Innovation: एक दिन की प्रिंसिपल बनी ये छात्रा, ऐसे चलाई स्कूल

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खंडवा : आप ने अब तक एक दिन का सीएम और एक दिन का पुलिस कमिश्नर तो सुना होगा लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं एक दिन की प्रिंसिपल के बारे में। जी हां एक दिन कीप्रिंसिपल…. दरसअल खंडवा के उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों को मोटिवेट करने के लिए ये नवचार किया जा रहा हैं। जिससे छात्रों में पढ़ाई की लगन और एक स्वस्थ प्रतियोगिया में बढ़ोतरी हुई हैं। स्कुल के प्रचार्य का मानना हैं कि ऐसे करने से छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता हैं। इसलिए तिमाही परीक्षा में पुरे स्कुल ने टॉप नंबर लाने वाली छात्रा को एक दिन का प्रिंसिपल बनया हैं।

खंडवा की उत्कृष्ट विद्यालय में आज एक छात्रा को एक दिन के लिए प्रिंसिपल बनाया गया । एक दिन के लिए बनी प्रिंसिपल छात्रा 12 वी कक्षा में पड़ने वाली हर्षिता विश्वकर्मा है। हर्षिता ने तिमाही की परीक्षा में क्लास में टॉप किया इसलिए स्कूल प्रबंधन ने इन्हें एक दिन का प्रिंसिपल बनाया । स्कूल प्रबंधन ने ये नवाचार छात्र छात्रों को प्रेरित करने के लिए क्या जिससे सभी छात्र अच्छी पढ़ाई कर अच्छे नंबर से पास हो । हर्षिता के एक दिन के लिए प्रिंसिपल बनने पर इसके परिजन बहुत खुश है ।

उत्कृष्ट विद्यालय खण्डवा में एक दिन के लिए तिमाही परीक्षा में प्रथम आने पर एक बालिका को स्कूल का प्राचार्य बनाया गया है । प्राचार्य बनकर छात्रा ने आज झंडा फहराया , प्रार्थना में बतौर प्राचार्य शामिल हुई और क्लास रूम का निरीक्षण कर बच्चो और शिक्षकों से बात कर उनको आने वाली समस्या को जानने का प्रयास किया ।

वर्तमान प्राचार्य रमेश कुमार सेन का कहना है कि हमने नवाचार करते हुए तिमाही परीक्षा में 91 प्रतिशत लाने पर एक दिन के लिए प्राचार्य बनाया है । बच्चो के बीच स्वास्थ्य प्रतिस्पर्धा होती रहे । हमने स्कूल में यह घोषणा की थी कि जो बच्चा परीक्षा में प्रथम आएगा उसे एक दिन के लिए प्राचार्य बनाया जाएगा । हर्षिता ने 12 वी में प्रथम आई तो उसे आज एक दिन का प्राचार्य बनाया गया है । आने वाले दिनों में 11 वी , 10 वी और 9वी में प्रथम आने वाले छात्र छात्रओं को प्राचार्य बनाया जाएगा । हर्षिता ने आज दिन भर की गतिविधियों में बतौर प्राचार्य शामिल हुई ।

एक दिन की प्राचार्य बनकर हर्षिता बहुत खुश है , आज झंडा फहराया , प्रार्थना में बतौर प्राचार्य शामिल हुई और क्लास रूम का निरीक्षण कर बच्चो और शिक्षकों से बात कर उनको आने वाली समस्या को जानने का प्रयास किया । हमारे प्राचार्य का नवाचार बहुत अच्छा लग रहा इससे बच्चों को मोटिवेशन मिलेगा और वह अच्छे से पड़ेंगे ।

हर्षिता के पिता वासुदेव विश्वकर्मा सामान्य परिवार से है। पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहे है और बच्चों को शिक्षा दिलवा रहे है । इनका एक बेटा बीकॉम कर रहे है और हर्षिता 12 वी में इतना उम्दा परफॉर्मेंस दे रही है । एक दिन के प्राचार्य बनने पर पिता इसका श्रेय स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों को दे रहे है । अपनी बच्ची के प्रिंसिपल बनने पर गर्व महसूस कर रहे है ।

@जावेद खान