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जानिए एक साल में योगी सरकार ने कैसे बदली यूपी की तस्वीर

लखनऊ : लोकतंत्र जबरन नहीं, बल्कि लोकलाज से चलता है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, इसलिए यहां का विधान मण्डल लोकतांत्रिक संस्थाओं को किस प्रकार सुदृढ़ कर रहा है, इस पर सभी की दृष्टि रहती है। यूपी विधानसभा के जारी बजट सत्र में आज मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण के सम्बन्ध में धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 19 मार्च को प्रदेश सरकार के कार्यकाल एक वर्ष पूर्ण हो जाएगा। इस एक वर्ष के दौरान राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश का वातावरण बदला है। देश में प्रदेश की छवि किस तरह बदल गई है, यह 21 व 22 फरवरी, 2018 को सम्पन्न उ0प्र0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 में साफ तौर दिखायी दिया है। यूपी में पहली बार 1074 से अधिक एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित हुए हैं तथा 4 लाख 67 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने यह एक वर्ष में करके दिखाया है। महाभारत के एक श्लोक का सन्दर्भ देते हुए उन्हांेने कहा कि प्रदेश में हो रहे सकारात्मक बदलाव की सच्चाई को विरोधी इसलिए स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि अच्छे को स्वीकार करने की उनकी प्रवृत्ति ही नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का आधार मत, मजहब, परिवार आदि नहीं बल्कि गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, महिला, नौजवान आदि हैं, जो हमेशा से उपेक्षित रहे हैं। राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और इनके हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य के सम्बन्ध में नोटिफिकेशन 24 जनवरी, 1950 को जारी हुआ था। इस वर्ष 24 जनवरी को पहली बार आधिकारिक रूप से प्रदेश का स्थापना दिवस राज्य सरकार द्वारा मनाया गया। इस आयोजन को स्मरणीय और प्रेरणादायी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा इसी दिन ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना लागू की गई। प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पाद की ब्राण्डिंग कर प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना लागू की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संचालित अनेक योजनाओं यथा, मुद्रा योजना, स्टैण्डअप योजना, स्टार्टअप योजना, डिजिटल इण्डिया आदि योजना के साथ सामंजस्य एवं समन्वय के साथ लागू करके, इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के तीव्र विकास के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का जो क्लस्टर आवश्यक है, प्रदेश में उसकी सम्भावना पहले से ही थी। किन्तु पूर्ववर्ती राज्य सरकारों की गलत नीतियों के कारण उसका विकास नहीं हो सका। मुरादाबाद में पीतल का काम, फिरोजाबाद का कांच, लखनऊ का चिकन, अलीगढ़ के ताले सहित विभिन्न जनपदों के ऐसे ही विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य होना चाहिए था, पूर्ववर्ती सरकारों ने उसकी उपेक्षा की। वर्तमान राज्य सरकार ने इन्हें बढ़ावा दिया है। इस तरह से राज्य सरकार ने लोक कल्याण संकल्प-पत्र में प्रदेश के परम्परागत उद्यमों को बढ़ावा देने के वादे को भी पूरा किया है।

योगी ने कहा कि वर्तमान समय का भारतवर्ष दुनिया की एक नई ताकत तथा सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। पूरी दुनिया में आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत के लिए लोग उमड़ पड़ते हैं। ऐसे भारत के सम्बन्ध में विभाजनकारी बात करना निन्दनीय है। भारत अखण्ड है और अखण्ड रहेगा। इसको खण्डित करने की सोच रखने वाली शक्तियांे को नष्ट कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 8 लाख 85 हजार तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत लगभग ढाई लाख आवास प्रदेश के गरीब, दलित और पिछड़े लोगों को उपलब्ध कराए हैं। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 65 लाख निःशुल्क गैस कनेक्शन, 50 हजार से अधिक मजरों का विद्युतीकरण तथा 25 लाख से अधिक निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। साथ ही, 34 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। यह सुविधाएं पारदर्शी व्यवस्था के तहत प्रदेश के गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को ही उपलब्ध कराई गई हैं।

योगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले साल बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर की जयन्ती के अवसर पर पूरे प्रदेश में समान रूप से बिजली आपूर्ति व्यवस्था लागू की। वर्तमान में जिला मुख्यालयों में 24 घण्टे, बुन्देलखण्ड और तहसील मुख्यालयों में 20 घण्टे तथा ग्रामीण इलाकों में 18 घण्टे बिजली आपूर्ति हो रही है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 11 महीने में एक भी साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। सभी पर्व एवं त्योहार खुशी और शान्तिपूर्वक मनाए गए हैं। इस बार होली और जुमा एक ही दिन था। राज्य सरकार ने प्रयास करके जुमे की नमाज के समय को थोड़ा आगे बढ़वाया। इससे दोनों कार्यक्रम बिना किसी बाधा अथवा अव्यवस्था के सम्पन्न हो गए। मुख्यमंत्री जी ने उन सभी धर्मगुरुओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने दोनों कार्यक्रमों को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए नमाज के समय को आगे बढ़ाया।

योगी ने कहा कि प्रदेश में तीर्थाटन और पर्यटन विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। राज्य में काशी, अयोध्या, चित्रकूट, मथुरा जैसे तीर्थ हैं। प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के विकास की सम्भावनाओं को देखते हुए अयोध्या में ‘दीपोत्सव’, मथुरा में ‘रंगोत्सव’ के आयोजन के साथ उनके द्वारा चित्रकूट की भी यात्रा की गई। आध्यात्मिक के साथ ही, प्रदेश में ईको और हेरिटेज टूरिज्म की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। इसके दृष्टिगत उनके द्वारा आगरा की यात्रा भी की गई। दुधवा नेशनल पार्क में अन्तर्राष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल का स्वयं उन्होंने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों और पर्यटकों के लिए सभी व्यवस्थाएं आॅनलाइन उपलब्ध कराने जा रही है। इससे पारदर्शिता आएगी और प्रदेश के विकास के नए अवसर खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने पर गन्ना किसानों का वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2017-18 का 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया था। पूर्ववर्ती सरकारों ने औने-पौने दाम पर चीनी मिलें बेची। जबकि वर्तमान सरकार बन्द चीनी मिलों के संचालन के साथ-साथ नई चीनी मिल भी स्थापित कर रही है। गोरखपुर के पिपराइच, बस्ती के मुण्डेरवा में नई चीनी मिल दी गई है। रमाला, मोहिउद्दीनपुर के साथ बुलन्दशहर की चीनी मिल को प्रारम्भ किया गया है। वर्तमान सत्र में 119 चीनी मिलें चलायी गई और यह संख्या आने वाले नए सत्र में और बढ़ेगी। वर्तमान पेराई सत्र में अब तक 15 हजार 30 करोड़ रुपए का भुगतान गन्ना किसानों को करवाया गया है। शेष गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

योगी ने कहा कि खाद्यान्न का रिकार्ड उत्पादन एक साल के अंदर करने का प्रयास हुआ है। नीयत साफ हो तो प्रकृति भी साथ देती है और प्रकृति और परमात्मा की कृपा उत्तर प्रदेश पर है। वर्ष 2016 में धान का 143.96 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था। वर्ष 2017 में 154.42 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ। पहली बार हुआ है कि गेहूं का समर्थन मूल्य से अधिक प्रति कुंतल 10 रुपए अतिरिक्त दिया गया। रिकार्ड 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं का क्रय किया गया। नए सत्र में 5500 स्थानों पर नए क्रय केन्द्र स्थापित करने की तैयारी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तो किसानों के खाते में आरटीजीएस से पैसा जा रहा है। राज्य सरकार ने आॅनलाइन सारी व्यवस्था की है। उत्तर प्रदेश में पहली बार 43 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय भी हुआ है। पहली बार प्रदेश के अंदर आलू का समर्थन मूल्य घोषित हुआ है। राज्य सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के अन्तर्गत 01 मार्च से 31 मार्च, 2018 तक 2 लाख मीट्रिक टन आलू क्रय के लिये 549 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से समर्थन मूल्य घोषित किया है। राज्य सरकार ने यूपीएग्रो, पीसीएफ, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ एवं केन्द्र सरकार के नेफेड आदि के माध्यम से पूरे प्रदेश में क्रय केन्द्र स्थापित करने की कार्यवाही भी प्रारम्भ की है। प्रदेश के अंदर शासन की कार्यपद्वति में पूरी पारदर्शिता के लिए 20 विभागों को ई-आफिस से जोड़ा जा चुका है, शेष विभागों को जोड़ने की प्रक्रिया तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। प्रयास है 01 अप्रैल, 2018 से प्रदेश के अंदर ई-आफिस की व्यवस्था लागू करवा दी जाए। जनता को इससे बहुत लाभ होगा। इससे दलाली, गुंडागर्दी आदि सब अपने आप रुकेगी।

