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मेहंदी लगी, दुल्हन बनी जानिए फिर क्या हुआ

चंदा ने बड़े अरमानों से पिया के घर जाने के लिए अपने हाथों में मेहंदी लगाईं और दुल्हन बनकर सात फेरे लेने के तैयार भी हो गई। बारात द्वार पहुंची लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि दुल्हन ने खुद ही शादी करने से इंकार कर बारात वापस लौटा दी।

मंडला – आदिवासी समाज में दहेज़ की कुप्रथा बिरले ही देखने को मिलती है लेकिन मंडला जिलें के बीजाडांडी थाना अंतर्गत एक बारात बिना दुल्हन के वापिस लौटना पड़ा। दरअसल वाक्या बीजाडांडी थाना क्षेत्र के कुकरी गांव का हैं जहां शनिवार – रविवार की दरमियानी रत चरगांवकला से बारात कुकरी पहुंची और बारात आगवानी के बाद रस्म में दुल्हा ने अचानक ही दुल्हन के पिता से एक लाख व कार की मांग की। दुल्हा की बात सुनते ही दुल्हन के पिता के पैरों के नीचे जमीन खिसक गई।

दुल्हन के पिता ने समझने की काफी कोशिश की कि वह इतनी जल्द कहां से कार व पैसों का इंतिज़ाम करें। इससे दहेज़ के लोभी दूल्हा व परिजन नाराज हो गए और बारात वापिस ले जाने की धमकी देने लगे। तब दुल्हन घर के बाहर आई और खुद ही दहेज़ के लोभियों से शादी करने से इंकार करते हुए बरात वापस लौटा दी।

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल मंडला जिले के बीजाडांडी थाने में दुल्हन के लिबास में पहुंची चंदा मरावी। चंदा ने बड़े अरमानों से पिया के घर जाने के लिए अपने हाथों में मेहंदी लगाईं और दुल्हन बनकर सात फेरे लेने के तैयार भी हो गई। बारात द्वार पहुंची लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि दुल्हन ने खुद ही शादी करने से इंकार कर बारात वापस लौटा दी।

आइये अब आपको वाकये से रू ब रू करते है। दरअसल मनेरी के समीप ग्राम चरगांवकला के भगत सिंह मरकाम के पुत्र अशोक मरकाम की शादी मानिकसरा के समीप ग्राम कुकरी के महासिंह मरावी की पुत्री चंदा मरावी के साथ तय हुई और शनिवार को बारात कुकरी पहुंची।

वधुपक्ष के लोगों ने पूरी रीति रिवाज के साथ वरपक्ष का आदर-सत्कार किया और बारात जब घर पहुंची तो द्वारचार के रस्म के दौरान दूल्हा अषोक कुमार मरकाम, पिता भगतसिंह मरकाम, ने एक लाख नगद व कार की मांग करने लगे। जिस पर महासिंह ने हाथ जोड़कर विनती की और तत्काल में पैसों व कार की व्यवस्था न होने की बात कही जिस पर वरपक्ष के सभी नाराज हो गए और बारात वापिस ले जाने की धमकी देने लगे।

मामला बढ़ता देख वधु पक्ष के लोग व ग्राम के बुजुर्गों ने दूल्हा के पिता को समझने की कोशिश की कि अभी विवाह कार्यक्रम पूरा होने दे बाद में बैठ के बात कर लेंगे। लेकिन वे अपनी जिद में अडे रहे और परिवार के लोगों को अपशब्द कहते हुए बारात वापिस ले जाने की धमकी देने लगे। तभी घर से दुल्हन बाहर निकली और दहेज़ के लोभियों को आइना दिखते हुए शादी के इंकार कर दिया और बारात वापस लौटा दिया।
बारात वापस कर दुल्हन ने पिता ने डाॅयल 100 को फोन किया और कुछ ही देर में 100 कुकरी पहुंच गई। वधु पक्ष के लोगों ने उक्त घटना की जानकारी पुलिस को दी तथा कार्यवाही की मांग की लेकिन तब तक वर पक्ष वहां रफूचक्कर हो चूका था। पुलिस वधुपक्ष के लोगों को समझाते हुए सुबह थाने आने की समझाइश देकर लौट आई।

दूसरे दिन दुल्हन मेंहदी लगी उसी जोड़े में थाने पहुंची तथा विस्तारपूर्वक पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इस दौरान लडकी के माता, पिता व परिजन उसके साथ मौजूद थे। बीजाडांडी थाना के सब इंस्पेक्टर भजनलाल बिसेन ने बताया कि दुल्हन की शिकायत पर दूल्हा अशोक कुमार मरकाम, पिता भगतसिंह मरकाम, भाई मुकेश मरकाम, बहिन मोनिका मरकाम, फूफा पुनवा सिंह बरकड़े के विरूद्ध धारा 294, 504, 34 आईपीसी व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
रिपोर्ट @ सैयद जावेद अली

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