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आतंकी संगठन ISIS का कुरान से कोई वास्ता नहीं :मजीद

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मुंबई [ TNN ] आतंकी संगठन आईएसआईएस का सदस्य बनने के बाद शनिवार को देश वापस लौटे युवक आरिब मजीद ने कबूल किया है कि आईएस से जुड़ने से पहले तो वह इसकी विचारधारा से काफी प्रभावित था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसका संगठन से मोहभंग हो गया। राष्ट्रीय जांच दल (एनआईए) की पूछताछ में मजीद ने बताया कि उसे टॉयलेट साफ करने का भी काम दिया गया था। उसने कहा कि अभी भी करीब 13 भारतीय आईएस के लिए लड़ रहे हैं। मजीद का नार्को टेस्ट और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए एनआईए कोर्ट में आवेदन देने की तैयारी में है। इन टेस्ट से कई खुलासे हो सकते हैं।

मजीद ने बताया कि आईएस की ओर से लड़ने वालों में और भी कई भारतीय शामिल हैं, जिनकी संख्या 13 हो सकती है। मजीद के साथ उसके तीन दोस्त भी आईएस में शामिल होने ईराक गए थे, जो अभी तक लौट कर नहीं आए हैं। मजीद ने भी अभी तक इनके बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी है। संदेह है कि ईराक से लापता हुए 39 भारतीय भी आईएस की गिरफ्त में हो सकते हैं।

मजीद की मानें तो भारत में भी आईएस का लंबा नेटवर्क फैला हुआ है, जिसके जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आईएस में शामिल होने के लिए उकसाया जाता है। उसने बताया कि छात्रों को आईएस से जोड़ने के लिए एक समूह सक्रिय है, जिसने कई छात्रों से संपर्क किया था, मगर ईराक जाने के लिए सिर्फ चार ही राजी हुए। इसके बाद क ल्याण के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने चारों के ईराक जाने की व्यवस्था की। जांच दल अब इस नेटवर्क तक पहुंचना चाह रहा है।

गिरफ्तारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर मजीद की कई तस्वीरें देखी जा रही हैं। मगर कोर्ट में जब पुलिस ने उसके चेहरे से काला नकाब हटाया तो आरिब सभी तस्वीरों से अलग ही दिख रहा था।

मजीद ने जांच में बताया कि आईएस में जाने के बाद कुछ दिनों तक तो उसे और उसके बाकी दोस्तों को एक साथ ही बेसिक टे्रनिंग दी गई, जिसमें एके-47 व हथगोले के साथ अन्य कुछ हथियार चलाना सिखाया गया। इसके बाद शैक्षिक योग्यता के आधार पर सभी दोस्तों को अलग कर दिया गया। सिविल इंजीनियरिंग के छात्र मजीद को आईएस के लिए इमारतों व अन्य निर्माण करने का काम सौंपा गया था।

मजीद की वतन वापसी के बाद उसके साथ गए बाकी तीन दोस्तों के परिजनों में भी एक उम्मीद जागी है। एक दोस्त के पिता ने मजीद के पिता से संपर्क की कोशिश भी की। उन्हें उम्मीद है कि बेटा घर वापस आएगा। मजीद के दोस्तों शहीम टंकी, फहाद शेख और अमन टंडेल के परिजन उससे पूछना चाह रहे थे कि उनका बेटा कैसा है, मगर पुलिस कस्टडी के कारण वे मजीद से संपर्क नहीं कर सके।  -एजेंसी 

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