योगी जी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने डार्क जोन में भी ट्यूबवेल के कनेक्शन की मंजूरी देकर इसको ओपेन कर दिया है। सरयू नहर परियोजना वर्ष 1978 में प्रारम्भ हुयी थी। इस योजना पर अब तक लगभग 9000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, फिर भी यह परियोजना अधूरी पड़ी हुयी है। वर्तमान सरकार ने सरयू नहर परियोजना हेतु जमीन अधिग्रहण के लिये पूरी धनराशि उपलब्ध करवा दी है। नाबार्ड से 2450.67 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस पूरी परियोजना को दिसम्बर, 2019 तक पूर्ण करने की योजना है। इसके पूर्ण होने पर बहराइच, श्रावस्ती, गोण्डा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, संतकबीरनगर, महराजगंज और गोरखपुर जनपदों की 14 लाख 40 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचन योग्य हो जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाणसागर परियोजना के लिए कार्य-योजना तैयार कर ली गई है। मध्य गंगा नहर परियोजना के लिये भी नाबार्ड से 3310.81 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। इस योजना के पूर्ण होने पर प्रदेश के अंदर 1.46 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो जायेगी। अर्जुन सहायक परियोजना से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के हमीरपुर, महोबा और बांदा जनपदों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना के लिये भी धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। देश के अन्दर एक समय कहीं बाढ़ होती है, कहीं सूखा होता है। बाढ़ और सूखे की समस्या का समाधान हो सके इसलिए अटल जी ने नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ करने की बात की थी। राज्य सरकार प्रदेश के अंदर केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। इस सम्बन्ध में मध्य प्रदेश के साथ बातचीत अंतिम स्तर पर चल रही है। इस योजना से बांदा, महोबा, झांसी जनपद लाभान्वित होंगे।

योगी ने कहा कि मण्डी समिति की सड़कों को बनाया गया है। पी0डब्ल्यू0डी0 ने भी अपनी सड़कों को तैयार किया है। पहले चरण में गड्ढामुक्त सड़कें और अब सड़कों के नवीनीकरण के बाद 2-लेन, 4-लेन, 6-लेन की सड़कों का कार्य भी प्रदेश के अंदर प्रारंभ हो चुका है। यह कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्हांेंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 37 लाख गरीबों को राशन कार्ड उपलब्ध करवाये हैं। इनमें 1 लाख से ऊपर अन्त्योदय के हैं। लगभग 30 लाख फर्जी राशन कार्ड निरस्त कराए गए हैं। सरकार कार्य कर रही है और मजबूती के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट योजना के अन्तर्गत बहुत अच्छा कार्य किया गया है। इसके तहत 6 लाख युवाओं ने नामांकन करवाया। इनमें से ढाई लाख पासआउट हुए, जिनमें 1 लाख 40 हजार का प्लेसमेण्ट भी करवाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मेें लोक सेवा आयोग से भी नियुक्ति की प्रक्रिया बहुत पारदर्शी तरीके से प्रारम्भ की गई है। वर्तमान सरकार ने ग्रुप-3 और ग्रुप-4 नौकरियों में इंटरव्यू की प्रथा समाप्त कर दी है। प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को नौकरी के पूरे अवसर दिए जाएंगे। प्रदेश के नौजवानों के साथ कोई भेद-भाव नहीं होगा। पुलिस विभाग में सबइंस्पेक्टर की पहली भर्ती संपन्न हो चुकी है और पुलिस कांस्टेबल की भर्ती प्रारम्भ हो गयी है। लगभग 68 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। उच्चतर शिक्षा आयोग ने कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है। सुरक्षा में पी0ए0सी0 के योगदान को देखते हुए इसकी समाप्त कर दी गई 54 कंपनियां को फिर से गठित किया जा रहा है। प्रदेश की 22 करोड़ जनता को सुरक्षा प्रदान करना हमारा नैतिक दायित्व है। प्रदेश सरकार इस दायित्व का निर्वहन कर रही है।

योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने भू-माफियाओं से 52 हजार हेक्टेयर लैण्ड मुक्त करायी है और आगे भी करायेंगे। खनन माफिया पर लगाम लगायी गयी है। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर भारतीय को तिरंगे पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। अपने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर, अपने महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महापुरुषों के नाम पर होने वाली छुट्टियां समाप्त करके स्कूल, काॅलेज, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने की व्यवस्था की है। इससे बच्चों, वर्तमान पीढ़ी को अपने महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। वर्तमान प्रदेश सरकार नया पाठ्यक्रम निर्धारित कर रही है। इसमें भारत की ऋषि परम्परा को, संतों की परम्परा को, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जिन्होंने अनुकरणीय कार्य करने वाले महापुरुषों को स्थान दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में संत रविदास, बाल्मीकि, बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर सहित देश की स्वाधीनता के लिये लड़ने वाले सभी महापुरुषों जैसे लाखन पासी, झलकारी बाई, ऊदा देवी, महाराज सुहेल देव, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि को शामिल किया गया है।

योगी ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि राज्य सरकार से 1 करोड़ 54 लाख बच्चों को दो यूनीफार्म, बैग, पुस्तकें, जूते-मोजे आदि समयबद्ध ढंग से मिले हैं। वर्ष 2014 में हुई अतिवृष्टि का मुआवजा नहीं मिल पाया, क्योंकि वह लैप्स हो गया था। वर्तमान सरकार ने ओलावृष्टि के तीसरे दिन ही किसानों को मुआवजा उपलब्ध करा दिया। ऐसा पहली बार हुआ है कि तीसरे दिन किसानों को मुआवजा मिला। उन्होंने स्वयं दूसरे दिन बैठक ली और तीसरे दिन मुआवजा राशि जिलों में भेजकर वितरण शुरू हो गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1910 और 1920 के समय जंगल लगाने के लिए अंग्रेजों ने वनटांगिया गांव बसाये थे। आजाद भारत में वन्य कानून बनने के बाद इन गांवों को सभी प्रकार की सुविधाओं से वंचित कर दिया गया था। उनके लिए सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, चिकित्सालय कुछ भी नहीं था। यहां तक कि राशन एवं वोटिंग राइट भी नहीं था। ऐसी लगभग 65 बस्तियां प्रदेश में हैं। प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में 1556 ऐसे गांवों को चिन्हित किया है, यह बस्तियां अति दलित, अति पिछड़ी जाति की हैं। यह गांव बहराइच, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बुन्देलखण्ड क्षेत्र तथा विन्ध्याचल मण्डल में हैं। यहां पर आजादी के बाद कोई कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार ने इन वन्य गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देने की कार्यवाही प्रारम्भ की है। गोरखपुर मंे पांच, महाराजगंज में 18 गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर सभी योजनाओं से आच्छादित किया जा चुका है। इसके अलावा, गोण्डा के पांच चिन्हित गांवों को भी राजस्व गांव का दर्जा शीघ्र ही दिया जाएगा।

योगी jने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नई योजना मुख्यमंत्री आवास योजना ही लागू की है। इसके माध्यम से उन गरीबों को जिनके मकान बाढ़, अग्निकाण्ड आदि से ध्वस्त हो जाते हैं, को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में पहली बार पशु आरोग्य मेले लगे हैं। प्रदेश में 552 नगर निकायों के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग सम्पन्न कराए गए। पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा रहे हैं। सारे कार्य शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे हैं। किसान की खुशहाली के लिए प्रदेश सरकार ने 21 कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे। इनमें से कुछ बनने प्रारम्भ हुए हैं कुछ को भारत सरकार स्वीकृति दे रही है। शेष पर कार्य चल रहा है।

@शाश्वत तिवारी

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