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मुंबई- भारतीय सेना में ‘सहायक’ सिस्टम पर सवाल उठाने वाले सेना के जवान रॉय मैथ्यू की महाराष्ट्र के देवलाली कैंट की एक बैरक में गुरूवार को उनके कमरे में पंखे से लटके मिले शव पर सेना ने कहा कि रॉय मैथ्यू को अपनी गलती का एहसास हुआ होगा और अपने वरिष्ठ लोगों पर लगाए गए झूठे आरोपों के चलते खुद को शर्मिंदा महसूस करते हुए उसने यह कदम उठाया होगा। सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि स्टिंग ऑपरेशन में क्योंकि रॉय मैथ्यू की पहचान गुप्त थी। इसलिए उनके खिलाफ जांच नहीं होगी।

भारतीय सेना में ‘सहायक’ सिस्टम पर सवाल उठाने वाले सेना के जवान रॉय मैथ्यू की रहस्यमय हालात में हुई मौत पर उनकी पत्नी फिनी रॉय ने कहा है कि रॉय ने कुछ दिनों पहले फोन किया था और कह रहे थे कि समाचार चैनल मेरी तस्वीर दिखा रहे हैं। इतना ही कहते रॉय मैथ्यू फोन पर ही रो रहे थे। रॉय मैथ्यू की पत्नी ने समाचार न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि मैं जानना चाहती हूं उनको क्या हुआ।

वहीं अपनी बेटे की मौत पर रोते हुए पिता ने कहा कि न हमारे पास पैसा है और नही राजनीतिक पहुंच। कोई मदद नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि आखिर मेरे बेटे को क्या हुआ। भारतीय सेना में ‘सहायक’ सिस्टम पर सवाल उठाने वाले सेना के जवान रॉय मैथ्यू की रहस्यमय हालात में मौत हो गई है। मैथ्यू का शव महाराष्ट्र के देवलाली कैंट की एक बैरक में गुरूवार को उनके कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला।

डॉक्टरों का कहना है कि मैथ्यू की मौत तीन दिन पहले हो चुकी है। उनका शरीर सड़ चुका है। पिछले दिनों मैथ्यू ने एक न्यूज वेबसाइट के स्टिंग ऑपरेशन में सेना में ‘सहायक’ सिस्टम को लेकर सवाल खड़े किए थे। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि मैथ्यू पिछले 13 सालों से सेना में थे और गनर के तौर पर तैनात थे। न्यूज वेबसाइट के वीडियो में मैथ्यू साथी जवानों के साथ अपने अफसरों के कुत्तों को घुमाते हुए और उनके बच्चों को स्कूल ले जाते हुए दिखाई दिए थे। इस वीडियो में बाद भारतीय सेना में अंग्रेजों से समय से चली आ रहे सहायक सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए थे। सूत्रों का कहना है कि मैथ्यू 25 फरवरी से अपनी यूनिट से लापता थे।

ये है पूरा मामला
आपको बता दें कि 13 जनवरी को भारतीय सेना के जवान लांस नायक प्रताप सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने कहा था कि सेना के अधिकारी उनसे अपने घर के काम करवाते हैं। इसके कुछ दिनों बाद एक जवान ने एक न्यूज वेबसाइट से संपर्क किया और अपनी बात बताई। इसके बाद वेबसाइट ने स्टिंग कर वीडियो जारी किया। बताया जा रहा है कि जवान मैथ्यू तभी से मानसिक दबाव में था। जवान का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की तरफ से एक आदेश जारी हुआ था, जिसके अनुसार कोई भी सहायक किसी अधिकारी के कुत्तों को घुमाने या बच्चों का ख्याल रखने का काम नहीं करेगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि सहायक किसी अधिकारी की निजी गाड़ियों की सफाई या धुलाई नहीं करेगा। [एजेंसी]