अफवाहों के कारण भड़क जाते हैं। इसमें वाट्सअप और सोशल मीडिया बड़ी भूमिका निभाते हैं।

समझाइश देने वालों से कहीं अधिक आपत्तिजनक फोटो और गलत सूचनाएं बिना किसी पुष्टि के दूसरों को पोस्ट कर देते हैं। यही कारण रहा कि मंगलवार रात पुराने शहर में उपद्रवियों से निपटने के बाद आईजी ने तत्काल इंटरनेट बंद करवा दिया। इसके लिए उन्होंने एडीजी से बात की। उसके बाद भोपाल शहर में सभी कंपनियों की इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे रात 1 बजे के बाद अफवाहों का दौर खत्म हो गया।

लगातार 20 घंटे ड्यूटी, 3 हजार जवान तैनात

कोहेफिजा, कोतवाली, शाजहांनाबाद, टीलाजमालपुरा, मंगलवारा, हनुमानगंज, तलैया इलाक सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जबकि छोला मंदिर और गौतम नगर में कुछ जगहों पर तनाव रहा। मंगलवार रात 9 बजे से शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस, आरएएफ और सीआरपीएफ के 3 हजार जवान तैनात किए गए हैं। आईजी से लेकर सिपाही तक सभी 20-20 घंटे की लगातार ड्यूटी पर हैं। इसके बाद उन्हें अधिकतम 4 घंटे का आराम दिया जा रहा है।

तोड़फोड़ था सिर्फ मकसद

पुराने भोपाल में तनाव के दौरान असामाजिक तत्वों ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचा गया। उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ तोड़फोड़ थी। इस दौरान कर्फ्यू वाली माता के मंदिर, कबाड़खाना, स्टेट बैंक चौराहा, हमीदिया रोड, फतेहगढ़, सिंधी मार्केट रोड, गुर्जरपुरा रोड, पीरगेट और नूरमहल रोड पर ज्यादा तोड़फोड़ और गदर किया गया। स्टेट बैंक चौराहा स्थित शराब की दुकान में भी तोड़फोड़ की।

पांच मामले दर्ज

घटना के बाद कोतवाली थाने में 5 मामले दर्ज किए गए। इनमें से गुर्जरपुरा रोड पीरगेट पर करीब दर्जनभर लोगों ने एक युवक की बाइक जला दी थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर अज्ञात 12 लोगों पर मामला दर्ज किया है। इसके अलावा कोहेफिजा टीआई की श्ािकायत पर सरवर, अजहर, सलीम, सूफियान, सददाम, भूरू, मौलाना, अब्बास, अनिस, साहिद, सकील, मेहफूज व अन्य 400-500 और भानू, खटीक, सूरज ठाकुर, अरविंद, मनीष, नीरज व अन्य पर पुलिस पर पथराव करने, तोड़फोड़, बलवा और धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा दो अन्य मामलों में कोतवाली टीआई ने अपनी तरफ से आगजनी और तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस क्यों लगी है

मंगलवार रात पुराने भोपाल के अधिकांश हिस्से में तनाव की स्थिति थी, लेकिन बुधवार को स्थिति सामान्य हो चुकी थी। पुलिस की टुकड़ियां तैनात जरूर थी, लेकिन वह सिर्फ सुरक्षा के लिए। ऐसे में कर्फ्यू वाली माता के मंदिर के बाद बनी चाय नाश्ते की होटल पर नाश्ता कर रहे एक युवक ने पुलिस को देख साथी से पूछा- यहां इतनी पुलिस क्यों लगी है। साथी ने बताया कि यहां रात को गदर हो गया था, लेकिन क्यों हुआ पता नहीं है।

पुलिस के किरदार

आईजी – घटना के बाद आईजी योगेश चौधरी डीजीपी से लेकर मुख्यमंत्री तक से खुद ही फोन पर संपर्क में रहे। वह यहां मौके पर तैनात अधिकारियों से इनपुट लेकर डीजीपी और मुख्यमंत्री को जानकारी देते रहे। इस दौरान मौके पर तैनात सभी अधिकारियों को स्थिति के मुताबिक निर्णय लेने की छूट दी गई थी।

डीआईजी – डीआईजी डॉ.रमन सिंह सिकरवार ने खुद कर्फ्यू वाली माता मंदिर के यहां मोर्चा संभाला। यहां पर दोनों पक्षों के बीच में कलेक्टर के साथ खुद उपद्रवियों के पथराव को झेलते रहे। यदि डीआईजी मौके से हटते तो स्थिति बिगड़ सकती थी।

एसपी- यहां नॉर्थ एसपी अरविंद सक्सेना चौकी इमामबाड़ा और अंदरूनी इलाकें में गश्त करते रहे, जबकि एसपी साउथ सिद्धार्थ बहुगुणा पीरगेट पर मोर्चा संभाले रहे। इसके साथ एसपी हेडक्वार्टर इंदु प्रकाश अरजरिया और चारों एएसपी अलग-अलग प्वाइंट पर डटे रहे।

पूरी तरह विफल रहा खुफिया तंत्र

पूरी घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन का खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल रहा। बीते तीन दिन से पुलिस को विवाद होने की जानकारी थी, लेकिन इसके लिए सिर्फ एक पक्ष की बैठक के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया गया। ऐसे में पुलिस की विफलता यह है कि पुलिस का खुफिया तंत्र यह पता नहीं लगा पाया कि आखिर दोनों पक्षों के अंदर क्या चल रहा है। जबकि इसको लेकर पांच दिन से लगातार बैठकें चल रही थी और पर्चे भी बांटे गए।

किसी के बहकावे में न आए। अफवाहों और सोशल मीडिया पर चलने वाले फोटो, वीडियो और मैसेज को सत्य न माने। शांति बनाए रखें। किसी भी तरह के संदेह और आशंका होने पर पुलिस से संपर्क करें।

@एजेंसी

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