smokers-lung-ageखंडवा [TNN] शहर सहित ग्रामों भी अब सिगरेट , बिड़ी, शराब का सेवन करना एक फैशन सा बन चुका है। जिसके चलते इन दिनों युवा पीढ़ी के अधिकाश व्यक्ति स्मोकिंग एवं करने वाले पाए जाते है। इस तरह के नशीले पदार्थों का सेवन करने से कई प्रकार की बीमारियाँ होना लगभग तय रहता है। उल्लेखनीय है कि बीड़ी  एवं सिगरेट के बाक्सों पर साफ- साफ लिखा होता है कि यह सेहत के लिए हानिकारक है। बावजूद इसके आम लोगों द्वारा बेखौफ होकर स्मोकिंग एवं हेवी स्मोकिंग की जाती है।  

जिलेभर में युवा पीड़ी का अधिकाश हिस्सा नशे का आदि हो चुका है। जिसके चलते अब छोटे बच्चे भी बिड़ी, सिगरेट, शराब आदि नशीली चीजों की लत सीख रहे है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि एक सिगरेट का सेवन करने से जिंदगी के पाँच मिनट कम हो जाते है। बावजूद इसके युवाओं द्वारा मौत का कारण बनने वाले इन नशीले पदार्थों का सेवन जमकर किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में युवा पीड़ी पूर्णत: नशे की आदि हो जाएगी।

सार्वजनिक स्थानों पर कर रहे स्मोकिंग

ज्ञात हो कि सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान निषेध किया गया है। लेकिन इसके बावजूद भी स्मोकर्स द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर बेखौफ होकर धुम्रपान किया जाता है। वैसे तो शासन द्वारा धुम्रपान निषेध क्षेत्रों में धुम्रपान करने पर 200 का जुर्माना तय किया गया है। मगर विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे स्मोकर्सों के हौसलें बूलंद है। जिले में कई ग्राम तो ऐसे भी जहां पर सार्वजनिक प्रतिक्षालयों पर भी शराबियों, गंजेडिय़ों जैसे असमाजिक तत्वों द्वारा अपना अड्डा बना लिया गया है और यहां जमकर नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। इस ओर भी विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

ऐसे होती है मौत का कारण
तम्बाकू का सेवन से फेफड़े का कैंसर उत्पन्न होता है एवं बर्जर्स सिंड्रोम जैसी खतरनाक बीमारी भी होने की आशंका रहती है। खांसी आना, सीने में दर्द, सांस उखडऩा आदि इसके लक्षण है। स्मोकिंग अस्थमा जैसी बीमारी को आमत्रंण देती है।

साथ ही साथ सेकण्डहैंड स्मोकिंग से तो अस्थमा का अटैक की भी संभावना रहती है। वहीं हेवी स्मोकर्सों के लिए तो यह बीमारी होना लगभग तय ही रहता है।

रिपोर्ट :- नदीम रॉयल 

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