मध्य प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से बेहतर बताने वाले मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बहुचर्चित बयान को लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह ने सोमवार को उचित ठहराया।

उन्होंने कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विरोधियों को सूबे की सड़कों की इस प्रशंसा से समस्या है तो वे राज्य से बाहर निकल जाएं।

रामपाल सिंह ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री ने पिछले साल अपने अमेरिका दौरे में वॉशिंगटन में सड़कों के मामले में इंदौर की तारीफ की थी। अगर मध्य प्रदेश की सड़कों की इस तारीफ से हमारे विरोधियों को कठिनाई होती है तो वे यह राज्य छोड़ दें और यहां नहीं रहें। क्या तारीफ करना कोई गलत बात है?’

विपक्ष ने खराब सड़कों को बनाया है मुद्दा

विधानसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होने के बीच बीजेपी के विरोधी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के उस बयान को लेकर कटाक्षपूर्ण पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने सूबे की सड़कों को अमेरिका से बेहतर बताया था। इन पोस्ट के साथ राज्य की कुछ बदहाल सड़कों की तस्वीरें और विडियो भी जोड़े जा रहे हैं।

इस बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर लोक निर्माण मंत्री ने कहा, ‘आप इंदौर एयरपोर्ट के पास की सड़क का फोटो देख लें और वॉशिंगटन की उस सड़क का फोटो देख लें, जिससे मुख्यमंत्री गुजरे थे। आपको असलियत का पता चल जाएगा।’

उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती दिग्विजय सिंह सरकार (दिसंबर 1993 से दिसंबर 2003) पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में पूरे प्रदेश की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गईं थीं।

सिंह ने कहा, ‘हमारी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सड़कों, पुलों आदि का गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरी प्रमाणिकता से किया जा रहा है। अब ऐसे लोग (कांग्रेस नेता) हमसे सवाल कर रहे हैं तो आगामी विधानसभा चुनावों में जनता ही उनको जवाब देगी।’

‘ड्राइवरों के नशे के कारण होते हैं ऐक्सिडेंट’

सड़कों के गड्ढों के कारण होनेवाली मौतों के मामले में मध्य प्रदेश के देश के शीर्ष राज्यों की सूची में शामिल होने की खबरों के सवाल पर लोक निर्माण मंत्री ने कहा, ‘चालकों के नशे में होने और अन्य कारणों से सूबे की सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। हमारा विभाग स्थिति की समीक्षा कर इस सिलसिले में सही आंकड़े पेश करेगा।’

इससे पहले उन्होंने बंगाली चौराहे पर 29.47 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फ्लाईओवर का भूमिपूजन किया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष और स्थानीय सांसद सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं।