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न्यूयार्क- ब्रेल प्रिंटर का निर्माण करने वाला 13 वर्षीय भारतीय मूल का नन्हा बालक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस प्रिंटर को नेत्रहीनों के लिए आसानी से ऐक्सेसबल बनाने के लिए विंडोज के साथ इंटीग्रेट करने की योजना बनायी गयी है साथ ही इसे नवंबर माह तक लांच करने की तैयारी है।

कैलीफोर्निया के सांता क्लारा में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले शुभम बनर्जी को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के टेक फेयर आयोजन में अपने ब्रेगो 2.0 प्रिंटर को शोकेस करने के लिए निमंत्रित किया गया था। बनर्जी ने ब्रेल के प्रिंट निकालने के लिए कम लागत की मशीनें विकसित की। यह नेत्रहीनों के लिए एक टैक्टाइन लिखने की प्रणाली है।

माइक्रोसॉफ्ट ब्लॉग पोस्ट में बनर्जी ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट के साथ हमारा रिश्ता उन नेत्रहीनों के लिए कारगर साबित होगा जो घर पर कंप्यूटर की चाहत रखते हैं या ऑफलाइन पढ़ने के लिए डॉक्यूमेंट प्रिंट लेना चाहते हैं।

बनर्जी ने आगे बताया, ‘टेक फेयर में हिस्सा लेना और माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम करना काफी अद्भुत अनुभव है और मैं प्रिंटर को विंडोज टेक्नोलॉजी के साथ इंटीग्रेट करने के तरीके देख रहा हूं। मैंने इस वर्ष नवंबर माह में इसे लांच करने की तैयारी की है।

इस मशीन का इस्तेमाल ब्रेल के रीडिंग मैटिरियल का प्रिंट निकालने में किया जाता है। इसमें इंक के बजाय रेज्ड डाट का इस्तेमाल होता है। इसे पीसी या इलैट्रॉनिक उपकरण से निकाला जा सकता है।

बनर्जी इस प्रिंटर के लिए 500 डॉलर या उससे कम की कीमत का लक्ष्य रखा है ताकि नेत्रहीनों के लिए काम करने वाले संगठन आसानी से इसका उपयोग कर सकें। अपने पिता नील बनर्जी से सपोर्ट लेते हुए शुभम इस प्रोडक्ट पर काम करता है साथ ही अपनी पढ़ाई व अन्य क्रियाकलापों पर भी फोकस करता है। एजेंसी

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