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आईपीएल  स्पॉट फिक्सिंग पर लोढा समिति ने कड़ा फैसला सुनाते ‌हुए चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व सीईओ गुरुनाथ मयप्‍पन पर आजीवन क्रिकेट से दूर रहने का फैसला सुनाया है।

चेन्नई सुपर किंग्स के टीम अधिकारी मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में सट्टेबाजी के दोषी करार दिए गए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने दोषियों मयप्पन और कुंद्रा तथा उनकी फ्रेंचाइजियों के लिए सजा निर्धारित करने के लिए 22 जनवरी को पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोढ़ा, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक भान और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर रवींद्रन वाली एक समिति गठित कर दी थी।

लोढ़ा समिति ने मार्च में मयप्पन और कुंद्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सजा के सिलसिले में उनकी प्रतिक्रिया मांगी थी। मयप्पन बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और चेन्नई सुपर किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी इंडिया सीमेंट्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद हैं।

इससे पहले सर्वोच्‍च अदालत ने बीसीसीआई के सस्पेंडड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर व्यवसायिक हितों के चलते बीसीसीआई का चुनाव लड़ने से पांबदी लगा दी थी। इसके साथ ही आईपीएल की दो टीमें राजस्‍थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग के सहमालिकों राज कुंद्रा और गुरुनाथ मयप्पन को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी माना।

जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सजा तय करने के लिए तीन जजों की एक कमेटी बनाई थी जो इनके भविष्य का फैसला करेगी। स्पॉट फिक्सिंग मामले में कोर्ट ने टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी कठघरे में खड़ा किया था।

स्पॉट फिक्सिंग के मामले में जब कुंद्रा और मयप्पन को गिरफ्तार किया गया ‌था, उस वक्त धोनी का नाम भी इस मामले में उछला था। उस वक्‍त चेन्नई सुपर‌किंग्स टीम के कप्तान होने के साथ ही धोनी श्रीनिवासन की इंडिया सीमेंट कंपनी में उपाध्यक्ष थे। जांच अधिकारियों ने धोनी से भी पूछताछ की थी।

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