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जीएसटी पर गंभीर चिन्तन जरुरी

Check out this simple chart On GST Billलखनऊ- यूपी में जीएसटी को लागू करने में पड़ने वाले प्रभावों के बारे में आम चर्चा करने हेतु छोटे व्यापारियों, बड़े व्यापारियों, उद्योगपतियों, संभ्रांत नागरिकों एवं अधिवक्ताओं को आमंत्रित कर एक कार्यशाला का आयोजन जल्द ही किया जायेगा।

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GST के सम्बन्ध में यूपी के मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने प्रमुख सचिव वाणिज्य कर एवं वित्त को निर्देश दिये है। मुख्य सचिव ने जीएसटी को प्रदेश के हित में लागू करने से पहले गंभीर चिन्तन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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प्रदेश के विकास में व्यापारियों, उद्योगपतियों एवं संभ्रांत नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो इसके मद्देनज़र मुख्य सचिव ने यहाँ जारी अपने निर्देश में कहा है कि, यूपीएसआईडीसी, उद्योग, विकास प्राधिकरणों सहित अन्य सम्बन्धित विभागों से मत प्राप्त कर आवश्यकतानुसार एक मास्टर प्लान बनाया जाये।

क्या है जीएसटी ?
जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर भारत में बहुप्रतीक्षित विधेयक है, जिसमें एक अप्रैल 2016 से पूरे देश में एकसमान मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाने का प्रस्ताव है। इस कर को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कहा गया है। ये अप्रत्यक्ष कर होगा जो पूरे देश में निर्मित प्रोडक्ट्स और सेवाओं के विक्रय और उपयोग पर लागू होगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
अगर जीएसटी लागू होता है तो विसंगतियों को दूर करके कर प्रशासन को अत्यंत सरल बना देगा। केंद्र और राज्य वस्तुओं और सेवाओं पर निर्धारित और एक समान टैक्स लगा सकेंगे। कर विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा एक प्रतिशत के अतिरिक्त अंतरराज्यीय कर को हटाने के प्रस्ताव से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुगम होगा और भ्रम समाप्त होगा।
रिपोर्ट- @शाश्वत तिवारी




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