खंडवा : मध्यप्रदेश में कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद भी किसानों की आत्महत्या का मामला थम नहीं रही है।आज फिर एक किसान ने अपने ही खेत मे फासी लगा कर आत्महत्या कर ली ।बताया जा रहा हैं कि खण्डवा जिले के पंधाना ब्लॉक ग्राम अस्तरीया में जुवान सिंह पिता गुलाब सिंह जाति भिलाला उम्र 45 वर्ष ने पर करीब चार लाख रुपए का बैंक का कर्ज था। कर्ज के चलते बेटे की सगाई नहीं हो पाना और खेत मे लगे बोरवेल मैं पानी सूखने के कारण फसल खराब होने के चलते जुवान सिंह डिप्रेशन में था। आज सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों में गए तो उन्होंने देखा कि खेत मे लगे पेड़ पर रस्सी के जरिये फाँसी पर जुबान सिंग की लाश लटकी हुई थी । ग्रामीणों ने तुरंत 100 डायल पुलिस को सूचना दी । पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टर्मार्टम के लिए भेज मर्ग कायम कर लिया। इधर किसान की आत्महत्या पर राजनीति भी गर्माने लगी हैं।

मध्यप्रदेश में कर्ज माफ़ी के एलान के बाद भी एक किसान ने कर्ज से परेशान हो कर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पंधाना के ग्राम अस्तरीया में रहने वाला आदिवासी किसान जवान सिंह ने सोसाइटी और बैंक से कर्ज ले रखा था। लेकिन खेत ने बोरिंग सूखने से फसल ख़राब हो गई। फसल ख़राब होने से जवान सिंह पर कर्ज का भोझ बढ़ गया जिसके चलते उसके छोटे बेटे की सगाई केंसिल हो गई। मृतक जवान सिंह के बड़े बेटे ने बताया की वे काम के सिलसिले में महाराष्ट्र में रहा हैं। एक दिन पहले उसने जब उसके पिता से बात कर छोटे भाई की सगाई के लिए आने की बात कही तो उसके पिता ने यह कहकर मना कर दिया की कर्ज अधिक होने से लड़की वालों ने शादी करने से मना कर दिया हैं। शायद इसी वजह से उसके पिता ने ये खतरनाक कदम उठाया होगा।

इधर मृतक के बड़े भाई गुलाब सिंह ने प्रदेश की नई सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक बैंको का कर्ज रेगुलर भरता था पर नई सरकार जब बनी तो कहा की 2018 में जिसने लोन लिया है उसका कर्ज माफ़ नहीं होगा उसी बात को लेकर जवान सिंह परेशान था और इस परेशानी की वजह से ही उसने आत्महत्या कर ली।

वहीं मौके पर पंहुची तहसीलदार राधा महंत ने कहा की मृतक के पास एक एकड़ अस्सी डिसमिल जमीन हैं जिसपर गेहूं की फसल लगाई हैं। तहसीलदार ने इसे कर्ज से मौत ना मान कर कहा कि मृतक शराब पीता था शायद इस वजह से ये कदम उठाया होगा। हालांकि उन्होंने इस बात को मना कि किसान पर बैंक का कर्जा था। पर मृतक डिफाल्टर था या नहीं इस पर बोलने से बचती नजर आई।

किसान की आत्महत्या से मौत के बाद राजनीति भी गरमा गई। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक और कांग्रेस नेता दोनों ही मृतक के घर पहुंचे और सांत्वना दी। भाजपा से पंधाना के विधायक राम दंगोरे ने सरकार पर आरोप लगाया की कर्ज माफ़ी की घोषणा की पर वह अपने इस निर्णय पर खरी नहीं उतर पाई हैं , उन्होंने कहा कि में ऐसे निर्णय और घोषणा की निंदा करता हूँ। उन्हने कहा की कर्ज के चलते आज एक किसान ने जान दी हैं। इसके लिए प्रदेश की नई सरकार जिम्मेदार हैं। विधायक दंगोरे ने कहा की कर्जमाफी की घोषणा में पात्र शब्द जोड़ कर कांग्रेस की सरकार किसानों को बेवकूफ बना रही है हम इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे

इधर मृतक के घर पहुंची कांग्रेस नेता छाया मोरे ने भाजपा विधायक पर पलटवार करते हुए कहा की पूर्व की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वचन दिया था और सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ़ किया। उन्होंने कहा कि अभी तो सरकार को दस दिन ही हुए हैं भाजपा जल्द बाजी में आरोप लगा रही है। कांग्रेस नेत्री ने कहा की वे मृतक के परिवार वालों से बात कर पता करेंगे की घटना का मूल कारण क्या हैं। मृतक को सरकार की और से मदद दिलाने का हरसंभव प्रयास भी किया जाएगा।