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गुजरात: दलित हिंसा के बाद तनाव बढ़ा, हेड कांस्टेबल सहित 2 की मौत

Gujrat Dalit Protest Violence News In Hindiराजकोट- गुजरात में अहमदाबाद सहित इसके कई हिस्सों में आज दलित प्रदर्शनों में हिंसा हुई जिसमें पथराव के दौरान एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई और राज्य की सरकारी परिवहन बसों पर हमला किया जबकि समुदाय के तीन और सदस्यों ने कथित रूप से खुदकुशी का प्रयास किया जिसमें एक की मौत हो गई।

ये दलित गुजरात के उना स्थित गिर-सोमनाथ जिले में कथित तौर पर एक गाय का चमड़ा उतारने को लेकर 11 जुलाई को दलित समुदाय के लोगों पर बर्बर ढंग से हमला करने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

पुलिस ने बताया, ‘‘अमरेली कस्बे में गए स्थानीय अपराध शाखा के हेड कांस्टेबल पंकज वहां हुए पथराव में घायल हो गए। लेकिन राजकोट अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों सहित 10 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। ’’

पुलिस ने बताया कि तीन युवकों ने जूनागढ़ जिले के बातवा कस्बे में स्थित अपने निवास स्थान पर जहर खाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया। बाद में उनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, कल के हमले के विरोध में राजकोट के गोंडाल और जामकांडोरना में सात दलित युवकों ने खुदकुशी का प्रयास किया, जबकि राज्य परिवहन बसों के क्षतिग्रस्त किए जाने और बीती रात से सौराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से और समूचे जूनागढ़, जामनगर, राजकोट और अमरेली जिलों में सड़कों को जाम किया गया।

राजकोट जिले के धोराजी कस्बे में एक बस को आग लगा दी गई और कुछ अन्य को क्षतिग्रस्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से राजकोट में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) के बस स्टैंड में तोड़ फोड़ की।

सुरेंद्रनगर जिले में आंदोलनकारियों ने राजमार्ग के बीचों बीच मरी गाय का कंकाल रखकर जाम लगाया।

तनावपूर्ण स्थिति और प्रदर्शनकारियों के सड़कों को लगातार जाम करने को देखते हुए राज्य सड़क परिवहन विभाग ने पोरबंदर और दूसरे इलाकों से बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है।

पुलिस ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीती रात राजकोट में प्रवेश कर रही अहमदाबाद-वेरावल ट्रेन पर भी पथराव किया जिससे सहायक ड्राइवर घायल हो गया।

राजकोट के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने कहा, ‘‘ऐसी खबरें थीं कि बीआरटीएस की बसों में दलित समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। कई सार्वजनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। ’’ उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है और राजकोट में आज कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

विपक्षी कांग्रेस ने उना घटना को लेकर उच्च न्यायालय के पीठासीन न्यायमूर्ति से जांच कराने की मांग की।

गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने ट्वीट किया, ‘‘गुजरात में दलितों की रक्षा के लिए अधिकारियों की नाकामी निश्चित रूप से चौंकाने वाली है। क्या यही गुजरात मॉडल है? इस वक्त स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। ’’ इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

उना कस्बे के गिर-सोमनाथ जिले में पिछले सप्ताह दलित युवकों की बर्बर पिटाई के विरोध में आज गुजरात के दलित पैंथर्स ने कल से राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

‘जन संघर्ष मंच’ और ‘दलित मूवमेंट ऑफ इंडिया’ सहित विभिन्न संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है।

गुजरात दलित पैंथर्स के महासचिव राहुल परमार ने कहा, ‘‘उना कस्बे में दलितों पर अत्याचार के विरोध में गुजरात दलित पैंथर्स ने कल से गुजरात बंद का अह्वान किया है। दस से अधिक संगठनों ने हमारे आह्वान का समर्थन किया है। ’’ इधर, गुजरात के पाटीदार कोटा आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने उना घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलितों का आज समर्थन किया।

जेल से रिहाई के बाद उदयपुर में रह रहे पटेल ने कहा कि दलितों ने शोषण का सामना किया है और उनकी मांगें जायज हैं।

गुजरात पुलिस पर निशाना साधते हुए पटेल ने कहा कि पुलिस ने राज्य सरकार के आदेश पर काम किया और इससे पहले उन्होंने पटेल समुदाय का शोषण किया था।

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