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विश्व मातृभाषा दिवस: भाषाओं का खत्म होना एक अपूरणीय क्षति – संदीप भट्ट

खंडवा : स्पंदन समाज सेवा समिति द्वारा “विश्व मातृभाषा दिवस” आयोजित किया गया .इसमें समाज सेवा संस्था के प्रातिनिधी , पत्रकार और अन्य बुद्धिजीवी उपषित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री सीमा प्रकाश ने किया। क्रायक्रम के मुख्य वक्ता माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविध्यालय के प्राचार्य संदीप भट्ट थे। उन्होंने कहा कि हजारों भाषाएँ किस प्रकार विलुप्त होने की कगार पर हैं। भाषाओँ का खत्म होना एक अपूरणीय क्षति होती है। उन्होंने बच्चों को बहुभाषी बनाने पर जोर दिया।

इसी क्रम में अपने व्याख्यान के दौरान विकास संवाद के मीडिया फेलो सुमत अवस्थी ने ध्यान दिलाया कि हजारों बोली और भाषाएँ किस प्रकार लुप्त होने का खतरा झेल रही हैं। बच्चे आज की शिक्षा व्यवस्था में अन्य भाषाओँ में पढने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया की राज्य सरकार ने कोरकू और निमाड़ी भाषा में शिक्षा विभाग द्वारा तैयार शिक्षण सामग्री के बारे में बताया। उन्होंने इस दिशा में नीतिगत और प्रशासनिक पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम को संबधित करते हुए लायनेस सुश्री अनीता पिल्लै ने उदहारण देते हुए बताया कि किस प्रकार राजस्थान में हूमड समाज के लोग सामूहिक रूप से पण बोली को जिन्दा रखने के प्रयास कर रहे हैं। आकाशवाणी खंडवा के आकाशवाणी केंद्र के उद्घोषक निमिष भंसाली ने भी अपने विचार रखे .कार्यक्रम को सुश्री राजकिशोरी तिग्गा, निकिता नागोरी और निवेदिता तिवारी ने भी संबोधित किया। सभी प्रतिभागियों ने भाषा के सान्क्शन का संकल्प लिया। स्पंदन के प्रकाशजी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव रखा गया।

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