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सुशील कुमार के खिलाफ क्यों हुई एफआईआर

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल के दौरान हुई झड़प मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुये ट्रायल के दौरान सुशील के समर्थकों अौर उनके प्रतिद्वंद्वी प्रवीण राणा के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी।

सुशील और उनके समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सुशील और उनके समर्थकों तथा एक अन्य पहलवान प्रवीण राणा और उनके समर्थकों के बीच मारपीट की यह घटना अगले साल आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में होने वाले 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हुए ट्रायल के दौरान शुक्रवार को केडी जाधव स्टेडियम में हुई थी।

दिल्ली पुलिस ने प्रवीण के भाई नवीन राणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। सुशील और समर्थकों पर आईपीसी की धारा 323 और 341 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर एक साल की सजा, एक हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।

राणा का कहना है कि सुशील और समर्थकों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और साथ ही आने वाले प्रो रेसलिंग लीग में हिस्सा नहीं लेने देने की भी धमकी दी है। सुशील इस साल प्रो रेसलिंग लीग में हिस्सा ले रहे हैं।

राणा ने अपनी शिकायत में कहा है कि सुशील के समर्थकों ने उन्हें सिर्फ इसलिए मारा क्योंकि वह सुशील के खिलाफ रिंग में उतरे। सुशील ने सेमीफाइलन में राणा को हराया लेकिन इसके बाद सुशील के समर्थकों ने राणा और उनके बड़े भाई पर हमला कर दिया।

मध्य दिल्ली के उपायुक्त मंदीप सिह ने सुशील तथा उनका समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। सिंह ने कहा कि झगड़े के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुशील तथा उनके समर्थकों ने राणा के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई है।

यहां बताना जरूरी है कि लंदन ओलम्पिक में रजत तथा बीजिंग ओलम्पिक में कांस्य जीतने वाले 34 साल के सुशील ने कुछ सप्ताह पहले दक्षिण अफ्रीका में आयोजित राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप में राणा को ही हराकर स्वर्ण पदक जीता था।

साथ ही साथ राणा उन तीन पहलवानों में शामिल हैं, जिन्होंने बीते महीने आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में सम्मान के नाम पर सुशील को वॉकओवर दिया था। सुशील बाद में राष्ट्रीय चैम्पियन बने थे।

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